बायोफ्लॉक एक्वाकल्चर पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण, ग्रामीण महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

COF में 122 प्रतिभागियों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक की दी गई जानकारी

On

गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फिशरीज में बायोफ्लॉक आधारित एक्वाकल्चर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 122 प्रतिभागियों, खासकर ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया।

College of Fisheries Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University में बायोफ्लॉक आधारित एक्वाकल्चर (BFAQ) पर तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में राज्य के पांच जिलों से 122 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 70 ग्रामीण महिलाएं शामिल थीं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य शुरुआती प्रतिभागियों को Biofloc Aquaculture Technology की मूल जानकारी देना और उन्हें इनडोर व आउटडोर बायोफ्लॉक सिस्टम स्थापित करने के लिए तकनीकी कौशल से लैस करना था।

यह तकनीक पारंपरिक मत्स्य पालन की तुलना में काफी कम पानी का उपयोग करती है—प्रति किलोग्राम मछली उत्पादन के लिए केवल 10-15% पानी की जरूरत होती है।

भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग की Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के तहत इस तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे राज्य के मत्स्य विभागों के माध्यम से लागू किया जा रहा है।

कॉलेज में स्थापित कैपेसिटी बिल्डिंग रिसोर्स सेंटर (CBRC) क्षेत्रीय हितधारकों के लिए प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

कॉलेज ऑफ फिशरीज की डीन Meera D Ansal ने बताया कि यह केंद्र पंजाब और आसपास के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में बायोफ्लॉक और Recirculatory Aquaculture System जैसी आधुनिक तकनीकों के सतत विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिक और टिकाऊ तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

 
Screenshot_998
Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

बायोफ्लॉक एक्वाकल्चर पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण, ग्रामीण महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

Advertisement

नवीनतम

Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software