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हरियाणा में रोर समाज की महापंचायत, हर्ष एनकाउंटर मामले में CBI जांच की मांग; CM की रैली का विरोध करने की चेतावनी
अखिल भारतीय रोर महासभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने किया प्रदर्शन, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और करनाल विधायक से माफी की भी मांग
हरियाणा में रोर समाज के लोगों ने हर्ष के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर महापंचायत आयोजित कर न्याय की मांग उठाई। समुदाय ने मामले की CBI जांच कराने, कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और अन्य मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
हर्ष के कथित एनकाउंटर मामले को लेकर रोर समाज की महापंचायत
हर्ष के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले को लेकर रोर समाज ने आवाज बुलंद की है। अखिल भारतीय रोर महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों ने शहर स्थित रोर धर्मशाला में महापंचायत आयोजित की और इसके बाद न्याय की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला।
महापंचायत में शामिल लोगों ने हर्ष की मौत से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समुदाय ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर की परिस्थितियों की गहन जांच की जानी चाहिए।
7 अगस्त को कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई थी हर्ष और बीरबल की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, रोर समुदाय से संबंधित काला माजरा गांव निवासी हर्ष और कैथल जिले के मतरवा खेड़ी गांव निवासी बीरबल की 7 अगस्त को एक कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी।यह कार्रवाई करनाल शहर में 5 अगस्त को हुए वीरू वाल्मीकि हत्याकांड के संबंध में बताई गई थी। रोर समुदाय के लोगों ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।
CBI जांच और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
महापंचायत में समुदाय के लोगों ने एनकाउंटर में कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है, ताकि एनकाउंटर से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जा सके। समुदाय ने मांग की कि मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।
करनाल विधायक से इस्तीफा और माफी की भी मांग
रोर समाज ने करनाल के विधायक जगमोहन आनंद के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वीरू वाल्मीकि के परिवार को शांत कराने के दौरान विधायक की ओर से कुछ बयान दिए गए थे, जिन पर समुदाय ने आपत्ति जताई है।
महासभा की ओर से विधायक से इस्तीफा देने और समुदाय से माफी मांगने की मांग की गई।
मिनी सचिवालय के बाहर धरना, DC को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारी अखिल भारतीय रोर महासभा के अध्यक्ष बलकार सिंह के नेतृत्व में मिनी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
स्थिति को देखते हुए उपायुक्त आनंद कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद महासभा अध्यक्ष बलकार सिंह ने समुदाय की मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
सरकार को मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम
महासभा की ओर से सरकार को मांगें पूरी करने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिए कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली के विरोध की चेतावनी को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
Key Highlights:
- रोर समाज ने हर्ष के कथित एनकाउंटर मामले को लेकर महापंचायत की।
- अखिल भारतीय रोर महासभा के बैनर तले विरोध प्रदर्शन हुआ।
- हर्ष की मौत के मामले में CBI जांच की मांग की गई।
- कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठी।
- करनाल विधायक जगमोहन आनंद से माफी और इस्तीफे की मांग की गई।
- प्रदर्शनकारियों ने मिनी सचिवालय के बाहर धरना दिया।
- महासभा अध्यक्ष बलकार सिंह ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
- सरकार को मांगें पूरी करने के लिए अल्टीमेटम दिया गया।
- मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
FAQ Section:
हर्ष एनकाउंटर मामला क्या है?
हर्ष की 7 अगस्त को एक कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी। यह कार्रवाई करनाल में 5 अगस्त को हुए वीरू वाल्मीकि हत्याकांड के संबंध में बताई गई थी।
रोर समाज की मुख्य मांग क्या है?
रोर समुदाय ने मामले की CBI से निष्पक्ष जांच कराने और कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महापंचायत का आयोजन किस संगठन ने किया?
महापंचायत का आयोजन अखिल भारतीय रोर महासभा के बैनर तले किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने विधायक के खिलाफ क्या मांग की?
समुदाय ने करनाल विधायक जगमोहन आनंद से इस्तीफा देने और कथित बयानों को लेकर माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को क्या सौंपा?
महासभा अध्यक्ष बलकार सिंह ने समुदाय की मांगों से संबंधित एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
Conclusion:
हर्ष के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर रोर समाज का आंदोलन अब एक महत्वपूर्ण सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दे के रूप में सामने आया है। समुदाय CBI जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है। प्रशासन के साथ बातचीत के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है, ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
