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ICAR-NDRI के 104वें स्थापना दिवस पर 'करण फ्राइज' नस्ल का अनावरण, देशभर में बढ़ावा देने पर जोर
राज्यसभा सांसद संजय भाटिया बोले- उच्च दुग्ध उत्पादन वाली नस्ल को पूरे देश में किया जाए लोकप्रिय, डेयरी और प्राकृतिक खेती को भी मिले बढ़ावा
करनाल स्थित ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) ने अपना 104वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित उच्च दुग्ध उत्पादन वाली 'करण फ्राइज' गाय की नस्ल का अनावरण किया गया और डेयरी क्षेत्र के विकास पर विशेष चर्चा हुई।
ICAR-NDRI के 104वें स्थापना दिवस पर डेयरी अनुसंधान की उपलब्धियों का हुआ सम्मान
करनाल स्थित ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (ICAR-NDRI) ने बुधवार को अपना 104वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में डेयरी अनुसंधान, पशुधन विकास और भारत के डेयरी क्षेत्र में संस्थान के योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित उच्च दुग्ध उत्पादन वाली 'करण फ्राइज' नस्ल का विशेष रूप से अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने इस नस्ल का लोकार्पण किया।
'करण फ्राइज' नस्ल को पूरे देश में बढ़ावा देने की अपील
संजय भाटिया ने ICAR-NDRI को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करण फ्राइज नस्ल देशभर के डेयरी किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।उन्होंने कहा कि इस नस्ल का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि देश के विभिन्न राज्यों के पशुपालक भी इसका लाभ उठा सकें।
प्राकृतिक खेती और कृषि विविधीकरण पर दिया जोर
राज्यसभा सांसद ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कृषि में विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
डेयरी उत्पादों के निर्यात और क्लोन विकास पर भी चर्चा
संजय भाटिया ने ICAR-NDRI के क्लोन विकास कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्थान से डेयरी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और दूध के निर्यात की संभावनाओं पर और अधिक कार्य करने का आग्रह किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान वीटा (Vita) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) भी करे ताकि डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिल सके।
महिला किसानों को डेयरी व्यवसाय अपनाने की सलाह
कार्यक्रम में संजय भाटिया ने महिला किसानों को गाय और भैंस पालन को आय का मजबूत स्रोत बनाने की सलाह दी।
उन्होंने छात्रों से भी कहा कि वे गांवों में जाकर किसानों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान तैयार करें।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा की जेलों में डेयरी फार्म स्थापित किए जाते हैं तो वे प्रत्येक जेल को 5 लाख रुपये की सहायता देने के लिए तैयार हैं। साथ ही राज्य में बागवानी क्षेत्र को भी मजबूत करने पर बल दिया।
40 वर्षों की मेहनत से तैयार हुई 'करण फ्राइज' नस्ल
ICAR-NDRI के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि करण फ्राइज नस्ल विकसित करने में संस्थान को करीब 40 वर्ष का समय लगा।
उन्होंने कहा कि भारत आज लगभग 250 मिलियन टन वार्षिक दूध उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन चुका है, लेकिन अब दूध की गुणवत्ता में और सुधार करने की आवश्यकता है।
Key Highlights:
- ICAR-NDRI ने मनाया 104वां स्थापना दिवस।
- उच्च दुग्ध उत्पादन वाली 'करण फ्राइज' नस्ल का हुआ अनावरण।
- राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने देशभर में नस्ल को बढ़ावा देने की अपील की।
- प्राकृतिक खेती और कृषि विविधीकरण पर दिया गया जोर।
- डेयरी उत्पादों के निर्यात और क्लोन विकास कार्यक्रम की सराहना।
- NDRI ने बताया कि 'करण फ्राइज' नस्ल विकसित करने में 40 वर्ष लगे।
FAQ Section
Q1. ICAR-NDRI का 104वां स्थापना दिवस कहां मनाया गया?
करनाल स्थित ICAR-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) में 104वां स्थापना दिवस मनाया गया।
Q2. कार्यक्रम में किस नस्ल का अनावरण किया गया?
संस्थान द्वारा विकसित उच्च दुग्ध उत्पादन वाली 'करण फ्राइज' गाय की नस्ल का अनावरण किया गया।
Q3. 'करण फ्राइज' नस्ल विकसित करने में कितना समय लगा?
ICAR-NDRI के अनुसार इस नस्ल को विकसित करने में लगभग 40 वर्ष लगे।
Q4. संजय भाटिया ने क्या सुझाव दिए?
उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, डेयरी उत्पादों के निर्यात, वीटा के साथ MoU, महिला किसानों को डेयरी व्यवसाय अपनाने और छात्रों को गांवों में जाकर किसानों से संवाद करने की सलाह दी।
Conclusion
ICAR-NDRI का 104वां स्थापना दिवस केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भारत के डेयरी क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करने का भी महत्वपूर्ण अवसर रहा। 'करण फ्राइज' नस्ल के व्यापक प्रचार, प्राकृतिक खेती, डेयरी नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर दिया गया जोर आने वाले समय में किसानों और डेयरी उद्योग के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है।

