अमृतसर और तरनतारन से सैकड़ों आशा वर्करों, फसिलिटेटरों और मिड-डे मील वर्करों ने रविवार को मान भत्ता सांझा मोर्चा पंजाब के आह्वान पर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के निवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार पर विधानसभा चुनावों से पहले उनके मानदेय में वृद्धि न करने का आरोप लगाया।
डेमोक्रेटिक आशा वर्कर्स एंड फसिलिटेटर्स यूनियन की नेता परमजीत कौर मान और मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की नेता ममता शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस रैली को संबोधित करते हुए सरबजीत कौर छज्जलवाड़ी ने कहा कि Aam Aadmi Party ने आशा और मिड-डे मील वर्करों को दिए जाने वाले मामूली मानदेय को दोगुना करने का वादा किया था।
ममता शर्मा ने कहा, “सत्ता में आने के बाद भगवंत मान सरकार अपने वादों से मुकर गई है। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। हमें केवल 3,000 रुपये मिलते हैं, जिससे गुजारा करना मुश्किल है।”
डेमोक्रेटिक इम्प्लाइज फेडरेशन के सदस्यों ने भी आशा और मिड-डे मील वर्करों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग का समर्थन किया।
मजदूर यूनियनों ने छह कैबिनेट मंत्रियों के आवासों का घेराव करते हुए 6 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र में मानदेय दोगुना करने की मांग उठाई।

