- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- उत्तर प्रदेश का 22 गीगावॉट ग्रीन एनर्जी लक्ष्य चर्चा के केंद्र में, Renewable Energy Conference 2026...
उत्तर प्रदेश का 22 गीगावॉट ग्रीन एनर्जी लक्ष्य चर्चा के केंद्र में, Renewable Energy Conference 2026 में बनी तेज बदलाव की रणनीति
स्वच्छ ऊर्जा, सौर निवेश और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने पर सरकार, उद्योग जगत और विशेषज्ञों ने किया मंथन
उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 में राज्य के 22 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लक्ष्य को हासिल करने की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में स्वच्छ ऊर्जा, सौर निवेश, ग्रामीण विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विभिन्न पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
22 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य पर केंद्रित रहा सम्मेलन
उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी 22 गीगावॉट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लक्ष्य को लेकर आयोजित उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 में सरकार, उद्योग जगत और ऊर्जा विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेजी लाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का आयोजन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (CARD) द्वारा किया गया।
स्वच्छ ऊर्जा को ग्रामीण विकास से जोड़ा गया
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि नवीकरणीय ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह—- ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने,
- ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने,
- किसानों की आय में सुधार,
- और भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने
में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता, किसान उत्पादक संगठन (FPO), गैर-सरकारी संगठन (NGO) और ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल हुए।
इन प्रमुख हस्तियों ने किया संबोधित
उद्घाटन सत्र में कई प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं—
- यूपीनेडा (UPNEDA) के निदेशक रविंदर सिंह
- सचिव पंकज सिंह
- इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) के चेयरमैन मुकेश बहादुर सिंह
- 3EA ग्लोबल के CEO डॉ. विभोर मिश्रा
- KLK के CEO अक्षित जैन
कार्यक्रम में CARD के कार्यकारी निदेशक अरिंदम सिंघा रॉय ने भी अपने विचार रखे।
किसानों की आय और जलवायु अनुकूल विकास पर जोर
CARD के कार्यकारी निदेशक अरिंदम सिंघा रॉय ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा सतत ग्रामीण विकास की आधारशिला बन सकती है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से—
- किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है,
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से मुकाबला किया जा सकता है,
- और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में 'सोलर बूम' की शुरुआत: IACC
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन मुकेश बहादुर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय ऐतिहासिक सोलर बूम देखने को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य—
- नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने,
- घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग,
- और स्वच्छ ऊर्जा निवेश
के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की नीतियां और केंद्र सरकार का सहयोग निवेशकों, उद्योगों और तकनीकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
Key Highlights
- उत्तर प्रदेश में 22 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य पर मंथन।
- Renewable Energy Conference & Expo 2026 का आयोजन।
- सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों ने साझा की रणनीतियां।
- ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर।
- राज्य में सोलर निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा।
- निवेशकों और उद्योगों के लिए नए अवसरों पर चर्चा।
FAQ Section
Q1. उत्तर प्रदेश का नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है?
उत्तर: राज्य ने 22 गीगावॉट (22,000 मेगावॉट) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Q2. सम्मेलन का आयोजन किसने किया?
उत्तर: सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (CARD) ने सम्मेलन का आयोजन किया।
Q3. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना, ग्रामीण विकास और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीतियां तैयार करना।
Q4. सम्मेलन में किन-किन क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
उत्तर: सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत, नीति निर्माता, FPO, NGO और ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल हुए।
Q5. नवीकरणीय ऊर्जा से किसानों को क्या लाभ हो सकता है?
उत्तर: इससे किसानों की आय बढ़ सकती है, ऊर्जा लागत कम हो सकती है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकता है।
Conclusion
उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 ने राज्य के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को नई दिशा देने का प्रयास किया है। यदि सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच ऐसा सहयोग जारी रहता है, तो 22 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी तेजी से विकसित हो सकते हैं।

