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भारत-पाक सीमा के पास डोके गांव में कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता अभियान
अमृतसर जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की पहल, ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां भी बांटीं
अमृतसर के भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित डोके गांव में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान ग्रामीणों को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।
भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित अमृतसर के डोके गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों को उनके अधिकारों और विभिन्न सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया। यह पहल जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA), अमृतसर की ओर से की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों तक कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना था।
घर-घर जाकर सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं
अभियान के तहत पैनल अधिवक्ताओं और पैरा-लीगल स्वयंसेवकों ने पहले गांव में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं और शिकायतें सुनी गईं तथा संबंधित मामलों के लिए आवेदन एकत्र किए गए। बाद में इन आवेदनों और शिकायतों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के समक्ष उठाया गया।
स्वास्थ्य जांच के साथ बांटी गईं दवाइयां
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के लोगों की स्वास्थ्य जांच की और जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित कीं। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने और अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
श्रम विभाग ने दी सरकारी योजनाओं की जानकारी
श्रम विभाग की ओर से ग्रामीणों को पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया और उपलब्ध लाभों के बारे में बताया गया। इसके अलावा, ग्रामीण रोजगार और आजीविका के अवसरों से जुड़ी VB-G RAMG योजना के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई।
प्रमुख बातें:
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डोके गांव में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, अमृतसर ने जागरूकता अभियान चलाया।
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ग्रामीणों को कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
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पैनल अधिवक्ताओं और पैरा-लीगल स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर शिकायतें सुनीं।
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स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों की जांच कर दवाइयां वितरित कीं।
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श्रम विभाग ने कल्याणकारी बोर्ड के पंजीकरण, लाभ और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
निष्कर्ष: डोके गांव में आयोजित इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। संबंधित विभागों तक शिकायतें पहुंचाने और योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने से ग्रामीणों को उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने में मदद मिल सकती है।

