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अजनाला में पेट्रोल पंपों पर पहुंचे कुलदीप सिंह धालीवाल, पेट्रोल में एथेनॉल की जांच के लिए भरवाए सैंपल
वाहन मालिकों की शिकायतों के बाद AAP नेता और पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराई, कहा- एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन हो रहे हैं प्रभावित।
अजनाला से विधायक और आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर पेट्रोल के नमूने जांच के लिए भेजे। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इंजन प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं।
पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल की जांच के लिए लिया गया सैंपल
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार को अजनाला क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा की जांच के लिए ईंधन के नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक सुखजिंदर सिंह और वजन एवं माप निरीक्षक गगनदीप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में पेट्रोल के नमूने लेकर उन्हें आगे की जांच के लिए भेजा गया।
वाहन मालिकों की शिकायतों के बाद उठाया कदम
मीडिया से बातचीत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि उन्हें कई वाहन मालिकों से शिकायतें मिली थीं कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं।उन्होंने दावा किया कि कई वाहन चालकों को इंजन और अन्य पुर्जों में खराबी के कारण बार-बार मरम्मत पर खर्च करना पड़ रहा है। इसी कारण पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें एथेनॉल की मात्रा की जांच कराने का निर्णय लिया गया।
इंजन को नुकसान और बढ़ते खर्च का लगाया आरोप
धालीवाल ने आरोप लगाया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार, इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में खराबी आने से लोगों का रखरखाव खर्च बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वाहन मालिकों की शिकायतों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
केंद्र सरकार की नीति पर उठाए सवाल
अजनाला विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना भी की।
उन्होंने कहा कि कुछ देशों में अधिक एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन भारत की परिस्थितियां अलग हैं। उनके अनुसार, भारतीय वाहनों की तकनीकी बनावट और सड़क परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईंधन संबंधी नीतियां बनाई जानी चाहिए।
Key Highlights:
- कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला के कई पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया।
- पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा जांचने के लिए नमूने लिए गए।
- वाहन मालिकों की शिकायतों के बाद कार्रवाई की गई।
- इंजन खराब होने और मरम्मत खर्च बढ़ने का दावा।
- केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठाए गए।
- विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
FAQ Section
Q1. कुलदीप सिंह धालीवाल ने पेट्रोल पंपों का निरीक्षण क्यों किया?
वाहन मालिकों द्वारा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों में खराबी आने की शिकायतों के बाद निरीक्षण किया गया।
Q2. निरीक्षण के दौरान क्या कार्रवाई की गई?
पेट्रोल के नमूने लेकर उनमें एथेनॉल की मात्रा की जांच के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया।
Q3. धालीवाल ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के इंजन प्रभावित हो रहे हैं और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
Q4. किन अधिकारियों की मौजूदगी में सैंपल लिए गए?
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक और वजन एवं माप विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सैंपल लिए गए।
Conclusion
अजनाला में पेट्रोल पंपों से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही ईंधन की गुणवत्ता और एथेनॉल की मात्रा को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल वाहन मालिकों की शिकायतों और इस मुद्दे पर उठे सवालों ने ईंधन की गुणवत्ता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

