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बंगला साहिब में पुलिस कार्रवाई पर AAP का विरोध, अमित शाह से मांगा इस्तीफा; अकाल तख्त जत्थेदार से भी की अपील
दिल्ली पुलिस पर जूते पहनकर गुरुद्वारे में प्रवेश करने और प्रदर्शनकारियों को बाहर खींचने के आरोप, भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना
दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने पुलिसकर्मियों पर सिख धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से भी केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाने की अपील की है।
दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवान जूते पहनकर गुरुद्वारे में दाखिल हुए और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर खींचकर ले गए। इस मामले को लेकर AAP ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।
पार्टी ने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से भी अपील की है कि वह इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएं। AAP का कहना है कि गुरुद्वारे में हुई कथित कार्रवाई धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार से की तुलना
AAP ने 10 अक्टूबर की घटना की तुलना ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सेना की स्वर्ण मंदिर में हुई कार्रवाई से की। पार्टी ने इस घटना को सिख धार्मिक संस्थानों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि गुरु के घर के दरवाजे जरूरतमंदों को आश्रय देने के लिए हमेशा खुले रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश के युवा वहां पहुंचे थे, तो गुरुद्वारे की परंपरा के अनुसार सेवादारों को उन्हें आश्रय देना चाहिए था।
मान ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी सिर ढके बिना और जूते पहनकर गुरुद्वारे में दाखिल हुए। उन्होंने कहा कि इस कथित घटना को सिख समुदाय कभी नहीं भूलेगा और इसके लिए BJP की आलोचना की।
AAP ने गृह मंत्रालय की भूमिका पर उठाए सवाल
AAP के महासचिव बलतेज पन्नू ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या देश में यह “इमरजेंसी 2.0” जैसी स्थिति है।
पन्नू ने कहा कि गुरुद्वारे जरूरतमंद लोगों को आश्रय देने और लंगर उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली पुलिस ने धार्मिक स्थल से प्रदर्शनकारियों को बाहर क्यों निकाला और क्या उन्हें गिरफ्तार करने की इतनी जल्दी थी कि सिख मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है और इस मामले में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जाने चाहिए।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और धार्मिक मर्यादा के कथित उल्लंघन को लेकर AAP की ओर से लगाए गए आरोपों का स्वतंत्र सत्यापन इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं किया जा सकता।
Key Highlights:
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AAP ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
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दिल्ली पुलिस पर गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहनकर प्रवेश करने का आरोप लगाया गया।
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पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को गुरुद्वारे से बाहर खींचने का भी आरोप लगाया।
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AAP ने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से मामला केंद्र के सामने उठाने की अपील की।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP महासचिव बलतेज पन्नू ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की।
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AAP ने घटना की तुलना ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान स्वर्ण मंदिर में हुई कार्रवाई से की।
FAQ Section:
प्रश्न 1: AAP ने अमित शाह से इस्तीफा क्यों मांगा?
AAP ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई और सिख धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन के आरोपों को लेकर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है।
प्रश्न 2: गुरुद्वारा बंगला साहिब में क्या हुआ था?
AAP के आरोपों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के जवान जूते पहनकर गुरुद्वारे में दाखिल हुए और प्रदर्शनकारियों को बाहर खींचकर ले गए।
प्रश्न 3: भगवंत मान ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारे में जरूरतमंदों को आश्रय देने की परंपरा का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और BJP पर निशाना साधा।
प्रश्न 4: AAP ने अकाल तख्त के जत्थेदार से क्या अपील की?
पार्टी ने ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की अपील की है।
Conclusion: गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस कार्रवाई को लेकर AAP और BJP के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। AAP ने इसे सिख धार्मिक मर्यादा से जुड़ा मामला बताते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इस बीच, घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस कार्रवाई के तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण बनी हुई है।

