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गुरुग्राम में अवैध PG और गेस्ट हाउस पर DTCP की सख्ती, 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह
DLF फेज-1 से 5 तक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी, सीलिंग अभियान फिर शुरू होने से पहले किरायेदारों और पेइंग गेस्ट को चेतावनी।
गुरुग्राम में अवैध रूप से संचालित PG, गेस्ट हाउस, होटल, हॉस्टल, को-लिविंग स्पेस और व्यावसायिक कार्यालयों के खिलाफ DTCP ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने 30 जून तक प्रभावित लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करने और भवन की कानूनी स्थिति की जांच करने की सलाह दी है।
गुरुग्राम में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर DTCP का शिकंजा
हरियाणा के गुरुग्राम में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTCP) ने DLF फेज-1 से फेज-5 तक अवैध रूप से संचालित पेइंग गेस्ट (PG), गेस्ट हाउस, होटल, हॉस्टल, को-लिविंग सुविधाओं और व्यावसायिक कार्यालयों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक एडवाइजरी जारी करते हुए किरायेदारों, पेइंग गेस्ट और निवासियों से 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है। इसके बाद सीलिंग अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।
## DLF फेज-3 में बांटी जा रही है सार्वजनिक एडवाइजरी
जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन), गुरुग्राम के कार्यालय की ओर से जारी यह एडवाइजरी फिलहाल DLF फेज-3 में वितरित की जा रही है।यह कदम विभाग द्वारा सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान में लगभग एक सप्ताह का विराम देने के बाद उठाया गया है, ताकि प्रभावित किरायेदारों और पेइंग गेस्ट को नई व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
## भवन की कानूनी स्थिति जांचने की अपील
DTCP ने लोगों से अपील की है कि वे जिस भवन में रह रहे हैं उसकी कानूनी स्थिति की जांच करें और मकान मालिकों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।
विभाग का कहना है कि कई मामलों में भवन मालिक और संचालक किरायेदारों को पहले से जारी नोटिसों की जानकारी नहीं देते, जिससे कार्रवाई के समय उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
## अवैध व्यावसायिक उपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई
एडवाइजरी में कहा गया है कि बड़ी संख्या में आवासीय भूखंडों का उपयोग नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, यह उपयोग स्वीकृत ज़ोनिंग नियमों, भवन नक्शों और विकास नियंत्रण मानकों का उल्लंघन है। कई भवन पहले ही सील किए जा चुके हैं और अन्य मामलों में भी कार्रवाई जारी है।
साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों को सील किए जाने से होने वाले किसी भी नुकसान या असुविधा के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।
## हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुआ अभियान
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उन आदेशों के बाद की जा रही है, जिनमें DLF की विभिन्न कॉलोनियों में अवैध निर्माण और आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
## जांच में सामने आए बड़े उल्लंघन
प्रवर्तन अभियान के दौरान अधिकारियों ने कई गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।
जांच में सामने आया कि कुछ आवासीय प्लॉटों को बड़े पैमाने पर PG में बदल दिया गया था, जहां 100 तक कमरे संचालित किए जा रहे थे।
नाथूपुर रोड पर एक संयुक्त परिसर में 128 अवैध PG कमरे पाए गए। वहीं, अभियान के दौरान कुछ दिनों में ही विभिन्न संपत्तियों में 200 से अधिक कमरों को सील किया गया।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि जहां नियमों के अनुसार स्टिल्ट प्लस चार मंजिल तक निर्माण की अनुमति है, वहां कई भवनों में स्टिल्ट प्लस पांच मंजिल तक निर्माण किया गया था।
Key Highlights:
- DTCP ने DLF फेज-1 से 5 तक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की।
- 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह।
- अवैध PG, होटल, हॉस्टल और व्यावसायिक कार्यालयों पर होगी कार्रवाई।
- किरायेदारों से भवन की कानूनी स्थिति जांचने की अपील।
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीलिंग अभियान तेज।
- नाथूपुर रोड पर 128 अवैध PG कमरे मिले।
- कई भवनों में निर्माण नियमों के उल्लंघन का खुलासा।
## FAQ Section
प्रश्न 1: DTCP ने किसे एडवाइजरी जारी की है?
DLF फेज-1 से 5 में रहने वाले किरायेदारों, पेइंग गेस्ट, भवन मालिकों और अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को।
प्रश्न 2: अंतिम तिथि क्या है?
विभाग ने 30 जून तक वैकल्पिक व्यवस्था करने और भवन की कानूनी स्थिति की जांच करने की सलाह दी है।
प्रश्न 3: कार्रवाई किन प्रतिष्ठानों पर होगी?
अवैध रूप से संचालित PG, गेस्ट हाउस, होटल, हॉस्टल, को-लिविंग स्पेस और व्यावसायिक कार्यालयों पर।
प्रश्न 4: अभियान किस आधार पर चलाया जा रहा है?
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत अवैध निर्माण और आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ की जा रही है।
Conclusion:
गुरुग्राम में आवासीय क्षेत्रों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर DTCP ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने किरायेदारों और पेइंग गेस्ट को समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है, क्योंकि 30 जून के बाद सीलिंग अभियान फिर से तेज होने की संभावना है। ऐसे में प्रभावित लोगों के लिए भवन की कानूनी स्थिति की जांच करना और मकान मालिकों से आवश्यक जानकारी लेना महत्वपूर्ण होगा।

