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पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्तियों के बाद बढ़ी अंदरूनी हलचल, मनीष तिवारी के रहस्यमयी पोस्ट और चन्नी की नाराजगी चर्चा में
नई चुनावी समितियों के गठन के बाद कई वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी ने बढ़ाई अटकलें, पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं तेज
पंजाब कांग्रेस की नई चुनावी समितियों के गठन के बाद पार्टी में अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सांसद मनीष तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की कथित नाराजगी ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दिया है।
नई चुनावी समितियों के बाद पंजाब कांग्रेस में हलचल
पंजाब कांग्रेस द्वारा नई चुनावी समितियों की घोषणा के एक दिन बाद पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी नेतृत्व ने अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर बरकरार रखा है। साथ ही तीन कार्यकारी अध्यक्षों की भी नियुक्ति की गई है।
हालांकि, नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कई वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।मनीष तिवारी के सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी को पार्टी के नए संगठनात्मक फेरबदल में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली।
इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई रहस्यमयी (क्रिप्टिक) पोस्ट साझा किए।
उन्होंने लिखा—
"Que sera, sera... Whatever will be, will be."
इस पोस्ट को उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर विभिन्न तरह की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मनीष तिवारी ने सीधे तौर पर किसी फैसले या नेतृत्व की आलोचना नहीं की है।
चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में बताए जा रहे थे, उन्हें चुनाव प्रचार समिति (Campaign Committee) का अध्यक्ष बनाया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चन्नी इस जिम्मेदारी से संतुष्ट नहीं बताए जा रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि उन्होंने इस पद को स्वीकार करने पर असहमति जताई है और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
हालांकि, इस संबंध में चन्नी की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
कई वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने नई चुनावी समितियों का सार्वजनिक रूप से स्वागत नहीं किया।
इन नेताओं में शामिल हैं—
- प्रताप सिंह बाजवा
- चरणजीत सिंह चन्नी
- परगट सिंह
- राणा गुरजीत सिंह
- सुखपाल खैरा
इन नेताओं ने घोषणा के 24 घंटे बाद तक सोशल मीडिया पर न तो नई नियुक्तियों का स्वागत किया और न ही पार्टी नेतृत्व को बधाई दी।
सुखजिंदर रंधावा ने केवल पोस्ट किया री-शेयर
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, जिन्हें भी नए फेरबदल में अपेक्षित महत्व नहीं मिलने की चर्चा है, उन्होंने केवल राजस्थान कांग्रेस नेता सचिन पायलट द्वारा साझा किए गए फेरबदल संबंधी पोस्ट को री-शेयर किया।
उन्होंने भी इस मुद्दे पर अलग से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
कुछ नेताओं ने किया नए बदलावों का स्वागत
जहां कुछ वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी चर्चा में रही, वहीं कुछ नेताओं ने पार्टी के फैसले का खुले तौर पर स्वागत किया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- अमरिंदर राजा वड़िंग
- विजय इंदर सिंगला (चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष)
- सांसद अमर सिंह (घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष)
इन नेताओं ने संगठनात्मक बदलावों का समर्थन करते हुए पार्टी नेतृत्व के फैसले का स्वागत किया।
Key Highlights
- पंजाब कांग्रेस की नई चुनावी समितियों के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल।
- अमरिंदर राजा वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष और प्रताप बाजवा नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे।
- मनीष तिवारी के रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में।
- चरणजीत सिंह चन्नी की कथित नाराजगी की चर्चाएं।
- कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से नहीं किया नई नियुक्तियों का स्वागत।
- कुछ नेताओं ने संगठनात्मक बदलावों का समर्थन किया।
FAQ Section
Q1. पंजाब कांग्रेस में क्या नया बदलाव हुआ है?
उत्तर: पार्टी ने नई चुनावी समितियों की घोषणा की है, जबकि अमरिंदर राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा अपने मौजूदा पदों पर बने रहेंगे।
Q2. मनीष तिवारी चर्चा में क्यों हैं?
उत्तर: नई संगठनात्मक घोषणा के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर रहस्यमयी पोस्ट साझा किए, जिससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं।
Q3. चरणजीत सिंह चन्नी को कौन-सी जिम्मेदारी दी गई है?
उत्तर: उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके इस नियुक्ति से असंतुष्ट होने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Q4. किन नेताओं ने नई समितियों का सार्वजनिक स्वागत नहीं किया?
उत्तर: प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, परगट सिंह, राणा गुरजीत सिंह और सुखपाल खैरा सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
Q5. किन नेताओं ने बदलावों का समर्थन किया?
उत्तर: अमरिंदर राजा वड़िंग, विजय इंदर सिंगला और सांसद अमर सिंह ने नए संगठनात्मक बदलावों का स्वागत किया।
Conclusion
पंजाब कांग्रेस में नई चुनावी समितियों के गठन के बाद संगठन के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां कुछ नेताओं ने नए नेतृत्व का समर्थन किया है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी और कथित असंतोष ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दी है। आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती हैं।

