अंबाला कैंट को फ्रीहोल्ड दर्जा दिलाने की मांग तेज, चितरा सरवारा ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

42 बूथों में घर-घर और बाजारों में चलेगा अभियान, प्रस्तावित फ्रीहोल्ड नीति में 60 से 72 हजार रुपये प्रति वर्ग गज शुल्क पर उठे सवाल

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अंबाला कैंट क्षेत्र को फ्रीहोल्ड दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। अभियान की अगुवाई स्थानीय नेता चितरा सरवारा कर रही हैं, जिन्होंने सरकार से वर्षों पुराने संपत्ति अधिकार के मुद्दे को जल्द हल करने की मांग की है।

 

अंबाला कैंट क्षेत्र को फ्रीहोल्ड दर्जा दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। वर्षों से लंबित इस मुद्दे को लेकर रविवार को अंबाला सदर बाजार चौक से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का उद्देश्य स्थानीय लोगों को एकजुट करना और सरकार पर इस मामले में जल्द फैसला लेने का दबाव बनाना है।

‘आजाद अंबाला कैंटोनमेंट’ अभियान का नेतृत्व कर रहीं स्थानीय नेता चितरा सरवारा ने हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि अंबाला कैंट को फ्रीहोल्ड दर्जा देना केवल संपत्ति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह लोगों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा मामला है।

दशकों से संपत्तियों पर रह रहे परिवारों का मुद्दा

चितरा सरवारा के अनुसार, अंबाला कैंट के एक्साइज क्षेत्र में सैकड़ों परिवार कई दशकों से अपनी संपत्तियों में रह रहे हैं। इन परिवारों की ओर से वर्षों से हाउस टैक्स और अन्य शुल्क भी जमा किए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी संपत्तियों पर पूर्ण और सुरक्षित मालिकाना अधिकार नहीं मिल पाया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में पिछले करीब 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन अभी तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा विधायक भाजपा से हैं और केंद्र तथा राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के कारण इस मुद्दे के समाधान की जिम्मेदारी भी सरकार की बनती है।

घर-घर और दुकान-दुकान चलेगा हस्ताक्षर अभियान

चितरा सरवारा ने कहा कि सरकार की ओर से इस समस्या के समाधान की इच्छा जताई गई है, लेकिन केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर सरकार पर सकारात्मक निर्णय लेने का दबाव बनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि हाल ही में Urban Local Bodies Minister को ज्ञापन सौंपा गया था। अब हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।

अंबाला कैंट के 42 बूथ इस फ्रीहोल्ड मुद्दे से प्रभावित बताए गए हैं। अभियान के तहत टीमें घर-घर जाकर लोगों से हस्ताक्षर करवाएंगी। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को अलग-अलग बाजारों में दुकान-दुकान जाकर भी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

प्रस्तावित फ्रीहोल्ड नीति के शुल्क पर सवाल

चितरा सरवारा ने प्रस्तावित फ्रीहोल्ड नीति को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि फ्रीहोल्ड का उद्देश्य लोगों को स्पष्ट और सुरक्षित संपत्ति अधिकार देना होना चाहिए, न कि उन पर नया आर्थिक बोझ डालना।

60 से 72 हजार रुपये प्रति वर्ग गज शुल्क पर आपत्ति

उन्होंने ड्राफ्ट नीति में प्रस्तावित शुल्क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कलेक्टर रेट के आधार पर करीब 60,000 रुपये से 72,000 रुपये प्रति वर्ग गज तक शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है।

उनके अनुसार, दशकों से इन संपत्तियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित मालिकाना हक मिलना चाहिए, लेकिन यदि इसके लिए अत्यधिक शुल्क लगाया जाता है तो कई परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है।

Key Highlights:

  • अंबाला कैंट को फ्रीहोल्ड दर्जा देने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू।
  • अभियान की शुरुआत अंबाला सदर बाजार चौक से की गई।
  • स्थानीय नेता चितरा सरवारा अभियान का नेतृत्व कर रही हैं।
  • अंबाला कैंट के 42 बूथ इस मुद्दे से प्रभावित बताए गए हैं।
  • टीमें घर-घर जाकर लोगों से हस्ताक्षर करवाएंगी।
  • हर रविवार को विभिन्न बाजारों में दुकान-दुकान अभियान चलाया जाएगा।
  • चितरा सरवारा ने इसे संपत्ति के साथ-साथ लोगों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों का मुद्दा बताया।
  • प्रस्तावित नीति में 60,000 से 72,000 रुपये प्रति वर्ग गज शुल्क को लेकर चिंता जताई गई।
  • Urban Local Bodies Minister को हाल ही में ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी दी गई।
  • सरकार से जल्द और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई।

FAQ Section:

Q1. अंबाला कैंट को लेकर किस मांग पर हस्ताक्षर अभियान शुरू हुआ है?
अंबाला कैंट क्षेत्र की संपत्तियों को फ्रीहोल्ड दर्जा देने और लोगों को स्पष्ट एवं सुरक्षित मालिकाना अधिकार दिलाने की मांग को लेकर अभियान शुरू किया गया है।

Q2. हस्ताक्षर अभियान की अगुवाई कौन कर रहा है?
स्थानीय नेता चितरा सरवारा, जो ‘आजाद अंबाला कैंटोनमेंट’ अभियान का नेतृत्व कर रही हैं, हस्ताक्षर अभियान की अगुवाई कर रही हैं।

Q3. अंबाला कैंट के कितने बूथ इस मुद्दे से प्रभावित हैं?
अभियान के अनुसार, अंबाला कैंट के 42 बूथ फ्रीहोल्ड मुद्दे से प्रभावित हैं।

Q4. प्रस्तावित फ्रीहोल्ड नीति में कितना शुल्क बताया गया है?
ड्राफ्ट नीति को लेकर चितरा सरवारा ने करीब 60,000 से 72,000 रुपये प्रति वर्ग गज तक शुल्क प्रस्तावित होने पर चिंता जताई है।

Q5. हस्ताक्षर अभियान कैसे चलाया जाएगा?
अभियान के तहत टीमें घर-घर जाएंगी और लोगों से हस्ताक्षर करवाएंगी। इसके अलावा हर रविवार को अलग-अलग बाजारों में दुकान-दुकान जाकर भी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

Conclusion:

अंबाला कैंट को फ्रीहोल्ड दर्जा देने का मुद्दा एक बार फिर स्थानीय स्तर पर जोर पकड़ रहा है। हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोगों को जोड़ने और सरकार पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, प्रस्तावित शुल्क को लेकर उठाई गई आपत्तियों ने इस मामले के आर्थिक पहलू को भी चर्चा में ला दिया है। अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम और फ्रीहोल्ड नीति पर होने वाले अंतिम निर्णय पर है।Screenshot_1441

Edited By: Atul Sharma

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