- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- हरियाणा में BPL परिवारों की संख्या में बड़ा उलटफेर, 13.50 लाख परिवार सूची से बाहर; कांग्रेस ने उठाए
हरियाणा में BPL परिवारों की संख्या में बड़ा उलटफेर, 13.50 लाख परिवार सूची से बाहर; कांग्रेस ने उठाए सवाल
सितंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले BPL परिवारों की संख्या करीब 52.50 लाख पहुंची थी, अब सत्यापन के बाद लगभग 39.89 लाख परिवार सूची में बचे
हरियाणा में गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL परिवारों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी बदलाव देखने को मिला है। करीब 13.50 लाख परिवारों को अब BPL सूची से हटाया जा चुका है, जिस पर कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है।
हरियाणा में गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL परिवारों की पहचान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पिछले कुछ वर्षों में BPL सूची में शामिल परिवारों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी और फिर बड़ी संख्या में परिवारों के बाहर होने से लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
सितंबर 2024 में विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले राज्य में BPL परिवारों की संख्या बढ़कर करीब 52.50 लाख हो गई थी। इसके बाद सरकार ने पात्रता की जांच के लिए भौतिक सत्यापन अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत अब तक करीब 13.50 लाख परिवारों को BPL सूची से बाहर किया जा चुका है।
अब करीब 39.89 लाख परिवार BPL सूची में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया के बाद राज्य में लगभग 39.89 लाख परिवार BPL सूची में रह गए हैं। सरकार का कहना है कि भौतिक सत्यापन का उद्देश्य ऐसे परिवारों की पहचान करना है, जो निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते और लाभार्थियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना है।हालांकि, सत्यापन अभियान के बीच BPL परिवारों की संख्या में आए बड़े बदलाव ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से मांगा जवाब
सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने BPL आंकड़ों में इतनी बड़ी गिरावट पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उनका सवाल है कि विधानसभा चुनाव के कुछ ही समय बाद ऐसा कौन सा आर्थिक या सामाजिक बदलाव आया, जिसके कारण 13.50 लाख परिवार BPL लाभ के लिए अपात्र हो गए।
सैलजा ने सवाल उठाया कि क्या इन परिवारों की आय इतनी तेजी से बढ़ गई कि वे गरीबी रेखा से बाहर हो गए या फिर चुनाव से पहले राजनीतिक कारणों से बड़ी संख्या में परिवारों को BPL श्रेणी में शामिल किया गया था।
पहले 52 लाख से अधिक परिवारों का आंकड़ा आया था
BPL सूची में हुई वृद्धि का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। नवंबर 2024 में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में 1,98,90,964 लोगों को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों से संबंधित बताया गया था। ये आंकड़े 52 लाख से अधिक परिवारों से जुड़े थे।
उस समय हरियाणा की अनुमानित आबादी करीब 2.8 करोड़ मानी जा रही थी। ऐसे में करीब 67 प्रतिशत आबादी के BPL श्रेणी में आने का आंकड़ा सामने आया था। इसके मुकाबले दिसंबर 2022 में BPL श्रेणी में शामिल लोगों की संख्या करीब 1.2 करोड़ थी।
इन आंकड़ों में भारी अंतर ने राज्य के विकास संबंधी दावों और गरीबी रेखा से नीचे दर्ज आबादी के बीच कथित अंतर को लेकर सवाल खड़े किए थे।
BPL परिवारों को मिलते हैं कई सरकारी लाभ
BPL श्रेणी में शामिल परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। इनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराना प्रमुख है।
खाद्यान्न के साथ अन्य सुविधाएं
पात्र BPL परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या बाजरा मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा सब्सिडी वाले सरसों के तेल और चीनी जैसी सुविधाएं भी योजनाओं के तहत दी जाती हैं।
राज्य के कई अन्य सरकारी विभाग भी BPL परिवारों को ध्यान में रखकर अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं संचालित करते हैं। इसलिए BPL सूची में शामिल होने या उससे बाहर होने का सीधा असर परिवारों को मिलने वाले सरकारी लाभों पर पड़ सकता है।
सैलजा ने पारदर्शी सत्यापन की मांग की
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को BPL सूची में शामिल किया और अब उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार वास्तव में पात्र है तो उसे बिना पारदर्शी जांच के सूची से बाहर करना उचित नहीं होगा। उन्होंने BPL सत्यापन प्रक्रिया में ग्राम सभाओं, स्थानीय निकायों और संबंधित परिवारों को शामिल करने की मांग की है।
Key Highlights:
- हरियाणा में BPL परिवारों की संख्या में बड़ा बदलाव सामने आया।
- सितंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले करीब 52.50 लाख परिवार BPL सूची में थे।
- अब तक लगभग 13.50 लाख परिवार सूची से हटाए जा चुके हैं।
- वर्तमान में करीब 39.89 लाख परिवार BPL सूची में बताए जा रहे हैं।
- सरकार भौतिक सत्यापन के जरिए पात्रता की जांच कर रही है।
- कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने आंकड़ों में बदलाव को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं।
- BPL परिवारों को PDS के तहत मुफ्त खाद्यान्न समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।
- सैलजा ने सत्यापन में ग्राम सभा, स्थानीय निकाय और प्रभावित परिवारों की भागीदारी की मांग की है।
FAQ Section:
Q1. हरियाणा में अभी कितने BPL परिवार हैं?
उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सत्यापन के बाद करीब 39.89 लाख परिवार BPL सूची में रह गए हैं।
Q2. कितने परिवारों को BPL सूची से हटाया गया है?
भौतिक सत्यापन अभियान के तहत करीब 13.50 लाख परिवारों को सूची से हटाया जा चुका है।
Q3. BPL सूची में परिवारों की संख्या पहले कितनी थी?
सितंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले BPL परिवारों की संख्या करीब 52.50 लाख तक पहुंच गई थी।
Q4. BPL परिवारों को क्या लाभ मिलते हैं?
BPL परिवारों को PDS के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या बाजरा मुफ्त मिलने के अलावा सब्सिडी वाले सरसों के तेल और चीनी समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।
Q5. BPL सत्यापन को लेकर कांग्रेस ने क्या सवाल उठाए हैं?
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने पूछा है कि विधानसभा चुनाव के बाद इतने कम समय में 13.50 लाख परिवार किस तरह BPL लाभ के लिए अपात्र हो गए। उन्होंने पारदर्शी सत्यापन की मांग की है।
Conclusion:
हरियाणा में BPL परिवारों की संख्या में कुछ ही वर्षों के भीतर आया बड़ा बदलाव अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। जहां सरकार इसे लाभार्थी डेटाबेस को व्यवस्थित करने और अपात्र परिवारों को हटाने की प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और चुनाव से पहले हुए बड़े इजाफे पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में सत्यापन प्रक्रिया और इसके अंतिम आंकड़े इस विवाद को लेकर तस्वीर और स्पष्ट कर सकते हैं।
