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अमृतसर BRTS कॉरिडोर हटाने के काम पर रोक, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में NGO की याचिका के बाद ठेकेदार को काम बंद करने के निर्देश
BRTS ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म हटाने का मामला 28 सितंबर को फिर सुनवाई के लिए आएगा; नगर निगम ने भी ठेकेदार को काम रोकने को कहा
अमृतसर में BRTS कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। एक NGO की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद संबंधित ठेकेदार को अगली सुनवाई तक काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
अमृतसर में Bus Rapid Transit System (BRTS) कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया को लेकर मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक NGO की ओर से BRTS कॉरिडोर को dismantle किए जाने का विरोध करते हुए याचिका दायर किए जाने के बाद संबंधित ठेकेदार को फिलहाल काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम की ओर से भी इस संबंध में ठेकेदार को नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम के Civil Department के Superintending Engineer Sandeep Singh के अनुसार, BRTS की ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म हटाने से जुड़ा मामला अब 28 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आएगा।
H2: हाईकोर्ट में 28 सितंबर को होगी अगली सुनवाईSuperintending Engineer Sandeep Singh ने बताया कि अदालत के आदेश को औपचारिक Stay Order नहीं माना गया है। हालांकि, संबंधित ठेकेदार को अगली सुनवाई तक BRTS हटाने का काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले के बाद BRTS कॉरिडोर के हिस्सों को हटाने की चल रही प्रक्रिया फिलहाल थम गई है।
H2: नगर निगम ने शुरू की थी BRTS ढांचे को हटाने की तैयारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नगर निगम ने BRTS इंफ्रास्ट्रक्चर के कुछ हिस्सों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी थी।
इस प्रक्रिया में BRTS कॉरिडोर की ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म समेत अन्य संरचनाओं को हटाने का प्रस्ताव शामिल था। NGO की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किए जाने के बाद मामला अदालत पहुंच गया।
H2: BRTS को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज
BRTS कॉरिडोर को हटाने का प्रस्ताव अमृतसर में राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है। अकाली नेता Bikram Singh Majithia ने हाल ही में BRTS को हटाने के लिए जारी किए गए टेंडर में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
इन आरोपों के बाद परियोजना को हटाने की प्रक्रिया और उसके लिए जारी टेंडर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की अंतिम पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
H2: करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ था BRTS
अमृतसर का BRTS प्रोजेक्ट वर्ष 2016 में तत्कालीन SAD-BJP सरकार के कार्यकाल में तैयार किया गया था। इसकी अनुमानित लागत करीब 600 करोड़ रुपये बताई गई थी।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर के व्यस्त मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और बसों के लिए dedicated corridor उपलब्ध कराना था।
H3: 2023 में बंद हुई थी BRTS सेवा
शहर में BRTS सेवा जुलाई 2023 में बंद कर दी गई थी। इसके बाद BRTS से जुड़ा बड़ा हिस्सा लंबे समय तक उपयोग में नहीं आया।
अब नगर निगम की ओर से इसके कुछ हिस्सों को हटाने की तैयारी की जा रही थी, जिस पर NGO की याचिका के बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई है।
H2: BRTS को लेकर Amritsar Vikas Manch ने भी उठाई आवाज
Amritsar Vikas Manch के Patron-in-Chief Kulwant Singh ने कहा कि BRTS परियोजना का उद्देश्य शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करना और लोगों को dedicated public transport corridor उपलब्ध कराना था।
उनके अनुसार, इस परियोजना को शहर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
Key Highlights:
- अमृतसर BRTS कॉरिडोर को हटाने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।
- एक NGO ने BRTS कॉरिडोर को हटाने के खिलाफ याचिका दायर की।
- संबंधित ठेकेदार को अगली सुनवाई तक काम रोकने के निर्देश दिए गए।
- BRTS ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म हटाने का मामला 28 सितंबर को सुनवाई के लिए आएगा।
- नगर निगम ने ठेकेदार को इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं।
- हाईकोर्ट का आदेश औपचारिक Stay Order नहीं है, लेकिन काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
- BRTS परियोजना वर्ष 2016 में करीब 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हुई थी।
- BRTS सेवा जुलाई 2023 में बंद कर दी गई थी।
- परियोजना को हटाने को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो चुकी है।
FAQ Section:
Q1. अमृतसर BRTS का मामला हाईकोर्ट क्यों पहुंचा?
एक NGO ने BRTS कॉरिडोर और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है।
Q2. हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं?
संबंधित ठेकेदार को अगली सुनवाई तक BRTS हटाने का काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, नगर निगम अधिकारी के अनुसार इसे औपचारिक Stay Order नहीं माना गया है।
Q3. BRTS हटाने के मामले की अगली सुनवाई कब है?
BRTS की ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म हटाने से संबंधित मामला 28 सितंबर को फिर सुनवाई के लिए आएगा।
Q4. अमृतसर BRTS प्रोजेक्ट कब शुरू हुआ था?
BRTS परियोजना वर्ष 2016 में तत्कालीन SAD-BJP सरकार के कार्यकाल में करीब 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार की गई थी।
Q5. अमृतसर में BRTS सेवा कब बंद हुई?
BRTS सेवा जुलाई 2023 में बंद कर दी गई थी।
Q6. BRTS को लेकर राजनीतिक विवाद क्यों है?
BRTS इंफ्रास्ट्रक्चर को हटाने के प्रस्ताव के बाद परियोजना के भविष्य को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हुई। अकाली नेता Bikram Singh Majithia ने dismantling के लिए जारी टेंडर में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच या न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा।
Conclusion:
अमृतसर BRTS कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया फिलहाल न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है। NGO की याचिका के बाद संबंधित ठेकेदार को अगली सुनवाई तक काम रोकने के निर्देश दिए गए हैं। 28 सितंबर की सुनवाई में BRTS ग्रिल और स्टेशन प्लेटफॉर्म हटाने से जुड़े मामले पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस बीच, BRTS परियोजना के भविष्य को लेकर प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस जारी है।
