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अमृतसर में दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखने के मामले में दो गिरफ्तार, विदेशी हैंडलर से संपर्क का दावा
रेलवे स्टेशन, भंडारी पुल और हॉल गेट के पास लिखे गए थे नारे। पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो संदिग्धों को पकड़ा, जांच में विदेशी हैंडलर से संपर्क की बात सामने आई।
पंजाब के अमृतसर में विभिन्न स्थानों पर दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखे जाने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऑटो चालक और एक मजदूर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में एक आरोपी के विदेशी हैंडलर के संपर्क में होने की बात सामने आई है।
पंजाब के अमृतसर में सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखे जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ऑटो चालक और एक मजदूर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, शहर के रेलवे स्टेशन, भंडारी पुल और हॉल गेट सहित कई इलाकों में शनिवार तड़के आपत्तिजनक नारे लिखे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दीवारों पर पेंट करवा दिया।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय मंगल सिंह और 23 वर्षीय अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है। दोनों अमृतसर की वरियाम सिंह कॉलोनी के निवासी हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर कुछ ही घंटों में दोनों को पकड़ लिया।
अमृतसर में कई जगह लिखे गए भड़काऊ नारे
पुलिस को शनिवार तड़के अमृतसर के रेलवे स्टेशन, भंडारी पुल और हॉल गेट के आसपास दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखे जाने की सूचना मिली थी। इन नारों में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी शामिल था।दीवारों पर लिखे नारों में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का भी उल्लेख किया गया था। सर्जियो गोर सोमवार को अमृतसर आने वाले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने संबंधित स्थानों पर कार्रवाई की और दीवारों पर लिखे नारों को पेंट से मिटवा दिया।
पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को पकड़ा
अमृतसर के पुलिस उपायुक्त जस्करणजीत सिंह तेजा के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य इनपुट के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगल सिंह और अर्शदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से मामले में पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दीवारों पर नारे लिखने के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
विदेशी हैंडलर से संपर्क का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में अर्शदीप सिंह के विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने इस हैंडलर की पहचान गोरा के रूप में बताई है।
पुलिस का दावा है कि इस व्यक्ति का नाम पहले भी इसी तरह की कुछ घटनाओं में सामने आ चुका है। हालांकि, मामले में उसकी कथित भूमिका और आरोपियों से संपर्क की प्रकृति को लेकर जांच जारी है।
प्रतिबंधित संगठन SFJ के नाम का भी उल्लेख
दीवारों पर लिखे नारों में प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी सामने आया है। इसके साथ ही अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का उल्लेख होने के कारण पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
Key Highlights
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अमृतसर में दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखने के मामले में दो लोग गिरफ्तार।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगल सिंह और अर्शदीप सिंह के रूप में हुई।
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दोनों आरोपी वरियाम सिंह कॉलोनी के रहने वाले हैं।
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रेलवे स्टेशन, भंडारी पुल और हॉल गेट के पास लिखे गए थे नारे।
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नारों में SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का उल्लेख था।
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पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ा।
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पुलिस ने एक आरोपी के विदेशी हैंडलर से संपर्क में होने का दावा किया है।
FAQ Section
Q1. अमृतसर में भड़काऊ नारे लिखने के मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मंगल सिंह और अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है।
Q2. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों में 26 वर्षीय मंगल सिंह, जो ऑटो चालक है, और 23 वर्षीय अर्शदीप सिंह, जो मजदूर है, शामिल हैं। दोनों अमृतसर की वरियाम सिंह कॉलोनी के निवासी हैं।
Q3. अमृतसर में किन जगहों पर भड़काऊ नारे लिखे गए थे?
पुलिस को रेलवे स्टेशन, भंडारी पुल और हॉल गेट के आसपास की दीवारों पर नारे लिखे होने की सूचना मिली थी।
Q4. पुलिस ने आरोपियों को कैसे गिरफ्तार किया?
पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और जांच से मिले इनपुट के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान की गई और कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
Q5. विदेशी हैंडलर को लेकर पुलिस ने क्या दावा किया है?
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में अर्शदीप सिंह के गोरा नामक विदेशी हैंडलर के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में जांच जारी है।
Conclusion
अमृतसर में सार्वजनिक स्थानों पर भड़काऊ नारे लिखे जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रतिबंधित संगठन SFJ के नाम और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उल्लेख के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी के विदेशी हैंडलर से संपर्क में होने का दावा किया है। मामले में आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित संलिप्तताओं की जांच जारी है।

