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गेहूं MSP में सिर्फ 25 रुपये की बढ़ोतरी पर कुमारी सैलजा ने उठाए सवाल, INLD ने बताया किसानों के साथ मजाक
2027-28 रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा और INLD ने बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में महज 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को लेकर हरियाणा में सियासत तेज हो गई है। सिरसा की कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने इसे खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले अपर्याप्त बताया है। वहीं, INLD ने इस बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक करार देते हुए केंद्र सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
हरियाणा में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई मामूली बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार के गेहूं MSP में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खेती की लागत और किसानों के घरेलू खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन MSP में की गई बढ़ोतरी इन खर्चों के अनुरूप नहीं है।
केंद्र सरकार ने 2027-28 के रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का MSP 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया है। इस फैसले पर कांग्रेस के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने भी आपत्ति जताई है। INLD ने इस बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक बताया है।
गेहूं के MSP में केवल 25 रुपये की बढ़ोतरी पर सैलजा ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी एक प्रतिशत से भी कम है। उनके मुताबिक, खेती की लागत और रोजमर्रा के घरेलू खर्चों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन सरकार की ओर से की गई यह वृद्धि किसानों की आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर नहीं की गई है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और उनकी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया था। ऐसे में MSP में की गई मामूली बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बीज, खाद और डीजल की बढ़ती लागत का उठाया मुद्दा
कुमारी सैलजा ने खेती की बढ़ती लागत का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी, कृषि मशीनरी, डीजल और बिजली पर लगातार खर्च करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इन सभी मदों में बढ़ते खर्च के बावजूद गेहूं के MSP में केवल 25 रुपये की वृद्धि किसानों की लागत के अनुरूप नहीं है।
गेहूं उत्पादन की लागत पर भी उठाए सवाल
सैलजा के अनुसार, सरकार के आंकड़ों में गेहूं की उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है। उन्होंने खेती में लगने वाली विभिन्न लागतों का हवाला देते हुए MSP बढ़ोतरी के फैसले पर सवाल खड़े किए और सरकार से किसानों को उनकी लागत के अनुरूप उचित मूल्य देने की मांग की।
धान खरीद में नमी के नाम पर किसानों को परेशानी का मुद्दा उठाया
कुमारी सैलजा ने केवल गेहूं के MSP ही नहीं, बल्कि धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर फसल में नमी की मात्रा को लेकर किसानों को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उनका कहना है कि सरकारी खरीद के दौरान गुणवत्ता और नमी से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन जांच प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। किसानों को नमी के नाम पर अनावश्यक कटौती या खरीद में देरी का सामना नहीं करना पड़े।
MSP और खरीद व्यवस्था की समीक्षा की मांग
सैलजा ने केंद्र सरकार से गेहूं सहित अन्य फसलों की MSP और सरकारी खरीद व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत, मेहनत और खेती में उठाए जाने वाले जोखिम के अनुरूप उचित मूल्य मिलना चाहिए।
INLD ने MSP बढ़ोतरी को बताया किसानों के साथ मजाक
इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने भी गेहूं के MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी पर असंतोष जताया है। उन्होंने इस फैसले को किसानों के साथ मजाक बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर दोबारा विचार करने की मांग की।
जसबीर सिंह जस्सा के अनुसार, किसानों को गेहूं के MSP में करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। उन्होंने पिछले साल की 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि इस बार किसानों को अपेक्षा के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं मिली है।
Key Highlights
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गेहूं का MSP 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।
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2027-28 के रबी विपणन सीजन के लिए 25 रुपये की वृद्धि की गई।
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कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बढ़ती खेती की लागत का मुद्दा उठाया।
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सैलजा ने धान खरीद केंद्रों पर नमी की जांच में पारदर्शिता की मांग की।
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INLD जिला अध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताया।
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INLD ने केंद्र सरकार से गेहूं के MSP के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
FAQ Section
1. 2027-28 के लिए गेहूं का नया MSP कितना तय किया गया है?
केंद्र सरकार ने 2027-28 के रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
2. गेहूं के MSP में कितने रुपये की बढ़ोतरी हुई है?
गेहूं के MSP में पिछले सीजन के मुकाबले 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
3. कुमारी सैलजा ने MSP बढ़ोतरी पर क्या कहा है?
कुमारी सैलजा ने 25 रुपये की बढ़ोतरी को खेती की बढ़ती लागत के मुकाबले अपर्याप्त बताया है। उन्होंने सरकार से MSP और खरीद व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
4. INLD ने गेहूं के MSP में बढ़ोतरी पर क्या प्रतिक्रिया दी?
INLD के जिला अध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने इस बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक बताते हुए केंद्र सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
5. धान की सरकारी खरीद को लेकर कुमारी सैलजा ने क्या मांग की?
उन्होंने खरीद केंद्रों पर नमी की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा किसानों को अनावश्यक कटौती और देरी से बचाने की मांग की है।
Conclusion
गेहूं के MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा और INLD ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। जहां सैलजा ने खेती की बढ़ती लागत और धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया है, वहीं INLD ने किसानों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए MSP पर पुनर्विचार की मांग की है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने गेहूं की उत्पादन लागत और MSP के बीच अंतर को अपने फैसले के समर्थन में प्रस्तुत किया है।

