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गुरुग्राम में कचरे का अंबार और जलभराव से बढ़ी मुसीबत, सेक्टरों में बदहाल सफाई व्यवस्था से लोग परेशान
मानसून की बारिश ने बढ़ाई गंदगी, सेक्टर 23A और सेक्टर 4 में ओवरफ्लो कूड़ेदान और कचरे के ढेर; बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा
हरियाणा के गुरुग्राम में मानसून के साथ सफाई व्यवस्था की बदहाली और ज्यादा सामने आ गई है। कई सेक्टरों में कूड़ेदान और कचरा ट्रेलर ओवरफ्लो हो रहे हैं, जबकि बारिश के बाद गंदगी सड़कों तक पहुंच रही है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा के गुरुग्राम को देश-दुनिया के सामने राज्य के शो-विंडो के तौर पर देखा जाता है, लेकिन शहर के कई सेक्टरों में कचरे के ढेर, बदबू और ओवरफ्लो कूड़ेदान इस छवि को धूमिल कर रहे हैं। सेक्टरों की गलियों में जगह-जगह जमा कचरा और सड़ते हुए कूड़े से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून के आगमन के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। बारिश होते ही कई इलाकों में जलभराव के साथ कचरा फैलने लगता है। इससे लोगों के लिए अस्वच्छ और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माहौल पैदा हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खराब कचरा प्रबंधन और जलनिकासी की समस्या अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है।सेक्टर 23A में ओवरफ्लो कचरा ट्रेलर बना परेशानी
सेक्टर 23A में कचरा ट्रेलर के ओवरफ्लो होने से सफाई व्यवस्था की स्थिति साफ दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके सेक्टर में नियमित कचरा संग्रहण की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है।
RWA के पूर्व सदस्य विक्रम सिंह के मुताबिक, कचरा ट्रेलर कब खाली होगा, यह काफी हद तक ठेकेदार की इच्छा पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि पहले से भरे कलेक्शन प्वाइंट पर रात के समय आसपास की अनधिकृत कॉलोनियों से भी लोग कचरा लाकर डाल देते हैं।
इस वजह से कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जाता है और बारिश होने पर गंदगी आसपास के क्षेत्रों में फैल जाती है।
बारिश के बाद सड़क तक पहुंच रहा कचरा
मानसून की बारिश ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। कचरे के ढेर में पानी भरने के बाद गंदा पानी सड़कों और आसपास के हिस्सों में फैल जाता है।
इससे न केवल दुर्गंध बढ़ रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
सेक्टर 4 में हर 50 घरों के आसपास कचरे का ढेर
सेक्टर 4 के निवासियों ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। करीब 2,500 घरों वाले इस सेक्टर में स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग हर 50 घरों के बाद कचरे का ढेर नजर आता है।
सबसे खराब स्थिति बाजार क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां रेहड़ियों से निकलने वाला कचरा कई दिनों तक उठाया नहीं जाता।
बारिश के दौरान यही कचरा पानी के साथ सड़कों पर फैल जाता है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी होती है।
सफाई के लिए बार-बार शिकायत करनी पड़ती है
सेक्टर 4 के बाजार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्याम ग्रोवर ने बताया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई कराने के लिए लोगों को बार-बार शिकायत करनी पड़ती है।
उनके मुताबिक, लंबे समय से उनके ग्राहक रहे एक व्यक्ति ने भी इलाके की बिगड़ती स्थिति के कारण सेक्टर 76 में स्थानांतरित होने का फैसला किया।
उन्होंने दावा किया कि सफाई की लगातार अपील के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और करीब 30 प्रतिशत निवासी नए गुरुग्राम की ओर जा चुके हैं या जाने की तैयारी में हैं।
MCG की वेबसाइट पर शिकायतों से भी नहीं हो रहा समाधान
सेक्टर 4 की RWA अध्यक्ष योगिता कटारिया ने बताया कि लोग नगर निगम की वेबसाइट पर कचरे की तस्वीरें तक अपलोड कर रहे हैं, लेकिन अब शिकायतों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है।
स्थानीय निवासी चाहते हैं कि नगर निगम नियमित कचरा संग्रहण, सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दे, खासकर मानसून के दौरान।
गंदगी से बीमारी का खतरा बढ़ा
मानसून के दौरान जमा कचरा और जलभराव सिर्फ असुविधा का कारण नहीं है, बल्कि इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। गंदे पानी और सड़ते कचरे के कारण मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।
ऐसे में स्थानीय RWA अब MCG (नगर निगम गुरुग्राम) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही हैं। लोगों का कहना है कि नियमित कचरा उठाने और जलभराव की समस्या दूर करने के लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
Key Highlights:
- गुरुग्राम के कई सेक्टरों में कचरे के ढेर से लोग परेशान।
- मानसून के बाद सफाई और जलभराव की समस्या बढ़ी।
- सेक्टर 23A में कचरा ट्रेलर ओवरफ्लो।
- स्थानीय लोगों ने नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था पर सवाल उठाए।
- सेक्टर 4 में करीब 2,500 घर हैं और कई जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
- बाजार क्षेत्र में कई दिनों तक कचरा नहीं उठने का आरोप।
- बारिश के साथ कचरा सड़कों पर फैलने से परेशानी बढ़ी।
- स्थानीय RWA ने MCG से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
- गंदगी और जलभराव से बीमारी का खतरा बढ़ने की चिंता।
FAQ Section
गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था की समस्या क्यों बढ़ी है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार नियमित कचरा संग्रहण की कमी, ओवरफ्लो कलेक्शन प्वाइंट और मानसून के दौरान जलभराव ने समस्या को गंभीर बना दिया है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी बताई गई है?
सेक्टर 23A और सेक्टर 4 के निवासियों ने विशेष रूप से कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें की हैं।
मानसून से कचरे की समस्या कैसे बढ़ी?
बारिश के पानी के साथ कचरा फैलकर सड़कों और आसपास के इलाकों तक पहुंच जाता है। इससे दुर्गंध और अस्वच्छता बढ़ने के साथ बीमारी का खतरा भी पैदा होता है।
स्थानीय लोगों ने क्या मांग की है?
RWA और स्थानीय निवासियों ने नियमित कचरा संग्रहण, कचरा ट्रेलरों की समय पर सफाई और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
Conclusion:
गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में कचरा प्रबंधन और जलनिकासी की बदहाल स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। मानसून ने समस्या को और उजागर कर दिया है। सेक्टर 23A और सेक्टर 4 के निवासियों की शिकायतें बताती हैं कि केवल शिकायत दर्ज कराने के बजाय नियमित कचरा उठाने और प्रभावी निगरानी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है। बीमारी के खतरे को देखते हुए नगर निगम की त्वरित कार्रवाई अब बेहद जरूरी है।
