पराली जलाने पर सख्ती, FIR और जुर्माने के निर्देश

करनाल डीसी ने बढ़ती आग की घटनाओं पर लिया कड़ा रुख

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करनाल में बढ़ती पराली जलाने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोषी किसानों के खिलाफ FIR दर्ज कर जुर्माना लगाया जाए।

Anand Kumar Sharma, करनाल के उपायुक्त, ने जिले में बढ़ रही खेतों में आग (पराली जलाने) की घटनाओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने तहसीलदारों और बीडीपीओ (ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर्स) को गांवों में मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

साथ ही एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा करें, आग लगने के कारणों की पहचान करें और आवश्यक कार्रवाई करें।

मिनी सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने गेहूं की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के उपायों की समीक्षा की। बैठक में एडीसी राहुल रैया, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कृषि उपनिदेशक Wazir Singh ने बताया कि 3 मई तक इस वर्ष 172 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि 2025 में इसी अवधि में केवल 45 मामले सामने आए थे।

डीसी ने अधिकारियों से इन घटनाओं के कारणों और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। कई मामलों में बिजली के तारों से निकली चिंगारी को आग लगने का कारण बताया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पराली जलाना जानबूझकर किया गया पाया गया, तो संबंधित किसान के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी कार्रवाई करने में विफल रहे, तो Air Quality Management Commission Act 2021 की धारा 14 के तहत उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने दोहराया कि पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है और इसे रोकना सभी की जिम्मेदारी है।

 
 
Edited By: Karan Singh

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