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एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर गांव लौटीं राइजा ढिल्लों, शामगढ़ में हुआ भव्य स्वागत
महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारत को दिलाया कांस्य पदक, 15 साल की उम्र में शुरू किया था शूटिंग का सफर, अब ओलंपिक पर नजर।
हरियाणा के करनाल की निशानेबाज राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। शनिवार शाम अपने गांव शामगढ़ पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राइजा ने अब ओलंपिक में पदक जीतने को अपना अगला लक्ष्य बताया है।
हरियाणा की बेटी और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। करनाल की रहने वाली राइजा जब शनिवार शाम अपने गांव शामगढ़ लौटीं तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा। गांव के लोगों ने फूल-मालाओं और तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर गांव लौटीं राइजा
राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। भारतीय टीम में राइजा के साथ परीणाज ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान भी शामिल थीं। तीनों खिलाड़ियों ने शानदार निशानेबाजी करते हुए भारत को इस स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया।
राइजा की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद उनके गांव शामगढ़ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी और उनकी सफलता को पूरे गांव के लिए गौरव का क्षण बताया।15 साल की उम्र में शुरू किया था शूटिंग का सफर
राइजा ढिल्लों ने बताया कि उन्होंने महज 15 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार अपने खेल पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान ओलंपिक खेलों पर है। राइजा का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन जारी रखते हुए देश के लिए और पदक जीतना है।
गांव के लोगों के प्यार से भावुक हुईं राइजा
अपने गांव में मिले भव्य स्वागत पर राइजा ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों का प्यार और समर्थन उनके लिए बेहद खास है। इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
राइजा ने कहा कि उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गांव के सभी लोगों का आभार जताया।
हरियाणा की खेल नीति और सुविधाओं की सराहना
राइजा ढिल्लों ने हरियाणा की खेल नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं और विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को मजबूत समर्थन दिया जाता है।
उनका मानना है कि खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं और सहयोग उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। राइजा ने भविष्य में भी देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने और अधिक पदक जीतने का भरोसा जताया।
पिता ने बताया गांव और परिवार के लिए गर्व का पल
राइजा के पिता रविजीत सिंह ढिल्लों ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राइजा की सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
उन्होंने एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। साथ ही कहा कि शामगढ़ की बेटी का इस अंतरराष्ट्रीय सफलता में योगदान देना पूरे गांव के लिए सम्मान की बात है।
Key Highlights
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करनाल की निशानेबाज राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता।
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महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारत को मिला कांस्य पदक।
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शनिवार शाम गांव शामगढ़ पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत।
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परीणाज ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान भी भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।
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राइजा ने 15 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की थी।
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अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन करना है।
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राइजा के पिता ने बेटी की उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया।
FAQ Section
1. राइजा ढिल्लों कौन हैं?
राइजा ढिल्लों हरियाणा के करनाल की अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारत के लिए कांस्य पदक जीता।
2. राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
राइजा ढिल्लों ने भारतीय महिला स्कीट टीम के साथ कांस्य पदक जीता।
3. राइजा ढिल्लों का गांव कौन सा है?
राइजा ढिल्लों हरियाणा के करनाल जिले के शामगढ़ गांव की रहने वाली हैं।
4. राइजा ढिल्लों का अगला लक्ष्य क्या है?
राइजा ढिल्लों का अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेकर देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है।
5. राइजा ढिल्लों ने कितनी उम्र में शूटिंग शुरू की थी?
राइजा ने 15 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की थी।
Conclusion
एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर राइजा ढिल्लों ने हरियाणा और देश को गौरवान्वित किया है। गांव शामगढ़ में उनका भव्य स्वागत इस उपलब्धि के प्रति ग्रामीणों के उत्साह को दर्शाता है। राइजा ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और गांव के लोगों के सहयोग को दिया है। अब उनकी नजर ओलंपिक खेलों पर है, जहां वह देश के लिए और पदक जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं।
