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टांडा? नहीं, तरनतारन में आशा वर्करों का प्रदर्शन, सीएम भगवंत मान का पुतला फूंका, मानदेय बढ़ाने की मांग तेज
ऑल इंडिया आशा/फैसिलिटेटर वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया, स्वास्थ्य मंत्री पर भी मांगों की अनदेखी करने का आरोप।
तरनतारन में ऑल इंडिया आशा/फैसिलिटेटर वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आशा वर्करों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकते हुए मानदेय बढ़ाने और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
तरनतारन में आशा वर्करों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
पंजाब के तरनतारन में मंगलवार को ऑल इंडिया आशा/फैसिलिटेटर वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय परिसर में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह प्रदर्शन यूनियन की नेता मनजीत कौर, गुरवंत कौर और बलविंदर कौर के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों ने भाग लिया।
मानदेय बढ़ाने और मांगें पूरी करने की उठाई आवाज
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला महासचिव सीमा सोहल और ट्रेड यूनियन नेता स्वर्ण सिंह कोहरका ने कहा कि आशा वर्करों और फैसिलिटेटरों को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जबकि उनसे कई स्थायी कर्मचारियों की तुलना में अधिक कार्य लिया जाता है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद आशा वर्करों को उनके कार्य के अनुरूप आर्थिक सम्मान नहीं मिल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री पर भी लगाए उपेक्षा के आरोप
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री भी आशा वर्करों की समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना था कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का रवैया पूरी तरह उदासीन है।
सरकार के रवैये पर जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार का रवैया अहंकारपूर्ण हो गया है और अब आशा वर्करों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Key Highlights:
- तरनतारन में आशा वर्करों ने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंककर जताया विरोध।
- कम मानदेय और अधिक कार्यभार को लेकर सरकार पर लगाए आरोप।
- स्वास्थ्य मंत्री पर भी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप।
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
FAQ Section
Q1. प्रदर्शन किस संगठन ने किया?
ऑल इंडिया आशा/फैसिलिटेटर वर्कर्स यूनियन की तरनतारन जिला इकाई ने प्रदर्शन किया।
Q2. प्रदर्शन कहां आयोजित किया गया?
यह प्रदर्शन तरनतारन के एसडीएम कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया।
Q3. आशा वर्करों की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग मानदेय बढ़ाने, कार्य के अनुरूप उचित भुगतान और लंबित मांगों के समाधान की है।
Q4. यूनियन ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
यूनियन का आरोप है कि सरकार और स्वास्थ्य मंत्री आशा वर्करों की समस्याओं और मांगों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।
Conclusion
तरनतारन में आशा वर्करों का प्रदर्शन राज्य सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। यूनियन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संभावित समाधान पर टिकी है।

