Tilak Sindoor Mandir: दुनिया का इकलौता शिवलिंग जहां चढ़ता है सिंदूर! भस्मासुर से जुड़ी है रहस्यमयी मान्यता

इटारसी के पास स्थित तिलकसिंदूर मंदिर में शिवलिंग पर जल और दूध के साथ सिंदूर चढ़ाने की परंपरा, पचमढ़ी तक सुरंग होने का दावा भी चर्चा में

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मध्य प्रदेश के इटारसी के पास स्थित तिलकसिंदूर मंदिर अपनी अनोखी पूजा परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां शिवलिंग पर जल और दूध के साथ सिंदूर चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव ने यहां शरण ली थी।

 

मध्य प्रदेश के इटारसी के पास स्थित तिलकसिंदूर मंदिर आस्था और रहस्य से जुड़ी अपनी अनोखी मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर सामान्य जल और दूध के अभिषेक के साथ सिंदूर चढ़ाने की परंपरा बताई जाती है।

स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्मासुर से बचने के दौरान भगवान शिव ने इसी स्थान पर शरण ली थी। इसी कथा से मंदिर और यहां की पूजा परंपरा को जोड़ा जाता है। मंदिर से जुड़ी एक अन्य मान्यता पचमढ़ी तक जाने वाली एक प्राचीन सुरंग को लेकर भी है, जिसे आज भी मौजूद बताया जाता है।

शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता है सिंदूर?

तिलकसिंदूर मंदिर की सबसे खास बात यहां शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है। श्रद्धालु भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर सिंदूर अर्पित करते हैं।

स्थानीय मान्यताओं में इस परंपरा को मंदिर की धार्मिक पहचान से जोड़ा जाता है। इसी वजह से तिलकसिंदूर मंदिर दूसरे शिव मंदिरों से अलग नजर आता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

भस्मासुर की कथा से जुड़ा है मंदिर

पौराणिक मान्यता के अनुसार भस्मासुर ने भगवान शिव से ऐसा वरदान प्राप्त किया था, जिसके बाद वह जिसके सिर पर हाथ रखता, वह भस्म हो जाता। वरदान मिलने के बाद भस्मासुर ने भगवान शिव को ही संकट में डाल दिया।

मान्यता है कि भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव अलग-अलग स्थानों पर गए और इसी दौरान उन्होंने तिलकसिंदूर में शरण ली। मंदिर की धार्मिक कथा इसी प्रसंग से जुड़ी बताई जाती है।

पचमढ़ी तक सुरंग होने की मान्यता

तिलकसिंदूर मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में एक प्राचीन सुरंग भी शामिल है। स्थानीय लोगों के बीच यह दावा किया जाता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए यहां से पचमढ़ी तक जाने वाली सुरंग का इस्तेमाल किया था।

इस सुरंग को लेकर कई धार्मिक और स्थानीय कथाएं प्रचलित हैं। हालांकि, सुरंग और पौराणिक कथा से जुड़े इन दावों को धार्मिक मान्यता और स्थानीय परंपरा के संदर्भ में ही देखा जाता है।

आस्था और रहस्य का अनोखा संगम

तिलकसिंदूर मंदिर की पहचान केवल पूजा की अनोखी परंपरा तक सीमित नहीं है। यहां की पौराणिक मान्यताएं, शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा और सुरंग से जुड़ी कहानियां इसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष बनाती हैं।

मंदिर में आने वाले भक्त भगवान शिव का अभिषेक कर सिंदूर अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

Key Highlights:

  • तिलकसिंदूर मंदिर मध्य प्रदेश के इटारसी के पास स्थित है।
  • यहां शिवलिंग पर जल और दूध के साथ सिंदूर चढ़ाने की परंपरा बताई जाती है।
  • मंदिर की मान्यता भस्मासुर की पौराणिक कथा से जुड़ी है।
  • मान्यता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए यहां शरण ली थी।
  • मंदिर से पचमढ़ी तक प्राचीन सुरंग होने का स्थानीय दावा है।
  • सिंदूर चढ़ाने की परंपरा मंदिर की सबसे खास धार्मिक पहचान मानी जाती है।

FAQ Section

तिलकसिंदूर मंदिर कहां स्थित है?

तिलकसिंदूर मंदिर मध्य प्रदेश में इटारसी के पास स्थित बताया जाता है।

तिलकसिंदूर मंदिर के शिवलिंग की क्या खासियत है?

यहां शिवलिंग पर जल और दूध के अभिषेक के साथ सिंदूर चढ़ाने की अनोखी परंपरा बताई जाती है।

तिलकसिंदूर मंदिर का संबंध भस्मासुर से कैसे है?

स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्मासुर से बचने के दौरान भगवान शिव ने इस स्थान पर शरण ली थी।

क्या मंदिर से पचमढ़ी तक सुरंग है?

स्थानीय मान्यता और प्रचलित कथाओं में यहां से पचमढ़ी तक एक प्राचीन सुरंग होने का दावा किया जाता है। इसे धार्मिक मान्यता के रूप में देखा जाता है।

तिलकसिंदूर मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?

मंदिर शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने की अनोखी परंपरा और भस्मासुर व रहस्यमयी सुरंग से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध है।

Conclusion:

तिलकसिंदूर मंदिर आस्था, पौराणिक कथाओं और स्थानीय मान्यताओं का अनोखा संगम है। शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा इसे विशेष धार्मिक पहचान देती है। वहीं भस्मासुर से जुड़ी कथा और पचमढ़ी तक सुरंग होने की मान्यता मंदिर के रहस्य को और बढ़ाती है। इन कथाओं को धार्मिक और स्थानीय मान्यताओं के संदर्भ में देखा जाता है, जबकि मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।Untitled design (24).jpg (1)

Edited By: Atul Sharma

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