रोहतक की ‘निपुण वाटिका’ बनेगी हरियाणा के लिए मॉडल, 2026-27 में हर जिले में खुलेगी एक मॉडल बाल वाटिका

हरियाणा सरकार ने रोहतक की निपुण वाटिका को संदर्भ मॉडल के रूप में अपनाया, प्रत्येक जिले को पहले चरण में मॉडल बाल वाटिका के लिए 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।

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रोहतक प्रशासन की अभिनव प्रारंभिक शिक्षा पहल ‘निपुण वाटिका’ अब पूरे हरियाणा में मॉडल के रूप में लागू की जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राज्य के हर जिले में एक मॉडल बाल वाटिका स्थापित की जाएगी।

रोहतक में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘निपुण वाटिका’ अब पूरे हरियाणा के लिए मॉडल बनने जा रही है। हरियाणा सरकार ने रोहतक जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल को संदर्भ मॉडल के रूप में स्वीकार करते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रत्येक जिले में एक मॉडल बाल वाटिका स्थापित करने का निर्णय लिया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए ऐसा सीखने का माहौल तैयार करना है, जहां गतिविधियों के माध्यम से उनकी भाषा, गणित और अन्य बुनियादी क्षमताओं का विकास किया जा सके।


## हर जिले में खुलेगी एक मॉडल बाल वाटिका

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) की ओर से जारी निर्देशों में सभी जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) और जिला परियोजना समन्वयकों (DPCs) को मॉडल बाल वाटिका स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।

यह पहल Programme Approval Board 2026-27 के तहत स्वीकृत की गई है। पहले चरण में प्रत्येक जिले को मॉडल बाल वाटिका स्थापित करने के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


## राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार होगी पहल

मॉडल बाल वाटिका की अवधारणा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और National Curriculum Framework for Foundational Stage 2022 के अनुरूप तैयार किया गया है।

इसका उद्देश्य बच्चों की शुरुआती शिक्षा की नींव को मजबूत करना और उन्हें उम्र के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।


## रोहतक की निपुण वाटिका से सीखेंगे दूसरे जिले

रोहतक प्रशासन द्वारा विकसित निपुण वाटिका को राज्य सरकार ने सभी जिलों के लिए एक Indicative Reference Model के रूप में मान्यता दी है।

HSSPP ने जिलों को सलाह दी है कि वे रोहतक का Exposure Visit कर निपुण वाटिका के डिजाइन, लेआउट और बच्चों को पढ़ाने की गतिविधि आधारित पद्धति का अध्ययन करें। इसके बाद अपने-अपने जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसी तरह की मॉडल बाल वाटिका विकसित की जा सकती है।


## भाषा और गणित में दक्षता पर रहेगा फोकस

रोहतक के अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, जिन्हें ‘निपुण वाटिका’ की अवधारणा का सूत्रधार बताया गया है, ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस पहल को पूरे हरियाणा में मॉडल के रूप में अपनाया जाना इस प्रयास से जुड़े सभी लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है।

निपुण वाटिका में बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा के जरिए भाषा और गणित में दक्षता हासिल करने में मदद करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय खेल, गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है।


## शुरुआती शिक्षा को मिलेगा नया आधार

मॉडल बाल वाटिकाओं के जरिए सरकार का प्रयास बच्चों की स्कूली शिक्षा के शुरुआती वर्षों को अधिक प्रभावी और रुचिकर बनाना है। गतिविधि आधारित सीखने से बच्चों में बुनियादी भाषा और गणितीय कौशल के साथ-साथ सीखने की रुचि विकसित करने पर जोर रहेगा।

रोहतक की पहल को पूरे राज्य में विस्तार मिलने से प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक समान मॉडल विकसित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।


Key Highlights:

  • ● रोहतक की ‘निपुण वाटिका’ को हरियाणा में मॉडल के रूप में अपनाया गया।
  • ● 2026-27 में हर जिले में एक मॉडल बाल वाटिका स्थापित होगी।
  • ● प्रत्येक जिले को पहले चरण में 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता।
  • ● योजना NEP 2020 और Foundational Stage Curriculum Framework 2022 के अनुरूप।
  • ● जिलों को रोहतक जाकर निपुण वाटिका का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  • ● गतिविधि आधारित शिक्षा के जरिए भाषा और गणित में दक्षता पर जोर।
  • ● पहल का लक्ष्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत करना है।

FAQ Section

Q1. ‘निपुण वाटिका’ किस जिले की पहल है?

उत्तर: ‘निपुण वाटिका’ रोहतक जिला प्रशासन की अभिनव प्रारंभिक शिक्षा पहल है।

Q2. हरियाणा में मॉडल बाल वाटिका कब स्थापित की जाएगी?

उत्तर: प्रत्येक जिले में मॉडल बाल वाटिका शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान स्थापित करने की योजना है।

Q3. प्रत्येक जिले को कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी?

उत्तर: पहले चरण में प्रत्येक जिले को मॉडल बाल वाटिका के लिए 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

Q4. मॉडल बाल वाटिका का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य छोटे बच्चों में बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता के साथ बेहतर foundational learning विकसित करना है।

Q5. अन्य जिलों को रोहतक जाने के लिए क्यों कहा गया है?

उत्तर: जिलों को निपुण वाटिका के डिजाइन, लेआउट और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति का अध्ययन करने के लिए exposure visit करने की सलाह दी गई है।


Conclusion:

रोहतक की ‘निपुण वाटिका’ को हरियाणा के सभी जिलों के लिए मॉडल के रूप में अपनाया जाना प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है। 2026-27 में हर जिले में मॉडल बाल वाटिका स्थापित होने से बच्चों को कम उम्र में ही गतिविधि आधारित और कौशल-केंद्रित सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा। भाषा और गणित जैसे बुनियादी विषयों में मजबूत नींव तैयार करने पर जोर इस पहल को खास बनाता है।Screenshot_600

Edited By: Atul Sharma

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