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AAP विधायकों ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पेश होकर दी सफाई, विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बयान पर विवाद
जातिगत भेदभाव के आरोपों को लेकर विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अपना पक्ष रखा। ग्यासपुरा के पिछले बयानों को लेकर भी उठे सवाल, अकाल तख्त सचिवालय ने उनके आरोपों को खारिज किया।
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और नेता शुक्रवार को अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचे और विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के मीडिया में दिए गए बयान को लेकर उठे विवाद के बीच अपना पक्ष रखा। ग्यासपुरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें जातिगत भेदभाव के कारण सचिवालय में प्रवेश नहीं दिया गया। अकाल तख्त सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उनके बयान की निंदा की थी।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में पार्टी के विधायक और नेता शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें ग्यासपुरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें जातिगत भेदभाव के आधार पर सचिवालय में प्रवेश से रोका गया।
ग्यासपुरा लुधियाना जिले की पायल विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस घटनाक्रम ने सिख धार्मिक संस्थानों और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
12 अक्टूबर के बयान को लेकर उठा विवाद
आरोप है कि 12 अक्टूबर को विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने दरबार साहिब परिसर में स्थित श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान जातिगत भेदभाव को लेकर बयान दिया था। इस बयान को लेकर विवाद पैदा हुआ और सचिवालय की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई।
अकाल तख्त सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में ग्यासपुरा के बयान की निंदा की और उसे खारिज कर दिया। उन्होंने जातिगत भेदभाव के आरोपों पर आपत्ति जताई।
ग्यासपुरा को सचिवालय में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली थी
इससे पहले, AAP विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था।
विधायकों ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रवेश किया। उन्होंने इसे सिख धार्मिक संस्थानों की मर्यादा का गंभीर उल्लंघन बताते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार से अमित शाह को तलब करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की थी।
हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को सचिवालय में प्रवेश नहीं दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज के निर्देश पर यह फैसला लिया गया था। ग्यासपुरा के पिछले बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई थी, जिन पर सिख हस्तियों और संस्थानों के खिलाफ अनुचित टिप्पणी करने के आरोप लगे थे।
AAP नेताओं ने रखा अपना पक्ष
ग्यासपुरा के बयान को लेकर विवाद के बीच AAP विधायकों और नेताओं का सचिवालय पहुंचना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि शुक्रवार को पेश हुए नेताओं ने अपने स्पष्टीकरण में क्या-क्या बातें रखीं या सचिवालय की ओर से इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया गया है या नहीं।
मामले में जातिगत भेदभाव के आरोप, धार्मिक संस्थानों की मर्यादा और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बयानों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
Key Highlights
• AAP विधायक और नेता शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचे।
• विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बयान को लेकर विवाद जारी है।
• ग्यासपुरा ने सचिवालय में प्रवेश न मिलने को कथित जातिगत भेदभाव से जोड़ा था।
• अकाल तख्त सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने उनके बयान की निंदा की थी।
• AAP विधायकों ने इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था।
• दिल्ली पुलिस के गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रवेश को लेकर भी AAP नेताओं ने आपत्ति जताई थी।
FAQ Section
1. AAP विधायक श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय क्यों पहुंचे?
विधायक और नेता मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के मीडिया बयान को लेकर उठे विवाद के बीच अपना पक्ष रखने के लिए सचिवालय पहुंचे थे।
2. मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने क्या आरोप लगाया था?
उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जातिगत भेदभाव के आधार पर प्रवेश नहीं दिया गया।
3. ग्यासपुरा को सचिवालय में प्रवेश क्यों नहीं मिला था?
रिपोर्ट के अनुसार, जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज के निर्देश पर उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसकी वजह उनके पिछले बयानों को लेकर जताई गई आपत्ति बताई गई थी।
4. AAP विधायकों ने अमित शाह के खिलाफ क्या मांग की थी?
AAP विधायकों ने दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब में दिल्ली पुलिस के कथित प्रवेश को धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए अमित शाह को तलब करने और जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
5. क्या अकाल तख्त सचिवालय ने ग्यासपुरा के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी?
हां, सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने उनके जातिगत भेदभाव संबंधी बयान की निंदा करते हुए उसे खारिज किया था।
Conclusion
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बयान को लेकर AAP नेताओं का श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचना पंजाब की राजनीति और धार्मिक संस्थानों से जुड़े विवाद का नया घटनाक्रम है। एक ओर ग्यासपुरा ने कथित जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया, वहीं सचिवालय की ओर से उनके बयान को खारिज किया गया। मामले में आगे की स्थिति और सचिवालय की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

