साहनेवाल कस्बा भारी वाहनों की अनियंत्रित एंट्री के कारण गंभीर ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों के प्रवेश समय पर लगी पाबंदी “सिर्फ कागजों तक” सीमित है।
लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण समय और संपत्ति का भारी नुकसान होता है, और कई बार दुर्घटनाओं में जान तक चली जाती है। उनका यह भी दावा है कि प्रवेश समय दर्शाने वाला बोर्ड काफी समय पहले हटा दिया गया था।
साहनेवाल चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों का कहना है कि एक भी गलत एंट्री पूरे यातायात को ठप कर सकती है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने पर अधिक ध्यान देती है, बजाय इसके कि शुरुआत में ही भारी वाहनों को कस्बे में प्रवेश से रोका जाए। उनका यह भी कहना है कि पीक आवर्स के दौरान कई बार पुलिस कर्मी मौजूद नहीं होते।
गुरुद्वारा Gurdwara Reru Sahib के कर सेवा प्रमुख मेजर सिंह ने कहा कि भारी वाहनों की अनियंत्रित एंट्री का खामियाजा अन्य वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “ट्रेलर, ट्रक और अन्य भारी वाहन अपनी मर्जी से कस्बे में प्रवेश करते हैं और शायद ही कभी रफ्तार कम करते हैं। इसके कारण पहले भी कीमती जानें जा चुकी हैं।”
ट्रैफिक के सहायक पुलिस आयुक्त Gurdev Singh ने कहा कि वह “स्थिति की गंभीरता को समझते हैं।”
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे के समाधान के लिए पुलिस और नगर परिषद के संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है। परिषद को भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना होगा और ट्रैफिक पुलिस को नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। मैंने कई बार परिषद से संपर्क करने की कोशिश की है। जल्द ही बैठक तय कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। जहां तक ट्रैफिक कर्मियों की अनुपस्थिति का सवाल है, मैं इसकी जांच करूंगा और यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय निवासी मनजिंदर सिंह भोला ने कहा, “यहां की हर मुख्य सड़क पर ट्रेलर और ट्रक दिखाई देते हैं। भारी वाहनों ने हमें बेबस कर दिया है और अब शांति नाम की कोई चीज नहीं बची।”

