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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में देशभक्ति के रंग में मना स्वतंत्रता दिवस, VC सोम नाथ सचदेवा ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण का किया आह्वान
कुलपति ने कहा- 15 अगस्त 1947 ने भारत को राजनीतिक आजादी के साथ आत्मसम्मान, पहचान और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी दी; युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान की अपील
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन देशभक्ति के उत्साह के साथ किया गया। कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता सेनानियों और सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान को याद किया।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बलिदान को याद किया।
कुलपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 केवल भारत की राजनीतिक स्वतंत्रता का दिन नहीं था, बल्कि इसने देश के आत्मसम्मान, पहचान और बेहतर भविष्य की उम्मीद को भी पुनर्स्थापित किया।
तिरंगे के साथ स्वतंत्रता सेनानियों को किया याद
प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि जब तिरंगा शान से लहराता है तो देशवासियों को उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और महान नेताओं के त्याग की याद आती है, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उन सैनिकों को याद करने का अवसर भी है, जो देश की सीमाओं पर बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में डटे रहते हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
79 वर्षों में भारत ने बनाई वैश्विक पहचान
कुलपति ने कहा कि आजादी के बाद बीते 79 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। इसी अवधि में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और युवाओं को इस जिम्मेदारी को समझना चाहिए।
2047 तक विकसित भारत के लिए युवाओं से आह्वान
प्रो. सचदेवा ने युवा पीढ़ी से 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने रोजमर्रा के जीवन में ‘स्व’ की भावना विकसित करने और विचारों, व्यवस्थाओं, उत्पादों तथा व्यवसायों में स्वदेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा, सामाजिक उत्थान और देश की प्रगति के लिए समर्पित जीवन ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
दयानंद महिला महाविद्यालय में भी मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
कुरुक्षेत्र के दयानंद महिला महाविद्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047” रखी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उपासना आहूजा ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
तकनीक, नवाचार और उद्यमिता पर जोर
डॉ. आहूजा ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए तकनीकी प्रगति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच संतुलन जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमता को पहचानकर उसे रचनात्मक दिशा दें और अपने स्टार्टअप शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ाएं।
Key Highlights:
- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया।
- कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
- उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान को याद किया।
- कुलपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
- उन्होंने विचारों, व्यवस्थाओं, उत्पादों और व्यवसायों में स्वदेशी दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
- दयानंद महिला महाविद्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ।
- इस वर्ष की थीम “युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047” रही।
- प्राचार्य डॉ. उपासना आहूजा ने छात्रों को विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित किया।
- युवाओं से अपनी क्षमता पहचानकर स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की गई।
FAQ Section:
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया गया?
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया। कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और स्वतंत्रता सेनानियों तथा सैनिकों को याद किया।
प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 ने भारत को राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ आत्मसम्मान, पहचान और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी दी।
कुलपति ने युवाओं से क्या अपील की?
उन्होंने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाने और राष्ट्रीय सेवा व सामाजिक उत्थान में योगदान देने की अपील की।
दयानंद महिला महाविद्यालय की स्वतंत्रता दिवस थीम क्या थी?
इस वर्ष समारोह की थीम “युवा शक्ति फॉर विकसित भारत@2047” थी।
डॉ. उपासना आहूजा ने छात्रों को किस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया?
उन्होंने युवाओं को विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता में आगे बढ़ने तथा अपने स्टार्टअप शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
Conclusion:
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और दयानंद महिला महाविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान देश के स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करने के साथ युवा पीढ़ी की जिम्मेदारियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रो. सोम नाथ सचदेवा और डॉ. उपासना आहूजा ने युवाओं से शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्रीय सेवा के जरिए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की।
