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Baba Bakala में पंथिक वोट की जंग तेज, Waris Punjab De ने ड्रग्स पर White Paper का किया ऐलान; Sukhbir Badal ने Amritpal पर साधा निशाना
Rakhar Punya सम्मेलनों में अकाली दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला खुलकर सामने आया; WPD ने नशे और गैंगस्टरवाद को एजेंडे के केंद्र में रखा, जबकि SAD ने Amritpal Singh पर सीधा हमला बोला।
बाबा बकाला में Rakhar Punya के दौरान अलग-अलग अकाली गुटों के बीच पंथिक वोट को लेकर मुकाबला तेज दिखाई दिया। Waris Punjab De ने पंजाब के तीन दशक पुराने ड्रग संकट पर White Paper लाने की घोषणा की, जबकि Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित ‘एंटी-पंजाब’ ताकतों पर निशाना साधा।
बाबा बकाला: पंजाब में पंथिक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण Rakhar Punya सम्मेलनों में शुक्रवार को अकाली गुटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा साफ दिखाई दी। Akali Dal Waris Punjab De (WPD) ने जहां नशे की समस्या को अपने राजनीतिक एजेंडे का प्रमुख मुद्दा बनाया, वहीं Sukhbir Singh Badal के नेतृत्व वाले Shiromani Akali Dal (SAD) ने WPD अध्यक्ष Amritpal Singh पर सीधा हमला बोला।
यह मुकाबला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब की राजनीति में पंथिक वोट को लेकर विभिन्न अकाली धड़ों के बीच प्रभाव बढ़ाने की कोशिशें तेज हैं।
Waris Punjab De ने ड्रग्स के खिलाफ White Paper का किया ऐलान
WPD ने बाबा बकाला में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर अपना विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। पार्टी ने ड्रग्स को पंजाब के युवाओं के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया।पार्टी ने आरोप लगाया कि लगातार सत्ता में रही सरकारें पंजाब में नशे के प्रसार को रोकने में नाकाम रही हैं। इसी के साथ WPD ने करीब तीन दशक पुराने ड्रग संकट की विस्तृत पड़ताल के लिए एक ‘White Paper’ जारी करने की घोषणा की।
White Paper में किन मुद्दों की होगी जांच?
WPD के मुताबिक प्रस्तावित White Paper में पंजाब में नशे के फैलाव से लेकर नशे की वजह से हुई मौतों तक कई पहलुओं की जांच की जाएगी।
इसमें ड्रग सप्लाई चेन, कथित तौर पर राजनीतिक नेताओं की भूमिका और नशा तस्करों तथा पुलिस या सुरक्षा बलों के बीच संभावित गठजोड़ जैसे आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
पार्टी ने कहा कि जांच में जो लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें जवाबदेह बनाया जाएगा। साथ ही ड्रग्स से मौत का शिकार हुए परिवारों को न्याय दिलाने की बात भी कही गई।
नशा और गैंगस्टरवाद के खिलाफ अभियान का वादा
WPD नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि नशे और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई पार्टी के राजनीतिक एजेंडे का अहम हिस्सा होगी।
उन्होंने पंजाब में ड्रग तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का वादा किया। अयाली ने सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) का मुद्दा भी उठाया और सामाजिक एवं सांप्रदायिक सद्भाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
गांवों को दी जाएगी बड़ी भूमिका
WPD ने नशे की समस्या से निपटने के लिए गांवों की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। पार्टी के अनुसार गांव स्तर पर सामुदायिक समितियां बनाई जानी चाहिए, जिनमें प्रमुख नागरिकों, स्थानीय निवासियों, किसानों, मजदूर प्रतिनिधियों और महिलाओं को शामिल किया जाए।
पार्टी ने प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक समिति की अध्यक्षता महिला करे और उसे प्रभावी ढंग से काम करने के लिए कानूनी अधिकार भी दिए जाएं।
Sukhbir Badal का Amritpal Singh पर हमला
दूसरी ओर, SAD के Rakhar Punya सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष Sukhbir Singh Badal ने WPD अध्यक्ष Amritpal Singh पर निशाना साधा।
बादल ने आरोप लगाया कि ‘पंजाब विरोधी और पंथ विरोधी एजेंसियां’ अकाली दल को कमजोर करने और पंजाब को 1980 के दशक की हिंसा की ओर धकेलने के लिए अपने कथित मोहरों का इस्तेमाल कर रही हैं।
1980 के दशक जैसी स्थिति को लेकर चेतावनी
Sukhbir Badal ने कहा कि यदि ऐसी ताकतें सत्ता में आती हैं तो पंजाब में डर का माहौल पैदा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि 1980 के दशक जैसी परिस्थितियां लौटने पर लोग घरों से बाहर निकलने से डरेंगे और महिलाओं की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।
बादल का यह बयान सीधे तौर पर पंथिक राजनीति में उभर रहे नए समीकरणों और अकाली गुटों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखा जा रहा है।
Rakhar Punya बना पंथिक राजनीति का बड़ा मंच
बाबा बकाला का Rakhar Punya आयोजन लंबे समय से पंजाब की पंथिक राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। शुक्रवार को यहां अलग-अलग राजनीतिक मंचों पर दिए गए बयानों ने संकेत दिया कि आगामी चुनावों से पहले पंथिक वोट पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
एक तरफ WPD ने नशे, गैंगस्टरवाद और गांवों की भागीदारी को अपने एजेंडे में प्रमुखता दी, वहीं SAD ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर पंजाब और पंथ को कमजोर करने वाली ताकतों से जुड़े होने का आरोप लगाया।
Key Highlights:
- बाबा बकाला के Rakhar Punya कार्यक्रम में पंथिक वोट को लेकर अकाली गुटों का मुकाबला तेज दिखा।
- Waris Punjab De ने ड्रग संकट पर विस्तृत White Paper लाने की घोषणा की।
- WPD ने तीन दशक पुराने नशे के संकट की जांच का प्रस्ताव रखा।
- White Paper में ड्रग सप्लाई चेन और कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच की बात कही गई।
- पार्टी ने नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का वादा किया।
- गांव स्तर पर नशे के खिलाफ सामुदायिक समितियां बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
- WPD ने समितियों की कमान महिलाओं को देने की बात कही।
- Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित ‘एंटी-पंजाब’ ताकतों पर निशाना साधा।
- बादल ने पंजाब में 1980 के दशक जैसी हिंसक परिस्थितियां लौटने को लेकर चेतावनी दी।
- सरकारी कर्मचारियों के लंबित DA और सांप्रदायिक सद्भाव का मुद्दा भी WPD ने उठाया।
FAQ Section:
Q1. बाबा बकाला में पंथिक राजनीति को लेकर क्या हुआ?
Rakhar Punya सम्मेलनों में अलग-अलग अकाली गुटों के बीच पंथिक वोट को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा स्पष्ट दिखाई दी। WPD ने नशे के मुद्दे को केंद्र में रखा, जबकि SAD ने Amritpal Singh पर निशाना साधा।
Q2. Waris Punjab De ने किस White Paper की घोषणा की?
WPD ने पंजाब के करीब तीन दशक पुराने ड्रग संकट पर White Paper लाने की घोषणा की है। इसमें नशे के प्रसार, मौतों, सप्लाई चेन और कथित राजनीतिक तथा पुलिस गठजोड़ जैसे पहलुओं की जांच का प्रस्ताव है।
Q3. WPD ने नशे से निपटने के लिए क्या प्रस्ताव दिया?
पार्टी ने गांवों में सामुदायिक समितियां बनाने का प्रस्ताव रखा है। इनमें स्थानीय नागरिकों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं को शामिल करने तथा समिति की अध्यक्षता महिला को देने की बात कही गई है।
Q4. Sukhbir Singh Badal ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पंजाब विरोधी और पंथ विरोधी एजेंसियां’ अकाली दल को कमजोर करने के लिए अपने कथित मोहरों का इस्तेमाल कर रही हैं और पंजाब को 1980 के दशक की हिंसा की ओर धकेलना चाहती हैं।
Q5. Rakhar Punya पंजाब की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है?
बाबा बकाला का Rakhar Punya आयोजन लंबे समय से पंथिक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मंच रहा है। यहां होने वाले राजनीतिक सम्मेलनों में अकाली और अन्य दल पंजाब, पंथ और सिख समुदाय से जुड़े प्रमुख मुद्दे उठाते हैं।
Conclusion:
बाबा बकाला के Rakhar Punya सम्मेलनों ने पंजाब की पंथिक राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को एक बार फिर सामने ला दिया है। Waris Punjab De ने ड्रग संकट और गैंगस्टरवाद को अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखकर White Paper का ऐलान किया, जबकि Sukhbir Singh Badal ने Amritpal Singh और कथित पंजाब विरोधी ताकतों पर हमला किया। आने वाले समय में पंथिक वोट को लेकर इन गुटों की राजनीतिक रणनीति पंजाब के चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है।
