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हरियाणा में नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर को मिली मंजूरी, करनाल से दिल्ली का सफर आसान होने की उम्मीद
हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल किया, 22 सितंबर 2026 को जारी हुई अधिसूचना से परियोजना को आगे बढ़ाने की उम्मीद बढ़ी।
हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी में शामिल कर लिया है। 22 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के बाद करनाल, पानीपत और सोनीपत के लोगों को इस परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है।
हरियाणा में दिल्ली से करनाल तक प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाया गया है। हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को अपनी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है। इस फैसले से करनाल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में लंबे समय से प्रतीक्षित रैपिड रेल परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
हरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने 22 सितंबर 2026 को TOD पॉलिसी में संशोधन की अधिसूचना जारी की। इसके तहत दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) की उन परियोजनाओं की सूची में शामिल किया गया है, जिनके आसपास TOD योजना बनाई जा सकती है।
हरियाणा सरकार ने TOD पॉलिसी में शामिल किया नमो भारत कॉरिडोर
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में अधिसूचित TOD पॉलिसी में संशोधन करते हुए दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर को इसमें शामिल किया है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) की सिफारिश पर राज्य सरकार पहले ही इस कॉरिडोर को मंजूरी दे चुकी थी। इसके बाद HMRTC के अनुरोध पर इस मार्ग को औपचारिक रूप से मौजूदा TOD पॉलिसी के परिशिष्ट में शामिल किया गया।
यह कदम परियोजना की योजना और उससे जुड़े शहरी विकास के लिए नीतिगत आधार उपलब्ध कराता है। हालांकि, इस अधिसूचना को परियोजना के निर्माण कार्य की शुरुआत या पूरी परियोजना की अंतिम मंजूरी नहीं माना जाना चाहिए।
2014 में हुई थी परियोजना की घोषणा, 2020 में करनाल तक बढ़ा कॉरिडोर
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की योजना कई वर्षों से चर्चा में है। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना की घोषणा की गई थी। शुरुआत में प्रस्तावित मार्ग दिल्ली के सराय काले खां से पानीपत तक निर्धारित किया गया था।
बाद में जनवरी 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस कॉरिडोर को करनाल तक विस्तारित करने की घोषणा की थी। इसके बाद परियोजना का दायरा बढ़कर सराय काले खां-दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर हो गया।
करनाल को 9 जून 2015 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल किया गया था। इसके बाद से क्षेत्र में आधुनिक परिवहन और बेहतर शहरी कनेक्टिविटी की उम्मीदें बढ़ी हैं।
करनाल से दिल्ली तक बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद
करनाल और आसपास के क्षेत्रों के निवासी लंबे समय से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक तेज और सुविधाजनक परिवहन की मांग कर रहे हैं। प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर से नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर के विकसित होने से दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने की योजना है। हालांकि, परियोजना के निर्माण की शुरुआत और परिचालन की समयसीमा को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इन शहरों और क्षेत्रों से होकर गुजरेगा प्रस्तावित कॉरिडोर
प्रस्तावित दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर में दिल्ली के नरेला से लेकर हरियाणा के विभिन्न शहरों और कस्बों को जोड़ने की योजना है। इसमें कुंडली, सोनीपत, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और करनाल सहित कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
प्रस्तावित कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशन
करनाल क्षेत्र
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करनाल ISBT
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सेक्टर 7
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घरौंडा
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कोहंड
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करनाल बाईपास (भविष्य का प्रस्तावित स्टेशन)
पानीपत क्षेत्र
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पानीपत सिटी
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सेवाह
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समालखा
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सेक्टर 18 (भविष्य का प्रस्तावित स्टेशन)
सोनीपत क्षेत्र
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गन्नौर
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मुरथल
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बहालगढ़ चौक
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कुंडली
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बड़ही और KMP (भविष्य के प्रस्तावित स्टेशन)
इनके अलावा दिल्ली के नरेला सहित कॉरिडोर के अन्य प्रस्तावित और भविष्य के स्टेशन भी इस योजना का हिस्सा हैं। स्टेशन संबंधी प्रस्तावों में आगे बदलाव संभव है।
क्या है TOD पॉलिसी और इससे क्या होगा फायदा?
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी का उद्देश्य मेट्रो और रैपिड रेल जैसे सार्वजनिक परिवहन स्टेशनों के आसपास सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत परिवहन केंद्रों के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और अन्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना बनाई जा सकती है।
इस व्यवस्था के तहत स्टेशन के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी, मिश्रित भूमि उपयोग और अधिक घनत्व वाले शहरी विकास की संभावनाएं बनती हैं।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल किए जाने से इसके आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की विकास योजनाओं को नीतिगत आधार मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर परिवहन और शहरी सुविधाओं के विकास की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
करनाल के लोगों में फैसले से जगी नई उम्मीद
नमो भारत कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल किए जाने के बाद करनाल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में खुशी है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इस नीतिगत कदम से वर्षों से प्रतीक्षित परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
खासकर दिल्ली में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए नियमित रूप से आने-जाने वाले लोगों को इस परियोजना से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि, निर्माण की शुरुआत, पूरा होने की तारीख और रेल सेवा शुरू होने से संबंधित आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है।
Key Highlights
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हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल किया।
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नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने 22 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की।
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वर्ष 2016 की TOD पॉलिसी में संशोधन किया गया।
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परियोजना को शुरुआत में वर्ष 2014 में घोषित किया गया था।
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जनवरी 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कॉरिडोर को करनाल तक विस्तारित किया था।
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प्रस्तावित कॉरिडोर में दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल के कई क्षेत्र शामिल हैं।
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करनाल ISBT, सेक्टर 7, घरौंडा और कोहंड प्रस्तावित स्टेशनों में शामिल हैं।
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इस नीतिगत फैसले से परियोजना के आसपास सुनियोजित शहरी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
FAQ Section
1. दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में कब शामिल किया गया?
हरियाणा के नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने 22 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी कर इस कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल किया।
2. नमो भारत कॉरिडोर किन शहरों को जोड़ेगा?
प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली के नरेला से होते हुए कुंडली, सोनीपत, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और करनाल जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा।
3. करनाल में नमो भारत के कौन-कौन से स्टेशन प्रस्तावित हैं?
करनाल ISBT, सेक्टर 7, घरौंडा और कोहंड प्रस्तावित स्टेशनों में शामिल हैं। करनाल बाईपास को भविष्य के स्टेशन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
4. TOD पॉलिसी क्या है?
TOD यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट एक ऐसी शहरी विकास नीति है, जिसके तहत सार्वजनिक परिवहन स्टेशनों के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी, आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं तथा सुनियोजित विकास को बढ़ावा दिया जाता है।
5. क्या करनाल नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कॉरिडोर को TOD पॉलिसी में शामिल करने की अधिसूचना जारी हुई है। इससे निर्माण कार्य शुरू होने की पुष्टि नहीं होती। निर्माण की शुरुआत की आधिकारिक तारीख स्पष्ट नहीं है।
6. करनाल तक नमो भारत कॉरिडोर का विस्तार कब किया गया था?
जनवरी 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रस्तावित कॉरिडोर को पानीपत से करनाल तक विस्तारित करने की घोषणा की थी।
Conclusion
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत RRTS कॉरिडोर को हरियाणा की TOD पॉलिसी में शामिल करना इस परियोजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम है। इससे करनाल, पानीपत और सोनीपत के आसपास बेहतर परिवहन और सुनियोजित शहरी विकास की संभावनाएं बन सकती हैं। अब क्षेत्र के लोगों की नजर परियोजना की अगली मंजूरियों, निर्माण की शुरुआत और इसके लिए निर्धारित समयसीमा पर है।
