- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- IPREU का दिल्ली कूच का ऐलान, मांगों को लेकर 22 जुलाई को IOCL मुख्यालय पहुंचेगे रिफाइनरी कर्मचारी
IPREU का दिल्ली कूच का ऐलान, मांगों को लेकर 22 जुलाई को IOCL मुख्यालय पहुंचेगे रिफाइनरी कर्मचारी
भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी, 150 से 200 कर्मचारियों के दिल्ली मार्च की तैयारी; भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी भी होंगे शामिल
इंडियन ऑयल रिफाइनरी एम्प्लॉइज यूनियन (IPREU) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 22 जुलाई को दिल्ली स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के रिफाइनरी मुख्यालय (RHQ) तक मार्च निकालने का फैसला किया है। यूनियन का कहना है कि कई दौर की वार्ता के बावजूद सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है।
मांगों को लेकर IPREU का दिल्ली मार्च, 22 जुलाई को IOCL मुख्यालय पहुंचेगे रिफाइनरी कर्मचारी
इंडियन ऑयल रिफाइनरी एम्प्लॉइज यूनियन (IPREU) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। यूनियन ने घोषणा की है कि 22 जुलाई (बुधवार) को बड़ी संख्या में कर्मचारी दिल्ली स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के रिफाइनरी मुख्यालय (RHQ) तक मार्च करेंगे।
इस बीच, रिफाइनरी टाउनशिप के गेट नंबर-2 के बाहर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल पर बैठे पांच कर्मचारी भी होंगे दिल्ली रवाना
यूनियन के पांच सदस्य—- संपूर्ण सिंह (अध्यक्ष)
- मनोज कटियार
- प्रदीप शर्मा
- पवन चाहल
- ललित कुमार
17 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यूनियन ने बताया कि ये पांचों सदस्य भी दिल्ली मार्च में शामिल होंगे।
यूनियन के अनुसार, करीब 150 से 200 कर्मचारी बसों के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और IOCL के उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।
सोमवार को फिर हुई प्रबंधन से बातचीत
IPREU अध्यक्ष संपूर्ण सिंह ने बताया कि सोमवार को रिफाइनरी प्रशासन के साथ टेलीफोन पर बातचीत हुई।
उनके मुताबिक, प्रशासन ने कर्मचारियों की कुछ मांगों पर सहमति जताने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन यूनियन ने स्पष्ट कर दिया कि सभी लंबित मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
दिल्ली मुख्यालय को भेजा गया पत्र
यूनियन ने IOCL रिफाइनरी, पानीपत के कार्यकारी निदेशक (Executive Director) को पत्र भेजकर दिल्ली मार्च की जानकारी दे दी है।
यूनियन का कहना है कि प्रबंधन की ओर से पहले की बैठकों में यह बताया गया था कि कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम निर्णय दिल्ली मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा। इसी कारण अब सीधे मुख्यालय जाकर अपनी बात रखने का फैसला किया गया है।
यात्रा के दौरान चिकित्सा सुविधा की मांग
IPREU ने यह भी मांग की है कि भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दिल्ली यात्रा के दौरान—
- एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए।
- डॉक्टर की व्यवस्था की जाए।
- आवश्यक चिकित्सा उपकरण साथ रखे जाएं।
यूनियन का कहना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक है।
प्रदर्शन स्थल पर कर्मचारियों ने की नारेबाजी
सोमवार शाम बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और यूनियन की मांगों के समर्थन में रिफाइनरी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
Key Highlights:
- IPREU ने 22 जुलाई को दिल्ली कूच का ऐलान किया।
- 150 से 200 कर्मचारी IOCL रिफाइनरी मुख्यालय पहुंचेंगे।
- भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही।
- पांच भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी भी दिल्ली मार्च में शामिल होंगे।
- यूनियन ने सभी लंबित मांगों के समाधान पर जोर दिया।
- IOCL प्रबंधन को दिल्ली मार्च की सूचना पत्र के माध्यम से दी गई।
- यात्रा के दौरान एंबुलेंस, डॉक्टर और मेडिकल सुविधाओं की मांग उठाई गई।
FAQ Section:
Q1. IPREU ने दिल्ली मार्च का फैसला क्यों लिया?
उत्तर: यूनियन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ, इसलिए अब वे दिल्ली स्थित IOCL मुख्यालय में उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।
Q2. दिल्ली मार्च कब होगा?
उत्तर: यूनियन के अनुसार, दिल्ली मार्च 22 जुलाई (बुधवार) को आयोजित किया जाएगा।
Q3. कितने कर्मचारी दिल्ली जाएंगे?
उत्तर: लगभग 150 से 200 कर्मचारी बसों के माध्यम से दिल्ली पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
Q4. क्या भूख हड़ताल जारी रहेगी?
उत्तर: हां। सोमवार को भूख हड़ताल चौथे दिन में प्रवेश कर गई और यूनियन ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Q5. यात्रा के लिए यूनियन ने क्या मांग की है?
उत्तर: यूनियन ने भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के लिए एंबुलेंस, डॉक्टर और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
Conclusion:
IPREU और रिफाइनरी प्रबंधन के बीच जारी गतिरोध अब दिल्ली तक पहुंचने वाला है। यूनियन का मानना है कि उनकी मांगों पर अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर होना है, इसलिए दिल्ली मार्च को आंदोलन का अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि उच्च स्तर पर होने वाली बातचीत से कोई ठोस समाधान निकलता है या नहीं।

