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सीमावर्ती स्कूलों का औचक निरीक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी ने मिशन समर्थ और शिक्षण व्यवस्था का लिया जायजासीमावर्ती स्कूलों का औचक निरीक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी ने मिशन समर्थ और शिक्षण व्यवस्था का लिया जायजा
वल्टोहा ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता, स्टाफ उपस्थिति और मिशन समर्थ मूल्यांकन की समीक्षा; ePunjab ऐप पर डेटा अपलोड की भी जांच।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) राजीव कुमार छाबड़ा ने वल्टोहा ब्लॉक के सीमावर्ती सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, स्टाफ की उपस्थिति और मिशन समर्थ के तहत हो रहे मूल्यांकन कार्यों की समीक्षा की।
जिला शिक्षा अधिकारी का सीमावर्ती स्कूलों में औचक निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था की परखी हकीकत
शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) राजीव कुमार छाबड़ा ने सोमवार को वल्टोहा ब्लॉक के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित कई सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और स्कूलों के समग्र संचालन का जायजा लिया।
इस दौरान उनके साथ ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (BEEO) पारस कुमार भी मौजूद रहे।
इन सरकारी स्कूलों का किया गया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने निम्नलिखित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का दौरा किया—- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, खेमकरण-1
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, खेमकरण-2
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, टूट
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, बेजेवल
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, रत्तोके गुरुद्वारा
- सरकारी प्राथमिक विद्यालय, भाऊवाल
इन स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
मिशन समर्थ मूल्यांकन की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित मिशन समर्थ मूल्यांकन (Mission Samarth Assessment) की प्रक्रिया की समीक्षा की।
इसके साथ ही यह भी जांचा गया कि मूल्यांकन से संबंधित डेटा ePunjab ऐप पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपलोड किया जा रहा है या नहीं।
शिक्षा की गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित निगरानी जारी रखी जाए ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
Key Highlights:
- जिला शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार छाबड़ा ने वल्टोहा ब्लॉक के सीमावर्ती स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।
- शिक्षा गुणवत्ता, स्टाफ उपस्थिति और स्कूल संचालन की समीक्षा की गई।
- मिशन समर्थ के तहत कक्षा 3 से 5 के मूल्यांकन की जांच हुई।
- ePunjab ऐप पर टेस्ट डेटा अपलोड की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
- शिक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और सुधार पर जोर दिया गया।
FAQ Section
Q1. औचक निरीक्षण किसने किया?
जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) राजीव कुमार छाबड़ा ने निरीक्षण किया।
Q2. किन स्कूलों का निरीक्षण किया गया?
वल्टोहा ब्लॉक के खेमकरण-1, खेमकरण-2, टूट, बेजेवल, रत्तोके गुरुद्वारा और भाऊवाल के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया गया।
Q3. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
शिक्षा गुणवत्ता, स्टाफ उपस्थिति, स्कूल संचालन और मिशन समर्थ मूल्यांकन की समीक्षा करना।
Q4. निरीक्षण के दौरान किस डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी जांच की गई?
ePunjab ऐप पर मिशन समर्थ मूल्यांकन का डेटा अपलोड होने की प्रक्रिया की जांच की गई।
Conclusion
सीमावर्ती क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का यह औचक निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मिशन समर्थ के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर देने से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

