- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- यूरोपीय संसद में भारत-यूरोप सहयोग पर चर्चा, पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस का प्रतिनिधिमंडल शामिल
यूरोपीय संसद में भारत-यूरोप सहयोग पर चर्चा, पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस का प्रतिनिधिमंडल शामिल
संसदीय, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करने पर मंथन
पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस के प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संसद में आयोजित सम्मेलन में भाग लेकर भारत और यूरोप के बीच संसदीय, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा की। सम्मेलन में दोनों पक्षों के सांसदों, नीति विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भाग लिया।
पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस (Pathways Global Alliance) के एक प्रतिनिधिमंडल को European Parliament में आमंत्रित किया गया, जहां भारत और यूरोप के बीच संसदीय, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग पर कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इस कार्यक्रम में देश और राज्य के प्रमुख भाजपा नेताओं ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व किया।
चर्चाएं यूरोपीय संसद द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान हुईं, जिसमें यूरोपीय संसद के सदस्य, पोलैंड की संसद (सेज्म) के सदस्य, नीति विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और उद्यमी शामिल हुए। इस सम्मेलन का आयोजन Grzegorz Braun (यूरोपीय संसद सदस्य एवं विदेश मामलों की समिति—AFET के सदस्य) द्वारा किया गया और इसकी अध्यक्षता Ryszard Czarnecki (पूर्व उपाध्यक्ष, यूरोपीय संसद) ने की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ राजनीतिक और संस्थागत प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें:
-
Dushyant Kumar Gautam, राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा एवं पूर्व सांसद
-
Rinchen Lhamo, पूर्व सदस्य, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार एवं पूर्व भाजपा महिला अध्यक्ष, लद्दाख
-
Uday Sood, उपाध्यक्ष, शिक्षा प्रकोष्ठ, पंजाब एवं महासचिव, पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस
-
Rajesh Bagha, पूर्व अध्यक्ष, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग; उपाध्यक्ष, भाजपा पंजाब; मुख्य संरक्षक, पाथवेज़ ग्लोबल एलायंस; राष्ट्रीय अध्यक्ष, ब्रिटिश रविदासिया हेरिटेज फाउंडेशन (यूके)
-
Peshiram Dadsena, भाजपा आरटीआई प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़
यूरोपीय पक्ष का प्रतिनिधित्व पोलैंड की संसद (सेज्म) के सदस्य Roman Fritz, Wlodzimierz Skalick और Slawomir Zawislak ने किया। इसके अलावा नीति विशेषज्ञ डॉ. Slawomir Ojdik, अर्थशास्त्री Ireneusz Jablonski और उद्यमी Jack Stielow भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।
सम्मेलन में भारत और यूरोप के बीच बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
