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मलेरकोटला की बेटियों को CM भगवंत मान का बड़ा तोहफा, 6.34 करोड़ में बना 5 मंजिला सरकारी स्कूल
मलेरकोटला में बेटियों के लिए नए सरकारी स्कूल का उद्घाटन, CM मान बोले- पंजाब शिक्षा में देश में नंबर-1
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लड़कियों के लिए नई स्कूल बिल्डिंग जनता को समर्पित की। 6.39 करोड़ की स्वीकृत लागत वाला प्रोजेक्ट 6.34 करोड़ रुपये में पूरा हुआ।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को मलेरकोटला में लड़कियों के लिए नवनिर्मित पांच मंजिला सरकारी स्कूल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे पंजाब की बेटियों के लिए 80वें स्वतंत्रता दिवस का विशेष तोहफा बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना को निर्धारित 6.39 करोड़ रुपये के बजाय 6.34 करोड़ रुपये में पूरा किया गया, जिससे सरकारी खजाने के 5.25 लाख रुपये की बचत हुई।
54 हजार वर्ग फुट में फैली है पांच मंजिला इमारत
नई स्कूल बिल्डिंग करीब 54,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी है। इसमें छात्राओं के लिए लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम, वॉशरूम और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई इमारत से मलेरकोटला और आसपास के गांवों की लड़कियों को घर के नजदीक ही बेहतर और आधुनिक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा कि पुरानी इमारत की हालत काफी खराब थी। जब वह सांसद थे, तब सर्दियों में स्कूल दो शिफ्टों में चलता था और बच्चों को घर पहुंचाने में भी परेशानी होती थी। पुरानी इमारत को उन्होंने असुरक्षित बताया।
5.25 लाख रुपये की बचत, आगे भी विकास कार्यों पर खर्च होंगे
भगवंत मान ने कहा कि 6.39 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के मुकाबले भवन का निर्माण 6.34 करोड़ रुपये में पूरा हुआ। इससे बची 5.25 लाख रुपये की राशि का इस्तेमाल स्कूल में आरओ सिस्टम, वाटर फिल्टर, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है।
15 हजार से ज्यादा छात्राओं को विशेष बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लड़कियों की शिक्षा को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। इसी कड़ी में 15,000 से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवाएं दी जा रही हैं, ताकि घर से स्कूल की दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
इसके अलावा गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET और 361 ने JEE पास किया
मुख्यमंत्री ने पंजाब के शिक्षा मॉडल का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने NEET और 361 विद्यार्थियों ने JEE की परीक्षा पास की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के समय पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, जबकि अब राज्य देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। उनके मुताबिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य शैक्षणिक पहलों से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि स्मार्ट स्कूलों के नाम पर केवल स्कूलों की इमारतों को रंग दिया जाता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ऐसा शिक्षा ढांचा तैयार कर रही है, जिसका असर विद्यार्थियों के परिणामों में दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने चुनाव से पहले भाजपा पर पंजाब में कथित तौर पर नफरत फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया और लोगों से ऐसी भड़काऊ बातों में नहीं आने की अपील की।
मलेरकोटला की ऐतिहासिक विरासत का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने मलेरकोटला की ऐतिहासिक और सांप्रदायिक सद्भाव की विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह शहर एकता और भाईचारे का प्रतीक है।
उन्होंने मलेरकोटला के नवाब द्वारा छोटे साहिबजादों की शहादत के विरोध में आवाज उठाने की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए कहा कि इस शहर के विकास की जिम्मेदारी सरकार की है।
बोले- नई इमारत विद्यार्थियों को देगी आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया स्कूल सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और महिला कल्याण के क्षेत्र में भी सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मलेरकोटला की बेटियों को यह स्कूल 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समर्पित किया गया है और यहां की छात्राएं अब आधुनिक सुविधाओं के साथ अपने घर के करीब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया संदेश
स्कूल के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी परियोजना से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 6.34 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस इमारत से 5.25 लाख रुपये की बचत हुई है।
उन्होंने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की NEET और JEE में सफलता को पंजाब में शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का उदाहरण बताया और छात्राओं के लिए विशेष बस सेवाओं का भी उल्लेख किया।
