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पंजाब के सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए रोजाना 20 मिनट का ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’, 31 अगस्त तक चलेगा कार्यक्रम
माइंडफुलनेस कार्यक्रम को मिशन समर्थ के तहत बढ़ाया गया; छात्रों को तनाव प्रबंधन, एकाग्रता और बेहतर सीखने में मिलेगी मदद
पंजाब के सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में छात्रों के लिए रोजाना 20 मिनट का ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’ जारी रहेगा। यह कार्यक्रम 31 अगस्त तक चलेगा और इसमें ब्रीदिंग एक्सरसाइज, गाइडेड रिफ्लेक्शन व ग्रैटिट्यूड जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी।
पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई और कक्षा के दबाव से निपटने में मदद देने के लिए राज्य सरकार ने माइंडफुलनेस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में रोजाना 20 मिनट का ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’ जारी रहेगा। यह व्यवस्था अब 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी।
यह कार्यक्रम राज्य के सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में संचालित किया जाएगा। खास बात यह है कि इसे अतिरिक्त गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि स्कूल के नियमित टाइमटेबल का हिस्सा बनाया गया है।
स्कूलों में दिन का पहला पीरियड होगा 20 मिनट का
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि दिन के पहले पीरियड में 20 मिनट माइंडफुलनेस गतिविधियों के लिए निर्धारित किए जाएं। इसके लिए अंतिम तीन पीरियड में से प्रत्येक की अवधि पांच-पांच मिनट कम की जाएगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को दिन की शुरुआत मानसिक रूप से शांत और केंद्रित तरीके से करने का अवसर देना है।
मिशन समर्थ के तहत बढ़ाया गया कार्यक्रम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पंजाब की ओर से 8 अगस्त को जारी पत्र के अनुसार, माइंडफुलनेस कार्यक्रम को मिशन समर्थ के तहत 31 अगस्त तक बढ़ाया गया है।
इससे पहले यह कार्यक्रम मई के अंत तक चलाया जाना था। अब विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों का लाभ अतिरिक्त अवधि तक मिलता रहेगा।
तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने पर जोर
माइंडफुलनेस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव से बेहतर तरीके से निपटने, एकाग्रता बढ़ाने और कक्षा में सीखने की क्षमता को मजबूत करने में सहायता देना है।
20 मिनट के इस सत्र में विद्यार्थियों को अलग-अलग गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, जिनमें:
- सांस से जुड़े व्यायाम
- गाइडेड रिफ्लेक्शन
- सकारात्मक पुष्टि यानी Affirmations
- Gratitude यानी आभार व्यक्त करने की गतिविधियां
- मानसिक एकाग्रता बढ़ाने वाले अभ्यास
शामिल हैं।
शिक्षक और स्कूल प्रमुख निभाएंगे अहम भूमिका
इन सत्रों का संचालन कक्षा प्रभारी शिक्षक करेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी होगी। शिक्षकों को गतिविधियों के लिए विशेष एक्टिविटी शीट उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके अलावा, शिक्षकों को माइंडफुलनेस बुकलेट में दिए गए 12 चरणों वाले प्रक्रिया मॉडल के अनुसार सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Key Highlights:
- पंजाब के सरकारी स्कूलों में रोजाना 20 मिनट का ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’।
- कार्यक्रम 31 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा।
- सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू।
- पहला पीरियड 20 मिनट का होगा।
- अंतिम तीन पीरियड से पांच-पांच मिनट कम किए जाएंगे।
- कार्यक्रम को मिशन समर्थ के तहत आगे बढ़ाया गया है।
- छात्रों को तनाव प्रबंधन और एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- ब्रीदिंग एक्सरसाइज, रिफ्लेक्शन, Affirmations और Gratitude गतिविधियां कराई जाएंगी।
- सत्रों की निगरानी स्कूल प्रमुख करेंगे।
FAQ Section:
Q1. पंजाब के सरकारी स्कूलों में ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’ कितने समय का होगा?
Ans: छात्रों के लिए रोजाना 20 मिनट का ‘मेंटल हेल्थ पीरियड’ निर्धारित किया गया है।
Q2. यह माइंडफुलनेस कार्यक्रम कब तक चलेगा?
Ans: कार्यक्रम को 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाया गया है।
Q3. किन स्कूलों में यह कार्यक्रम लागू होगा?
Ans: यह कार्यक्रम सरकारी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में संचालित किया जाएगा।
Q4. माइंडफुलनेस पीरियड में छात्रों को क्या कराया जाएगा?
Ans: विद्यार्थियों को ब्रीदिंग एक्सरसाइज, गाइडेड रिफ्लेक्शन, Affirmations और Gratitude जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
Q5. स्कूल के टाइमटेबल में इसके लिए समय कैसे निकाला जाएगा?
Ans: पहले पीरियड के लिए 20 मिनट निर्धारित किए जाएंगे और अंतिम तीन पीरियड में से प्रत्येक से पांच मिनट कम किए जाएंगे।
Conclusion:
पंजाब सरकार का माइंडफुलनेस कार्यक्रम विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। रोजाना 20 मिनट के इन सत्रों के जरिए छात्रों को तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम को नियमित टाइमटेबल का हिस्सा बनाने से स्कूल स्तर पर इसका लगातार संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
