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अमृतसर के मशहूर लंगूर मेले में पहली बार महिलाओं की भी होगी तैनाती, 50 महिला स्वयंसेवक संभालेंगी भीड़
दुर्गियाना मंदिर में रविवार से शुरू होगा 9 दिवसीय लंगूर मेला, हजारों श्रद्धालु और लंगूर की वेशभूषा में बच्चे पहुंचेंगे
अमृतसर के ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर में रविवार से 9 दिवसीय लंगूर मेला शुरू होने जा रहा है। पहली बार पुरुष स्वयंसेवकों के साथ करीब 50 महिलाएं भी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालेंगी।
रविवार से शुरू होगा लंगूर मेला
अमृतसर के प्रसिद्ध दुर्गियाना मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला लंगूर मेला इस बार रविवार से शुरू होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मेले के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे पारंपरिक लंगूर की वेशभूषा में ऐतिहासिक बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
पहली बार महिलाओं को भी मिलेगी जिम्मेदारी
दुर्गियाना मंदिर कमेटी ने इस बार भीड़ प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहली बार पुरुष स्वयंसेवकों के साथ करीब 50 महिला स्वयंसेवकों को भी तैनात किया जाएगा।दुर्गियाना मंदिर कमेटी की अध्यक्ष लक्ष्मी कांता चावला ने बताया कि महिला स्वयंसेवकों को भीड़ व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
रामायण से प्रेरित होकर लिया फैसला
लक्ष्मी कांता चावला के अनुसार, महिलाओं को स्वयंसेवक के रूप में शामिल करने का फैसला रामायण की घटनाओं से प्रेरित है।
उन्होंने बताया कि सीता की निगरानी एक महिला त्रिजटा के नेतृत्व वाली व्यवस्था में होने का उल्लेख मिलता है। इसी तरह भगवान हनुमान के लंका में प्रवेश से पहले लंकिनी ने उनका सामना किया था और वह लंका की सीमा की रक्षा करती थीं।
400 स्वयंसेवक संभालेंगे भीड़
हर साल करीब 400 स्वयंसेवकों को भीड़ प्रबंधन के लिए लगाया जाता है। सभी स्वयंसेवकों को फोटो पहचान पत्र दिए जाते हैं ताकि श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित रखा जा सके और दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
इस बार स्वयंसेवकों को अलग-अलग समूहों में बांटा जाएगा और प्रत्येक समूह की चार घंटे की शिफ्ट होगी। हर स्वयंसेवक को पहचान पत्र दिया जाएगा और उसे अपने निर्धारित क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।
मंदिर कमेटी के स्वयंसेवक पुलिस के साथ मिलकर भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए 650 लंगूर पोशाकें नि:शुल्क
मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं के लिए 650 लंगूर पोशाकें नि:शुल्क उपलब्ध कराई हैं। ये पोशाकें पिछले वर्ष श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में भेंट की गई थीं।
लंगूर मेले की परंपरा के अनुसार बच्चे चमकीले चांदी जैसे रंग के कपड़े, जिन पर लाल रंग की खड़ी धारियां होती हैं, पहनते हैं। इसके साथ वे शंकु आकार की टोपी भी लगाते हैं।
बड़ा हनुमान मंदिर में पहुंचते हैं हजारों बच्चे
नवरात्रों के दौरान बच्चे प्रतिदिन एक बार लंगूर की वेशभूषा में दुर्गियाना मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक बड़ा हनुमान मंदिर में पहुंचते हैं और भगवान हनुमान के समक्ष माथा टेकते हैं।
इस दौरान हजारों बच्चे लंगूर का रूप धारण कर मंदिर पहुंचते हैं, जिससे पूरे परिसर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।
लव-कुश से जुड़ी है मंदिर की मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जहां भगवान राम के पुत्र लव और कुश ने भगवान हनुमान को एक बरगद के पेड़ से बांध दिया था। मान्यता है कि भगवान हनुमान उन्हें अयोध्या वापस ले जाने के लिए वहां पहुंचे थे।
Key Highlights:
- अमृतसर में रविवार से शुरू होगा 9 दिवसीय लंगूर मेला।
- दुर्गियाना मंदिर परिसर में होगा धार्मिक आयोजन।
- पहली बार करीब 50 महिला स्वयंसेवक भी भीड़ संभालेंगी।
- कुल करीब 400 स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी।
- स्वयंसेवकों को चार-चार घंटे की शिफ्ट में जिम्मेदारी दी जाएगी।
- सभी स्वयंसेवकों को फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।
- मंदिर कमेटी ने 650 लंगूर पोशाकें नि:शुल्क उपलब्ध कराई हैं।
- नवरात्रों में हजारों बच्चे लंगूर की वेशभूषा में बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचते हैं।
FAQ Section
Q1. अमृतसर का लंगूर मेला कब शुरू होगा?
लंगूर मेला रविवार से शुरू होगा और यह नौ दिनों तक चलेगा।
Q2. इस बार लंगूर मेले में क्या खास है?
पहली बार करीब 50 महिला स्वयंसेवकों को भी पुरुष स्वयंसेवकों के साथ भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
Q3. मेले में कितने स्वयंसेवक तैनात होंगे?
मंदिर कमेटी के अनुसार हर साल करीब 400 स्वयंसेवक भीड़ और कतार प्रबंधन में सहयोग करते हैं।
Q4. लंगूर मेले में बच्चे क्या पहनते हैं?
बच्चे चमकीले चांदी जैसे रंग के कपड़े, लाल खड़ी धारियों वाली पोशाक और शंकु आकार की टोपी पहनकर बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचते हैं।
Q5. लंगूर मेला कहां आयोजित होता है?
लंगूर मेला अमृतसर के ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर परिसर स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में आयोजित किया जाता है।
Conclusion:
अमृतसर का लंगूर मेला धार्मिक आस्था और पुरानी परंपराओं से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। इस बार मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार महिला स्वयंसेवकों को भी जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। नवरात्रों के दौरान हजारों बच्चों के लंगूर की वेशभूषा में मंदिर पहुंचने से यहां विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा।

