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बरनाला रैली में कांग्रेस का चुनावी बिगुल, टीमवर्क पर Rahul Gandhi की सख्त चेतावनी
मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली में एकजुटता पर जोर, किसानों और एमएसएमई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला
बरनाला की अनाज मंडी में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली में कांग्रेस ने अगले पंजाब विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंका। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को टीमवर्क का संदेश देते हुए अनुशासन और एकता को अनिवार्य बताया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने शनिवार को बरनाला की अनाज मंडी में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ रैली के माध्यम से अगले पंजाब विधानसभा चुनावों का शंखनाद किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंच से राज्य के गुटबाजी में उलझे नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि वे टीम के रूप में काम करें, अन्यथा घर बैठने के लिए तैयार रहें।
अपने 30 मिनट के संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा, “मैं कांग्रेस नेतृत्व को संदेश देना चाहता हूं। काम टीमवर्क से होता है। अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जीत सकता। यहां पूरी टीम बैठी है। मैं आप सभी को अपनी ओर से और (कांग्रेस अध्यक्ष) Mallikarjun Kharge जी की ओर से संदेश देना चाहता हूं—टीम प्लेयर बनिए, नहीं तो हम आपको रिजर्व बेंच पर बैठा देंगे। चाहे आप कितने भी बड़े क्यों न हों, पार्टी से बड़ा कोई नहीं है।”
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने दोहराया कि अनुशासन और एकता पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा, “यदि आप टीम प्लेयर नहीं बनेंगे तो खड़गे जी और मैं व्यवस्था ठीक कर देंगे। यहां बैठे सभी वरिष्ठ नेता याद रखें कि हमारी असली ताकत हमारे कार्यकर्ता हैं। पंजाब में जो भी होगा, वह कार्यकर्ताओं का सम्मान करके, उन्हें साथ लेकर ही होगा।”
मंच पर बैठे कई वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक राहुल के इन शब्दों के दौरान उनकी ओर देखते नजर आए। उनके इस संदेश पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार तालियां और नारेबाजी की।
दिलचस्प बात यह रही कि जब भी पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi का नाम लिया गया, भीड़ ने उत्साह के साथ नारे लगाए। जब चन्नी ने सभा को संबोधित किया और बाद में खड़गे व राहुल ने अपने भाषणों में उनका जिक्र किया, तब भी ऐसा ही उत्साह देखने को मिला।
एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी विशेष रूप से किसी एक नेता के नाम पर हो रही नारेबाजी से असंतुष्ट दिखे और उनका संदेश स्पष्ट था कि पार्टी से ऊपर कोई नहीं है।
भावनात्मक लहजे में राहुल गांधी ने पंजाब को कांग्रेस और देश की ताकत बताया। उन्होंने कहा, “मुझे पंजाब आना हमेशा अच्छा लगता है क्योंकि यह मुझे भारत की असली नींव और ताकत की याद दिलाता है… आप हमारे रक्षक हैं। मुझे पंजाब के लोगों से प्यार है। यदि मैं कभी किताब लिखूंगा तो पंजाब और यहां के लोगों से अपने रिश्ते का विस्तार से वर्णन करूंगा।”
राहुल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को “दबाव में” हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता किसानों, मजदूरों और एमएसएमई क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि 2 से 5 एकड़ भूमि वाले छोटे किसान अत्यधिक मशीनीकृत अमेरिकी कृषि व्यवसायों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। “जब सोयाबीन, कपास, दालें और फल अमेरिका से आएंगे तो हमारे किसानों पर संकट टूट पड़ेगा। यह किसानों और एमएसएमई के लिए मृत्यु वारंट है,” उन्होंने कहा।
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत “सत श्री अकाल” से की और किसानों व मजदूरों को देश की नींव बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हरित क्रांति का नेतृत्व किया और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।
अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोगों से अपील की कि वे कांग्रेस को वोट दें ताकि पंजाब एक स्थिर सरकार के तहत मजबूत रह सके। उन्होंने कहा, “मैं आपसे अपील करता हूं कि भाजपा की ‘बी टीम’ आम आदमी पार्टी सरकार को उखाड़ फेंकें और केंद्र में मोदी सरकार को भी हटाएं।”
खड़गे ने शहीद भगत सिंह, बाबासाहेब आंबेडकर और गुरु नानक का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब की धरती सामाजिक न्याय और एकता का प्रतीक है, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर विफल रही है।
