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पंजाब के किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर USDA प्रतिनिधिमंडल से चर्चा, फसल विविधीकरण और कृषि निर्यात पर जोर
पंजाब-अमेरिका कृषि सहयोग की संभावनाओं पर मंथन; बासमती, शहद, हल्दी, फल-सब्जियों के निर्यात और एआई आधारित खेती को बढ़ावा देने पर हुई चर्चा
पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग (PSFC) के चेयरमैन ने अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर पंजाब के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। बैठक में कृषि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, फसल विविधीकरण, कृषि तकनीक, मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण और भारत-अमेरिका कृषि व्यापार एवं सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
USDA प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की कृषि संभावनाओं पर की चर्चा
अमेरिकी कृषि विभाग की फॉरेन एग्रीकल्चर सर्विस, नई दिल्ली के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भारतीय और वैश्विक कृषि क्षेत्र के मौजूदा परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका कृषि व्यापार और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा के लिए पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग के साथ बैठक की।
PSFC के चेयरमैन प्रो. डॉ. सुखपाल सिंह ने डॉ. संतोष कुमार सिंह का स्वागत किया और भारत तथा पंजाब के कृषि क्षेत्र में हो रहे विकास एवं भविष्य की संभावनाओं पर उनके विचारों की सराहना की।
गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलने पर जोर
बैठक के दौरान डॉ. रणजोध सिंह बैंस ने 'पंजाब कृषि 2026: उत्पादन की संभावनाएं, फसल विविधीकरण और पंजाब-अमेरिका कृषि सहयोग' विषय पर प्रस्तुति दी।इसमें पंजाब में गेहूं-धान की पारंपरिक फसल प्रणाली से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके तहत मक्का, कपास, बासमती, दालें, तिलहन, फल और सब्जियों के अलावा पशुधन, खाद्य प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन पर अधिक ध्यान देने की बात कही गई।
बैठक में कहा गया कि फसल विविधीकरण को सफल बनाने के लिए किसानों को बेहतर मार्केटिंग, सरकारी खरीद, प्रोसेसिंग सुविधाएं और फसलों का उचित मूल्य उपलब्ध कराना जरूरी है।
एआई और आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा
प्रस्तुति के दौरान कृषि मशीनीकरण, प्रिसिजन एग्रीकल्चर और एआई आधारित खेती, जलवायु अनुकूल तकनीकों तथा कटाई के बाद फसल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में पंजाब-अमेरिका सहयोग की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, भूजल संरक्षण और संयुक्त कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में भी दोनों पक्षों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।
बासमती और नॉन-जीएमओ उत्पादों के निर्यात पर चर्चा
पंजाब में बासमती चावल, शहद, हल्दी, फल, सब्जियों और अन्य नॉन-जीएमओ उत्पादों के उत्पादन और निर्यात की क्षमता पर भी चर्चा हुई। इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाकर किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया।
अमेरिकी कृषि विशेषज्ञ ने उठाए ये मुद्दे
डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भारत और अमेरिका की कृषि व्यवस्था के बीच अंतर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने दोनों देशों में खेतों के आकार और कृषि व्यवस्था में अंतर, अमेरिका में बेहतर फसल बीमा कवरेज और भारत में घरेलू पशुपालन में आई कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने केवल ट्रैक्टरों के इस्तेमाल तक सीमित रहने के बजाय व्यापक और उपयुक्त कृषि मशीनीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही भारत-अमेरिका के संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से कृषि क्षेत्र को मिलने वाले संभावित लाभों और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
