जालंधर के पूर्व भारतीय राजदूत से मांगा भारतीय नागरिकता का सबूत, SIR प्रक्रिया के तहत 75 वर्षीय रमेश चंदर को नोटिस

कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व IFS अधिकारी रमेश चंदर से मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने को कहा गया

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स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत जालंधर निवासी और सेवानिवृत्त IFS अधिकारी रमेश चंदर को भारतीय नागरिकता से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का नोटिस मिला है। पूर्व भारतीय राजदूत ने कहा कि वह वर्षों से जालंधर से मतदान करते रहे हैं और जरूरी दस्तावेज पहले ही BLO को सौंप चुके हैं।

 

पूर्व भारतीय राजदूत रमेश चंदर को SIR के तहत नोटिस

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान जालंधर के 75 वर्षीय निवासी और सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी रमेश चंदर को मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिकता के संबंध में अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है।

रमेश चंदर भारत के पूर्व राजदूत रह चुके हैं और अपने राजनयिक करियर के दौरान एशिया, अफ्रीका और यूरोप के विभिन्न देशों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।

वर्षों से जालंधर में कर रहे हैं मतदान

पूर्व राजदूत रमेश चंदर ने बताया कि वह सेवानिवृत्ति के बाद से जालंधर से लगातार विभिन्न चुनावों में मतदान करते रहे हैं।

उनके अनुसार, उन्होंने वर्ष 2007, 2012, 2014, 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में मतदान किया है। इसके बावजूद उन्हें मतदाता सूची में नागरिकता और निवास से जुड़े प्रमाण पेश करने के लिए नोटिस मिला है।

रमेश चंदर का कहना है कि उन्हें लाडोवाली रोड स्थित कार्यालय में 27 अगस्त को अतिरिक्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

आधार और वोटर आईडी पहले ही BLO को सौंप चुके हैं

जालंधर के देओल नगर निवासी रमेश चंदर ने बताया कि उन्होंने पहले ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए थे।

इसके बावजूद उन्हें अतिरिक्त प्रमाण के साथ उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में भारतीय नागरिकता की पुष्टि के लिए उनसे और दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।

पंजाब में 2003 की मतदाता सूची को बनाया गया आधार

रमेश चंदर ने बताया कि पंजाब में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार के रूप में लिया गया है। हालांकि, उनसे नागरिकता की पुष्टि के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।

उन्होंने इस संबंध में यह भी बताया कि वर्ष 2003 में वह भारत में नहीं, बल्कि जापान में सरकारी राजनयिक सेवा के तहत तैनात थे। इसी कारण उस समय उनका नाम पंजाब की मतदाता सूची में शामिल नहीं था।

कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं रमेश चंदर

रमेश चंदर दिसंबर 2010 में भारतीय विदेश सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने लंबे राजनयिक करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

बेलारूस में भारत के राजदूत रहे

रमेश चंदर बेलारूस में भारत के राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जापान में भारत के काउंसलर, ब्रिटेन के एडिनबर्ग में भारत के कॉन्सुल जनरल और प्राग स्थित भारतीय दूतावास में मंत्री के पद पर भी सेवाएं दीं।

जालंधर में जन्म और यहीं से की उच्च शिक्षा

रमेश चंदर का जन्म और पालन-पोषण जालंधर में हुआ। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा भी जालंधर में प्राप्त की।

दिसंबर 2010 में सेवानिवृत्ति के बाद वह पिछले करीब 15 वर्षों से जालंधर में रह रहे हैं और विभिन्न चुनावों में मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं।

दूसरे पूर्व भारतीय राजदूत को भी मिला ऐसा नोटिस

रमेश चंदर ऐसे दूसरे पूर्व भारतीय राजदूत बताए जा रहे हैं, जिन्हें मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिकता से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने का नोटिस मिला है।

इससे पहले पूर्व भारतीय राजदूत नवदीप सूरी को भी इसी तरह का नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई थी।

Key Highlights:

  • पूर्व IFS अधिकारी और राजदूत रमेश चंदर को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस मिला।
  • उनसे मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे गए।
  • रमेश चंदर 75 वर्ष के हैं और जालंधर के देओल नगर में रहते हैं।
  • वह 2007 से 2024 तक कई चुनावों में जालंधर से मतदान कर चुके हैं।
  • उन्होंने आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज पहले ही BLO को जमा कराए थे।
  • उन्हें 27 अगस्त को लाडोवाली रोड स्थित कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
  • वर्ष 2003 में वह जापान में भारतीय राजनयिक सेवा के तहत तैनात थे।
  • वह बेलारूस में भारत के राजदूत सहित कई अंतरराष्ट्रीय पदों पर कार्य कर चुके हैं।
  • इससे पहले पूर्व भारतीय राजदूत नवदीप सूरी को भी इसी तरह का नोटिस मिला था।

FAQ Section:

रमेश चंदर कौन हैं?

रमेश चंदर सेवानिवृत्त भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी और पूर्व भारतीय राजदूत हैं। वह बेलारूस में भारत के राजदूत रह चुके हैं।

रमेश चंदर को नोटिस क्यों मिला है?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत उनसे मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिकता और निवास से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

रमेश चंदर को कब उपस्थित होने के लिए कहा गया है?

उन्हें 27 अगस्त को जालंधर के लाडोवाली रोड स्थित कार्यालय में आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है।

क्या रमेश चंदर पहले से जालंधर के मतदाता हैं?

हां, उनके अनुसार वह वर्षों से जालंधर से मतदान करते रहे हैं और 2007, 2012, 2014, 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में मतदान कर चुके हैं।

वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम क्यों नहीं था?

रमेश चंदर के अनुसार, वर्ष 2003 में वह भारतीय राजनयिक सेवा के तहत जापान में तैनात थे और विदेश में पदस्थ होने के कारण उस समय पंजाब में मौजूद नहीं थे।

Conclusion:

पूर्व भारतीय राजदूत रमेश चंदर को SIR प्रक्रिया के तहत जारी नोटिस ने मतदाता सूची में नागरिकता और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया को लेकर नया सवाल खड़ा किया है। वर्षों तक भारत का विदेशों में प्रतिनिधित्व करने और लंबे समय से जालंधर में मतदाता रहने के बावजूद उनसे अतिरिक्त प्रमाण मांगे गए हैं। अब 27 अगस्त को होने वाली प्रक्रिया के बाद इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।Screenshot_986

Edited By: Atul Sharma

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