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60 किमी पुरानी रोपड़-बालाचौर सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, लोक अदालत ने SBS नगर प्रशासन को भेजा नोटिस
दशकों तक सार्वजनिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल हुई सड़क पर दीवारें, बाड़ और निर्माण का दावा; 21 अगस्त को अगली सुनवाई
रोपड़ और बालाचौर को जोड़ने वाली करीब 60 किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क के कुछ हिस्सों पर निजी लोगों, संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों द्वारा कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थायी लोक अदालत ने SBS नगर के जिला अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
शहीद भगत सिंह नगर (SBS नगर) जिले में रोपड़ और बालाचौर को जोड़ने वाली करीब 60 किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। यह सड़क राजस्व और रक्षा रिकॉर्ड में दर्ज होने के साथ दशकों से लोगों के लिए सार्वजनिक आवागमन का रास्ता रही है। आरोप है कि समय के साथ निजी व्यक्तियों, संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों ने सड़क के कुछ हिस्सों पर दीवारें, बाड़, इमारतें और अन्य ढांचे खड़े कर दिए।
मामला अब स्थायी लोक अदालत (सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं), SBS नगर के सामने पहुंच गया है। यहां दायर याचिका में कथित अतिक्रमण हटाने और पुरानी रोपड़-बालाचौर सड़क को उसके मूल मार्ग पर बहाल करने की मांग की गई है। लोक अदालत ने SBS नगर के जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को निर्धारित की गई है।
पुरानी सड़क पर अतिक्रमण का क्या है आरोप?
10 जुलाई 2026 को दायर याचिका के मुताबिक, पुरानी सड़क ऐतिहासिक रूप से रोपड़ और नवांशहर, जिसे अब शहीद भगत सिंह नगर कहा जाता है, जिलों के कई गांवों और आबादियों को जोड़ती रही है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि सड़क से सटी जमीन पर कब्जा करने वाले कुछ निजी पक्षों ने धीरे-धीरे सड़क के हिस्सों को अपने परिसर का हिस्सा मानना शुरू कर दिया। इसके बाद कई जगह दीवारें खड़ी की गईं, बाड़ लगाई गई और सड़क की जमीन पर निर्माण किए गए।
इन गांवों में अतिक्रमण का दावा
याचिका में जिन गांवों में सड़क के हिस्सों पर कथित अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है, उनमें रेल माजरा, बछवां, जिओवाल, अटारी, ऐमा, बेला ताजोवाल, असरों, तौंसा, बाना, फतेहपुर, नंगल, पोझेवाल, कटवारा, चुहारपुर और सिंहपुर शामिल हैं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि यह सड़क भारत के मास्टर मैप और रक्षा विभाग के नक्शों में भी दर्ज है।
कई जगह सड़क संकरी तो कहीं पूरी तरह बंद होने का आरोप
याचिका के अनुसार, समय के साथ हुए निर्माण और अन्य अवरोधों के कारण सड़क कई स्थानों पर संकरी हो गई, जबकि कुछ हिस्सों में रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इससे सार्वजनिक आवागमन प्रभावित हुआ और सड़क के बड़े हिस्से इस्तेमाल के लायक नहीं रहे।
मामले में राजस्व विभाग द्वारा 2 जुलाई 2014 को विस्तृत सीमांकन भी कराया गया था। सीमांकन रिपोर्ट में कथित तौर पर सार्वजनिक सड़क के अस्तित्व, उसके मूल मार्ग, अतिक्रमण वाली जगहों और निजी पक्षों द्वारा कब्जाई गई सरकारी जमीन का विवरण दर्ज किया गया था।
याचिका में कहा गया है कि इस रिपोर्ट को किसी सक्षम प्राधिकारी ने रद्द नहीं किया, लेकिन इसके बावजूद अब तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई।
2014 की राजस्व रिपोर्ट और 2015 की पुलिस रिपोर्ट का जिक्र
सूत्रों के अनुसार, बालाचौर के तहसीलदार ने जुलाई 2014 में इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद जनवरी 2015 में तत्कालीन SBS नगर SSP ने हाईकोर्ट के समक्ष एक स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की थी।
पुलिस रिपोर्ट में सड़क और उससे सटी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति को लेकर पुलिस, डिप्टी कमिश्नर और राजस्व अधिकारियों के बीच हुए पत्राचार का भी उल्लेख किया गया था।
निरीक्षण के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज स्थिति और मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति के बीच कुछ अंतर भी सामने आने की बात कही गई थी।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा- मामले को देखेंगे
SBS नगर के डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख ने मामले के संबंध में कहा कि उन्हें कथित अतिक्रमण या लोक अदालत में दायर याचिका की जानकारी नहीं है।
जब उन्हें बताया गया कि लोक अदालत की ओर से इस मामले में नोटिस जारी किया गया है, तो उन्होंने कहा कि वह मामले को देखेंगे।
Key Highlights:
- रोपड़-बालाचौर को जोड़ने वाली करीब 60 किमी पुरानी सड़क पर अतिक्रमण का आरोप।
- सड़क राजस्व और रक्षा रिकॉर्ड में दर्ज होने का दावा।
- निजी लोगों, संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों पर सड़क की जमीन पर निर्माण का आरोप।
- स्थायी लोक अदालत ने SBS नगर के जिला अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
- मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।
- 2 जुलाई 2014 को राजस्व विभाग ने सड़क का विस्तृत सीमांकन किया था।
- रिपोर्ट में सड़क का मूल मार्ग और कथित अतिक्रमण वाली जगहों का उल्लेख होने का दावा।
- जनवरी 2015 में तत्कालीन SBS नगर SSP की ओर से हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई थी।
- डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख ने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए जांच की बात कही।
FAQ Section:
पुरानी रोपड़-बालाचौर सड़क कितनी लंबी है?
पुरानी रोपड़-बालाचौर सड़क करीब 60 किलोमीटर लंबी बताई गई है।
सड़क पर किस तरह के अतिक्रमण का आरोप है?
आरोप है कि सड़क के कुछ हिस्सों पर दीवारें, बाड़, इमारतें और अन्य निर्माण खड़े किए गए हैं, जिससे कई जगह रास्ता संकरा या पूरी तरह बंद हो गया।
मामला कहां पहुंचा है?
कथित अतिक्रमण को हटाने और सड़क को उसके मूल मार्ग पर बहाल करने की मांग को लेकर मामला स्थायी लोक अदालत (सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं), SBS नगर के सामने पहुंचा है।
लोक अदालत में याचिका कब दायर हुई?
याचिका 10 जुलाई 2026 को दायर की गई थी।
मामले की अगली सुनवाई कब है?
मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को निर्धारित की गई है।
क्या सड़क का 2014 में सीमांकन हुआ था?
हां। याचिका के अनुसार, राजस्व विभाग ने 2 जुलाई 2014 को सड़क का विस्तृत सीमांकन किया था।
Conclusion:
पुरानी रोपड़-बालाचौर सड़क पर कथित अतिक्रमण का मामला अब लोक अदालत के समक्ष पहुंच गया है। 2014 के सीमांकन और 2015 की पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने सड़क को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की है। अब 21 अगस्त की सुनवाई में प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और कथित अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
