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हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने भिवानी में किया औचक निरीक्षण, अस्पताल में लापरवाही की शिकायत पर दिए सख्त निर्देश
जिला जेल, सिविल अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का लिया जायजा, महिलाओं से सीधे बातचीत कर जानी समस्याएं
हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) की उपाध्यक्ष मीना परमार ने भिवानी में जिला जेल, सिविल अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। अस्पताल में उपचार में लापरवाही की शिकायत मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भिवानी में महिला आयोग की उपाध्यक्ष का औचक निरीक्षण
हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) की उपाध्यक्ष मीना परमार ने शुक्रवार को भिवानी जिले का दौरा कर विभिन्न सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिला जेल, सिविल अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का जायजा लिया तथा महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सेवाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा
मीना परमार ने सिविल अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रसूति सेवाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, महिला वार्ड और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) का भी निरीक्षण किया तथा महिला मरीजों से बातचीत कर उपचार और सुविधाओं की जानकारी ली।
इलाज में लापरवाही की शिकायत पर अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान वार्ड नंबर-3 में भर्ती एक महिला मरीज ने उपचार में लापरवाही की शिकायत की।
महिला की पहचान माही के रूप में हुई, जो भिवानी के जीतू वाला जोहड़ क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि 25 जून को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन उन्हें उचित उपचार नहीं मिल रहा।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मीना परमार ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीज को बिना किसी लापरवाही के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
जिला जेल में महिला बंदियों से की बातचीत
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने जिला जेल का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने जेल में स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता का जायजा लिया। साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं महिला बंदियों को समय पर उपलब्ध कराई जाएं और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
वन स्टॉप सेंटर में सेवाओं की समीक्षा
मीना परमार ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर महिलाओं को दी जा रही कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को आवश्यक सहायता और सेवाएं बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाएं।
Key Highlights
- हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार का भिवानी दौरा।
- जिला जेल, सिविल अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण।
- अस्पताल में इलाज में लापरवाही की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश।
- महिला मरीजों और बंदियों से सीधे बातचीत कर समस्याएं सुनीं।
- स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता और कानूनी सहायता सेवाओं की समीक्षा।
- अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश।
FAQ Section
Q1. मीना परमार ने किन संस्थानों का निरीक्षण किया?
उत्तर: उन्होंने जिला जेल, सिविल अस्पताल, महिला थाना और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया।
Q2. अस्पताल में क्या शिकायत सामने आई?
उत्तर: एक महिला मरीज ने उपचार में लापरवाही की शिकायत की, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
Q3. महिला मरीज कौन थीं?
उत्तर: मरीज की पहचान माही के रूप में हुई, जो भिवानी के जीतू वाला जोहड़ क्षेत्र की निवासी हैं और सड़क दुर्घटना में घायल हुई थीं।
Q4. जिला जेल में किस बात की समीक्षा की गई?
उत्तर: महिला बंदियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई।
Q5. वन स्टॉप सेंटर में क्या निर्देश दिए गए?
उत्तर: अधिकारियों को हिंसा से प्रभावित महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
Conclusion
भिवानी में हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष का यह निरीक्षण महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सामने आई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश यह संकेत देते हैं कि संबंधित विभागों से जवाबदेही और बेहतर सेवा व्यवस्था की अपेक्षा की जा रही है।

