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केंद्र का संसद में बड़ा बयान: पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण की अमेरिका ने नहीं भेजी कोई मांग
लोकसभा में सरकार ने बताया कि अमेरिकी आरोप सामने आने के बाद अधिकारी को SHO पद से हटाया गया, जांच के बाद गिरफ्तारी हुई और विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अब तक पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण (Extradition) की कोई औपचारिक मांग नहीं की है। अमेरिकी न्याय विभाग के आरोपों के बाद अधिकारी को पद से हटाकर गिरफ्तार किया गया और विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण (Extradition) को लेकर अब तक कोई आधिकारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारी का नाम अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा जग्गू भगवानपुरिया अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े कथित सीमा-पार उगाही (Cross-Border Extortion) मामले में लिया गया था।
यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा में दी।
## अमेरिकी आरोपों के बाद केंद्र को हुई जानकारी
विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार को इस मामले की जानकारी 7 जुलाई को अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के बाद मिली। इस दौरान "ऑपरेशन हार्ड बॉल (Operation Hard Ball)" और उससे जुड़े संघीय अभियोग (Federal Indictments) की घोषणा की गई थी।लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई कि भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट के सदस्यों ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार से कथित उगाही की साजिश में पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के साथ मिलकर काम किया था।
## आरोप सामने आते ही SHO पद से हटाया गया
केंद्र सरकार ने संसद को बताया कि 8 जुलाई को जालंधर रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) द्वारा जारी बयान के अनुसार, आरोप सामने आने के तुरंत बाद संबंधित अधिकारी को टांडा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी (SHO) पद से हटा दिया गया था।
इसके बाद मामले की जांच की गई और 17 जुलाई को अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
## प्रत्यर्पण को लेकर केंद्र का स्पष्ट जवाब
सरकार ने संसद में साफ शब्दों में कहा कि अब तक अमेरिका की ओर से गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण के लिए कोई आधिकारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब करीब एक महीने पहले अमेरिकी न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि संबंधित अधिकारी ने जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट के सदस्यों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार से 4 लाख अमेरिकी डॉलर की उगाही की साजिश रची थी। आरोप था कि परिवार के रिश्तेदारों को पंजाब में झूठे हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूलने की कोशिश की गई।
## अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा था?
7 जुलाई को लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फर्स्ट असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा था कि संबंधित पंजाब पुलिस अधिकारी पर अमेरिका में भी आरोप तय किए गए हैं और अमेरिकी एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की मांग करेंगी।
हालांकि, भारत सरकार ने अब संसद में स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
Key Highlights:
- ● केंद्र सरकार ने कहा—अमेरिका ने गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण की कोई मांग नहीं भेजी।
- ● मामला जग्गू भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट से जुड़े कथित उगाही प्रकरण का है।
- ● अमेरिकी न्याय विभाग ने 7 जुलाई को "ऑपरेशन हार्ड बॉल" के दौरान आरोपों की जानकारी दी थी।
- ● आरोप सामने आने के बाद अधिकारी को टांडा थाने के SHO पद से हटाया गया।
- ● 17 जुलाई को जांच के बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।
- ● विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।
- ● अमेरिकी अधिकारियों ने पहले प्रत्यर्पण की बात कही थी, लेकिन भारत को अब तक कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला।
FAQ Section
Q1. केंद्र सरकार ने संसद में क्या जानकारी दी?
उत्तर: सरकार ने बताया कि अमेरिका ने पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण के लिए अब तक कोई आधिकारिक अनुरोध नहीं भेजा है।
Q2. गुरिंदरजीत सिंह पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उन पर जग्गू भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट के साथ मिलकर अमेरिका स्थित भारतीय मूल के परिवार से कथित उगाही की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
Q3. आरोप सामने आने के बाद क्या कार्रवाई हुई?
उत्तर: अधिकारी को SHO पद से हटाया गया, जांच के बाद 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई।
Q4. अमेरिका ने पहले क्या कहा था?
उत्तर: अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अमेरिका में भी आरोप लगाए गए हैं और उसके प्रत्यर्पण की मांग की जाएगी।
Conclusion:
लोकसभा में केंद्र सरकार के बयान से स्पष्ट हो गया है कि पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण को लेकर अमेरिका की ओर से अब तक कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, भारत में अधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई पहले ही शुरू की जा चुकी है। अब इस मामले में आगे की कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
