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पंजाब में हर जिले में 15 सदस्यीय मानवाधिकार कोर ग्रुप बनेगा: शुन्टी
पीएसएचआरसी की व्हाट्सएप हेल्पलाइन लॉन्च, दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन
पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य जितेंद्र सिंह शुन्टी ने घोषणा की कि मानवाधिकार संरक्षण को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए हर जिले में 15 सदस्यीय कोर ग्रुप गठित किया जाएगा। उन्होंने आयोग की व्हाट्सएप हेल्पलाइन भी शुरू की और अस्पतालों को मानवाधिकार मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Punjab State Human Rights Commission (पीएसएचआरसी) के सदस्य Jitender Singh Shunty ने शनिवार को कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा, जहां हर जिले में 15 सदस्यीय कोर ग्रुप गठित किए जाएंगे, ताकि जमीनी स्तर पर मानवाधिकार संरक्षण को मजबूत किया जा सके।
पटियाला के जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित खुले जनसुनवाई शिविर को संबोधित करते हुए शुन्टी ने कहा कि आयोग नागरिकों तक उनके द्वार पर पहुंचने और मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए काम कर रहा है। प्रस्तावित कोर ग्रुप, जिनमें स्थानीय सामाजिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, आयोग की जिला स्तरीय शाखाओं के रूप में कार्य करेंगे और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में मदद करेंगे।
पद्मश्री से सम्मानित शुन्टी ने आयोग की व्हाट्सएप हेल्पलाइन (9855475547) भी लॉन्च की और नागरिकों से मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतें लिखित रूप में भेजने की अपील की, ताकि दो दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सके।
दौरे के दौरान उन्होंने एडीसी (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, एसपी (सिटी) पलविंदर सिंह चीमा, सेंट्रल जेल अधीक्षक गुरचरण सिंह ढालीवाल तथा नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पीएसपीसीएल और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। पटियाला स्थित गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे और स्थानीय निवासियों की शिकायतें सुनी गईं।
इससे पहले शुन्टी ने Government Rajindra Hospital का औचक निरीक्षण किया और आपातकालीन सेवाओं तथा एंबुलेंस सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानवाधिकार दिशानिर्देशों के पालन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे।
उन्होंने दोहराया कि कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल बकाया बिल के कारण मरीज को रोक नहीं सकता या मृतक का शव देने से इंकार नहीं कर सकता। अस्पतालों को उचित शवगृह (मॉर्चरी) और एंबुलेंस सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी। साथ ही अज्ञात या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के अंतिम संस्कार या दफन में सहायता, गांवों में मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध कराने, सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण देने और उनके लिए बीमा कवर सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए।
