श्रीगंगानगर जिला अस्पताल में 600 ग्राम की प्रीमैच्योर बच्ची को नया जीवन

70 दिन के उपचार के बाद स्वस्थ होकर हुई डिस्चार्ज, डॉक्टरों की टीम ने किया सफल इलाज

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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला अस्पताल में 26 सप्ताह में जन्मी 600 ग्राम वजन की एक प्रीमैच्योर बच्ची का 70 दिन तक इलाज कर सफलतापूर्वक स्वस्थ किया गया। बच्ची का वजन अब बढ़कर 1,200 ग्राम हो गया है।

Sriganganagar District Hospital में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने 600 ग्राम वजन की एक समयपूर्व (प्रीमैच्योर) जन्मी बच्ची का सफलतापूर्वक उपचार किया और 70 दिन तक अस्पताल में रखने के बाद उसे छुट्टी दे दी।

बच्ची का जन्म 26 सप्ताह (करीब छह महीने) की गर्भावस्था में गोल्डन सिटी निवासी मुकेश कैन्थ और उनकी पत्नी रेखा के यहां हुआ था। जन्म के समय बच्ची गंभीर श्वसन समस्या, आंतों के संक्रमण, पीलिया और शॉक से पीड़ित थी।

रेखा ने बताया, “जब बच्ची का जन्म हुआ तो हमें लगा सब कुछ खत्म हो गया है। लेकिन अस्पताल की टीम ने हमारा हौसला बढ़ाया और कहा कि हम मिलकर इस लड़ाई को जीतेंगे।”

परिवार ग्रामीण क्षेत्र से संबंध रखता है, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, ऐसे में सरकारी अस्पताल ही उनके लिए एकमात्र विकल्प था। इलाज के बाद बच्ची का वजन 600 ग्राम से बढ़कर 1,200 ग्राम हो गया है।

उपचार का नेतृत्व बाल रोग विभाग की प्रमुख Dr Pallavi Bansal ने किया। उनके साथ Dr Sanjay Rathi और Dr Pawan Goyal भी टीम में शामिल थे।

डॉ. बंसल ने कहा, “समयपूर्व जन्मे बच्चों में ऐसी समस्याएं सामान्य होती हैं, लेकिन इतने कम जन्म वजन वाले शिशु को बचाना एक बड़ी चुनौती थी। हमने उन्नत इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर और निरंतर मॉनिटरिंग की सहायता से उपचार किया।”

 
 
Edited By: Karan Singh

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