गुरुग्राम में अवैध PG पर सीलिंग अभियान एक सप्ताह के लिए स्थगित, सैकड़ों किरायेदारों को मिली राहत

DLF फेज-3 में अवैध पेइंग गेस्ट आवासों पर कार्रवाई के बीच बेघर हुए कॉर्पोरेट कर्मचारियों को वैकल्पिक आवास तलाशने के लिए मिला एक सप्ताह का समय।

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गुरुग्राम के DLF फेज-3 में अवैध पीजी (Paying Guest) आवासों पर चल रहे सीलिंग अभियान को जनआक्रोश के बाद एक सप्ताह के लिए रोक दिया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने किरायेदारों को नया आवास तलाशने के लिए समय दिया है, जबकि अवैध पीजी संचालकों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

जनविरोध के बाद DLF फेज-3 में सीलिंग अभियान पर एक सप्ताह की रोक

गुरुग्राम के DLF फेज-3 में अवैध पेइंग गेस्ट (PG) आवासों के खिलाफ चल रहे सीलिंग अभियान को फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (DTP) विभाग ने यह फैसला उस समय लिया जब अचानक हुई कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में कॉर्पोरेट कर्मचारी, विशेषकर आईटी और निजी कंपनियों में कार्यरत युवा, रातोंरात बेघर हो गए।

विभाग ने बताया कि इस अवधि के दौरान प्रभावित किरायेदारों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने का अवसर दिया जाएगा।


करीब 300 अवैध PG की हुई पहचान

डीएलएफ फेज-3 में विभाग ने लगभग 300 अवैध पीजी आवासों की पहचान की है। इन आवासों का उपयोग आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जो नियमानुसार अनुमत नहीं है।

अब विभाग सार्वजनिक घोषणाओं और पर्चों के माध्यम से किरायेदारों को पहले से सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए जागरूक करेगा।


DTP अधिकारी बोले- छोटे कमरों के लिए वसूला जा रहा था भारी किराया

गुरुग्राम के डीटीपी (प्रवर्तन) अमित मधोलिया ने कहा कि विभाग को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अवैध पीजी में छोटे-छोटे कमरों के लिए भी 50 हजार रुपये तक का किराया लिया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि पीजी संचालकों को सीलिंग अभियान शुरू होने से पहले ही नियमों के उल्लंघन की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने अपने किरायेदारों को इसकी सूचना नहीं दी।

उनके अनुसार कई लोग कार्रवाई से सिर्फ एक-दो दिन पहले ही इन पीजी में रहने आए थे, जिससे उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।


महिला पेशेवरों को सबसे ज्यादा परेशानी

सीलिंग अभियान के कारण सबसे अधिक प्रभावित युवा महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कॉर्पोरेट कर्मचारी रहे।

कई किरायेदारों को जल्दबाजी में केवल एक बैग लेकर कमरे खाली करने पड़े, जबकि उनका बाकी सामान अंदर ही रह गया। इसके बाद कई लोग सड़कों पर अपना सामान लेकर भटकते नजर आए।


सोशल मीडिया पर उठाई आवाज

प्रभावित किरायेदारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर अपनी परेशानी साझा की।

कई लोगों का आरोप है कि पीजी संचालकों ने अवैध रूप से आवास चलाते हुए उनसे 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी राशि ली थी। अब कार्रवाई के बाद कई संचालक सुरक्षा जमा राशि लौटाने से भी इनकार कर रहे हैं।


विभाग ने किरायेदारों को दी राहत

विभाग का कहना है कि अवैध पीजी संचालकों की लापरवाही का खामियाजा निर्दोष किरायेदारों को नहीं भुगतना चाहिए।

इसी कारण एक सप्ताह की राहत देते हुए लोगों को नया आवास तलाशने का अवसर दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।


Key Highlights:

  • गुरुग्राम के DLF फेज-3 में सीलिंग अभियान एक सप्ताह के लिए स्थगित।
  • लगभग 300 अवैध PG की पहचान।
  • सैकड़ों कॉर्पोरेट कर्मचारी और छात्र हुए प्रभावित।
  • किरायेदारों को नया आवास तलाशने के लिए मिला समय।
  • DTP ने कहा- संचालकों ने किरायेदारों को पहले से सूचना नहीं दी।
  • छोटे कमरों के लिए 50 हजार रुपये तक किराया वसूले जाने का दावा।
  • कई किरायेदारों ने सिक्योरिटी राशि वापस न मिलने का आरोप लगाया।

FAQ Section:

Q1. गुरुग्राम में सीलिंग अभियान क्यों रोका गया?

सार्वजनिक विरोध और प्रभावित किरायेदारों की परेशानियों को देखते हुए विभाग ने अभियान एक सप्ताह के लिए स्थगित किया है।

Q2. कितने अवैध PG की पहचान की गई है?

DLF फेज-3 में करीब 300 अवैध पीजी आवासों की पहचान की गई है।

Q3. किरायेदारों को क्या राहत दी गई है?

उन्हें वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

Q4. किरायेदारों ने क्या आरोप लगाए हैं?

उन्होंने आरोप लगाया कि पीजी संचालकों ने भारी सिक्योरिटी जमा राशि लेने के बावजूद अवैध संचालन की जानकारी छिपाई और अब पैसा लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

Q5. विभाग ने पीजी संचालकों पर क्या कहा?

विभाग के अनुसार संचालकों को पहले ही नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने किरायेदारों को इसकी जानकारी नहीं दी।


Conclusion:

गुरुग्राम में अवैध पीजी पर कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में किरायेदारों के प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक सप्ताह की राहत दी है। हालांकि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अब किरायेदारों की नजर इस बात पर है कि उन्हें सुरक्षा जमा राशि वापस मिलती है या नहीं और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।Screenshot_2652

Edited By: Atul Sharma

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