मिड-डे मील कर्मियों की हड़ताल से पहले ही दिन छात्रों को नहीं मिला भोजन, नियमितीकरण की मांग तेज

जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर प्रदर्शन, ₹25,000 मासिक वेतन, बीमा और अन्य सुविधाओं की मांग

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गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन पंजाब में मिड-डे मील कर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल का असर सरकारी स्कूलों में देखने को मिला। हड़ताल के कारण कई विद्यार्थियों को मिड-डे मील नहीं मिल सका। कर्मियों ने वेतन बढ़ाने और नियमित सेवा सहित कई मांगें उठाईं।

एक दिवसीय हड़ताल से प्रभावित हुई मिड-डे मील योजना

पंजाब में मिड-डे मील कर्मियों ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ा, जिन्हें गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के पहले दिन ही मिड-डे मील का लाभ नहीं मिल सका।

यह हड़ताल पंजाब मिड-डे वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई के आह्वान पर आयोजित की गई।


जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर किया प्रदर्शन

हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में मिड-डे मील कर्मियों ने जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) के बाहर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की जिला अध्यक्ष रंजीत कौर पट्टी ने किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।


₹25,000 मासिक वेतन और नियमित सेवा की मांग

धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं राजवंत कौर मरहाना, परमजीत कौर, जैस्मिन कौर भिखीविंड, गुरमीत कौर वल्टोहा और राजविंदर कौर गांधीविंड ने कहा कि वर्तमान में कर्मियों को केवल ₹3,000 मानदेय दिया जा रहा है, जो महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है।

उन्होंने मांग की कि—

  • मिड-डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
  • मासिक वेतन ₹25,000 निर्धारित किया जाए।
  • मानदेय प्रणाली समाप्त की जाए।

बीमा और अन्य सुविधाएं भी मांगी

प्रदर्शनकारी कर्मियों ने वेतन के अलावा कई अन्य सुविधाओं की भी मांग की।

मुख्य मांगों में शामिल हैं—

  • हर वर्ष दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएं।
  • ₹5 लाख का मुफ्त बीमा कवर दिया जाए।
  • अतिरिक्त कार्य सौंपे जाने पर अलग से पारिश्रमिक दिया जाए।

सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के नेताओं ने चुनाव के समय मिड-डे मील कर्मियों की समस्याओं के समाधान और बेहतर सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान निकालने की अपील की।


Key Highlights:

  • पंजाब में मिड-डे मील कर्मियों की एक दिवसीय हड़ताल।
  • सरकारी स्कूलों में पहले दिन छात्रों को नहीं मिला मिड-डे मील।
  • जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर किया गया प्रदर्शन।
  • ₹25,000 मासिक वेतन और नियमितीकरण की मांग।
  • ₹5 लाख का मुफ्त बीमा और दो यूनिफॉर्म की मांग।
  • अतिरिक्त कार्य के लिए अलग से पारिश्रमिक देने की भी मांग।

FAQ Section

Q1. मिड-डे मील कर्मियों ने हड़ताल क्यों की?

कर्मियों ने नियमित नौकरी, ₹25,000 मासिक वेतन, बीमा और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की।

Q2. हड़ताल का सबसे बड़ा असर क्या रहा?

सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन विद्यार्थियों को मिड-डे मील नहीं मिल सका।

Q3. कर्मियों को वर्तमान में कितना मानदेय मिलता है?

वर्तमान में मिड-डे मील कर्मियों को ₹3,000 प्रति माह मानदेय दिया जाता है।

Q4. प्रदर्शन कहां किया गया?

मिड-डे मील कर्मियों ने जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।


Conclusion

मिड-डे मील कर्मियों की हड़ताल ने एक बार फिर उनके वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। यदि सरकार और यूनियन के बीच जल्द समाधान नहीं निकलता, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों पर बल्कि सरकारी स्कूलों के लाखों विद्यार्थियों की मिड-डे मील व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।Screenshot_2936

Edited By: Karan Singh

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