- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने BJP सरकार पर साधा निशाना, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने BJP सरकार पर साधा निशाना, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
फतेहाबाद के भट्टू ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन में सैलजा ने किसान, युवा और आम परिवारों से जुड़े मुद्दे उठाए; चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
सिरसा से कांग्रेस सांसद और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने फतेहाबाद में आयोजित कांग्रेस सम्मेलन के दौरान BJP सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने किसानों, बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसे मुद्दों के साथ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी पारदर्शिता की मांग की।
सिरसा से कांग्रेस सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने बुधवार को फतेहाबाद जिले के भट्टू ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम परिवारों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए BJP सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
सैलजा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता नाथूसरी चौपटा समेत आसपास के क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़े विषयों को गांव-गांव और घर-घर तक ले जाने का काम किया जाएगा।
H2: किसान, युवा और आम परिवारों के मुद्दे उठाएसैलजा ने आरोप लगाया कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं और आम परिवारों को सरकार की नीतियों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, कृषि और उद्योग जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। सैलजा ने किसानों को खाद मिलने में देरी का भी आरोप लगाया और कहा कि कुछ स्थानों पर किसानों को खाद लेने के लिए पुलिस थानों तक जाना पड़ रहा है।
उन्होंने MGNREGA और औद्योगिक क्षेत्र को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए और कहा कि इन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस जनता के बीच उठाएगी।
H2: BJP-RSS की विचारधारा को लेकर सैलजा का आरोप
सैलजा ने BJP और RSS की विचारधारा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक और जातिगत मुद्दों के जरिए लोगों को विभाजित करने की कोशिश की जाती है।
सैलजा ने कहा कि चुनाव के समय ऐसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, कृषि और उद्योग जैसे जनहित के मुद्दे पीछे चले जाते हैं। ये सैलजा और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
H2: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कुमारी सैलजा ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
हाल की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें Form 6, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे और चुनावी डेटाबेस के संचालन से संबंधित विषय शामिल थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद कहा है कि आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था और SIR से संबंधित नया हिस्सा अलग एनेक्सर के रूप में जोड़ा गया था।
H3: Form 6 को लेकर क्या है विवाद?
Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने Form 6 से जुड़े बदलावों को लेकर आपत्ति दर्ज की थी।
इस मुद्दे पर चुनाव आयोग ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मूल Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग के मुताबिक, SIR से संबंधित घोषणा को अलग एनेक्सर के रूप में जोड़ा गया था।
H2: राहुल गांधी की मांग का भी सैलजा ने किया जिक्र
सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनावी सूची और चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही तथा पारदर्शिता से जुड़े सवाल लगातार उठाते रहे हैं।
उन्होंने हालिया रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग की। सैलजा के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
H2: मीडिया संस्थानों पर दबाव का भी आरोप
कुमारी सैलजा ने प्रमुख मीडिया संस्थानों पर कथित दबाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि Enforcement Directorate यानी ED की कार्रवाई के डर का इस्तेमाल मीडिया संस्थानों को चुप कराने के लिए किया जा रहा है।
यह आरोप सैलजा की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
Key Highlights:
- सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने फतेहाबाद के भट्टू ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित किया।
- उन्होंने किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम परिवारों के मुद्दे उठाए।
- सैलजा ने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, कृषि और उद्योग को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
- उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
- मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
- Form 6 और चुनावी डेटाबेस से जुड़े मुद्दे भी रिपोर्टों में सामने आए।
- चुनाव आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।
- सैलजा ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
- उन्होंने मीडिया संस्थानों पर कथित दबाव को लेकर भी आरोप लगाए।
FAQ Section:
Q1. कुमारी सैलजा ने यह बयान कहां दिया?
कुमारी सैलजा ने फतेहाबाद जिले के भट्टू ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
Q2. सैलजा ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, मजदूर, युवा और आम परिवार सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, कृषि और उद्योग से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
Q3. चुनाव आयोग को लेकर सैलजा ने क्या कहा?
सैलजा ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर सवाल उठाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में विभिन्न फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
Q4. Form 6 को लेकर क्या मामला है?
Form 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। दो चुनाव आयुक्तों की ओर से इससे जुड़े बदलाव पर आपत्ति की रिपोर्ट सामने आई थी। चुनाव आयोग ने बाद में कहा कि मूल Form 6 में बदलाव नहीं किया गया और SIR से संबंधित हिस्सा अलग एनेक्सर के रूप में जोड़ा गया था।
Q5. क्या चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है?
हां। चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
Conclusion:
फतेहाबाद के भट्टू में कांग्रेस सम्मेलन के दौरान कुमारी सैलजा ने किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों के साथ चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का विषय भी उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवादों की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है और Form 6 में बदलाव को लेकर भी स्पष्टीकरण जारी किया है। ऐसे में पूरे मामले में कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।
