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कमजोर बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की कमी के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, प्रशासन का पुतला फूंका
किसानों ने 8 घंटे बिजली और सिंचाई पानी न मिलने पर जताया गुस्सा, फसलों के नुकसान का आरोप।
कमजोर बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की कमी से परेशान किसानों ने आज Powercom सर्कल ऑफिस के सामने प्रशासन का पुतला फूंका। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही सिंचाई के लिए पानी।
बिजली-पानी संकट से नाराज किसानों का प्रदर्शन
राज्य में खराब बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा आज सड़कों पर फूट पड़ा। किसानों ने Powercom के सर्कल कार्यालय के बाहर प्रशासन का पुतला जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों को नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली और पानी
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 8 घंटे बिजली आपूर्ति भी नहीं मिल रही है, जिससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
इसके साथ ही नहरों में पानी की कमी के कारण खेती का काम बुरी तरह बाधित हो रहा है।फसलों को भारी नुकसान का दावा
किसान नेता पारगट सिंह मेहंदीपुर ने कहा कि पानी की कमी और बिजली संकट के कारण फसलें खराब हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई इलाकों में जलभराव और सिंचाई की असमान व्यवस्था ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
किसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Key Highlights
- किसानों ने Powercom कार्यालय के सामने पुतला फूंका
- बिजली और नहर पानी की कमी से नाराजगी
- 8 घंटे बिजली आपूर्ति न मिलने का आरोप
- फसलों को नुकसान और आर्थिक संकट की बात
- प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
FAQ Section
Q1. किसानों ने प्रदर्शन क्यों किया?
बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की कमी के विरोध में।
Q2. प्रदर्शन कहां हुआ?
Powercom के सर्कल कार्यालय के सामने।
Q3. किसानों की मुख्य शिकायत क्या थी?
पर्याप्त बिजली और सिंचाई पानी न मिलना।
Q4. किसने बयान दिया?
किसान नेता पारगट सिंह मेहंदीपुर ने।
Conclusion
बिजली और सिंचाई पानी की कमी को लेकर किसानों का यह प्रदर्शन ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

