पंजाब के विश्वविद्यालयों में डिजिटल शिक्षा पर जोर! CEMCA निदेशक बोले- भविष्य के लिए अपनाने होंगे लचीले शिक्षण मॉडल

कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (CEMCA) के निदेशक प्रो. बशीरहमद शादराच ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन लर्निंग और उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को तेजी से अपनाना होगा।

On

पंजाब के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया। CEMCA के निदेशक प्रो. बशीरहमद शादराच ने कहा कि विश्वविद्यालयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप लचीले और नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल अपनाने होंगे।

मुख्य समाचार

पंजाब के विश्वविद्यालयों में डिजिटल तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया है। कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (CEMCA), नई दिल्ली के निदेशक प्रो. बशीरहमद शादराच ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को अब पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर लचीले (Flexible) और तकनीक-सक्षम शिक्षा मॉडल अपनाने होंगे।

उन्होंने विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह भी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालयों को बनना होगा नवाचार का केंद्र

प्रो. शादराच ने कहा कि आज के दौर में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रह सकती। उन्हें नवाचार (Innovation), अनुसंधान और कौशल विकास के ऐसे केंद्र बनना होगा, जहां विद्यार्थियों को बदलते उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के समावेश से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

ऑनलाइन और ब्लेंडेड लर्निंग पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को निम्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए—

  • ऑनलाइन और ब्लेंडेड लर्निंग को बढ़ावा देना।
  • माइक्रो-क्रेडेंशियल्स आधारित कौशल कार्यक्रम शुरू करना।
  • वर्चुअल लैब्स का विकास करना।
  • उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप इंडस्ट्री-ओरिएंटेड पाठ्यक्रम तैयार करना।
  • लाइफलॉन्ग लर्निंग (आजीवन सीखने) के अवसर बढ़ाना।
  • उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग मजबूत करना।

उनका कहना था कि इन पहलों से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।

रोजगार क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद

प्रो. शादराच ने कहा कि डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भविष्य के रोजगार बाजार की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति में लगातार बदलाव करना होगा।

CEMCA की भूमिका

CEMCA कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग का एशिया क्षेत्रीय केंद्र है, जो सदस्य देशों में ओपन, डिस्टेंस और तकनीक-सक्षम शिक्षा को बढ़ावा देता है।

प्रो. शादराच वर्ष 2022 से CEMCA की विभिन्न पहलों का नेतृत्व कर रहे हैं। इनमें भारतीय ओपन विश्वविद्यालयों में ग्रेजुएट एम्प्लॉयबिलिटी फ्रेमवर्क विकसित करना और दक्षिण एशिया में ब्लेंडेड लर्निंग नीतियों को प्रोत्साहित करना शामिल है।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में पंजाब की बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि पंजाब में ज्ञान आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। विश्वविद्यालय यदि उद्योगों के साथ मिलकर आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास पर काम करें तो राज्य के औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार किए जा सकते हैं।


Key Highlights:

  • CEMCA निदेशक ने पंजाब के विश्वविद्यालयों में डिजिटल शिक्षा पर जोर दिया।
  • उच्च शिक्षण संस्थानों को लचीले और तकनीक आधारित शिक्षण मॉडल अपनाने की सलाह।
  • ऑनलाइन, ब्लेंडेड लर्निंग और वर्चुअल लैब्स पर विशेष फोकस।
  • उद्योग आधारित पाठ्यक्रम और माइक्रो-क्रेडेंशियल्स को बढ़ावा देने की अपील।
  • विश्वविद्यालयों को नवाचार और कौशल विकास का केंद्र बनाने पर बल।

FAQ Section:

Q1. CEMCA क्या है?
उत्तर: CEMCA (Commonwealth Educational Media Centre for Asia) कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग का एशिया क्षेत्रीय केंद्र है, जो ओपन, डिस्टेंस और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देता है।

Q2. प्रो. बशीरहमद शादराच ने क्या सुझाव दिए?
उत्तर: उन्होंने विश्वविद्यालयों को डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन एवं ब्लेंडेड लर्निंग, माइक्रो-क्रेडेंशियल्स, वर्चुअल लैब्स और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम अपनाने की सलाह दी।

Q3. डिजिटल शिक्षा से क्या लाभ होगा?
उत्तर: इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और शिक्षा तक पहुंच में सुधार होगा।

Q4. पंजाब के लिए इसका क्या महत्व है?
उत्तर: इससे राज्य में ज्ञान आधारित आर्थिक विकास को गति मिलेगी और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार होंगे।


Conclusion:

डिजिटल तकनीक और उद्योग आधारित शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए विश्वविद्यालयों के लिए शिक्षण मॉडल में बदलाव समय की मांग बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पंजाब के उच्च शिक्षण संस्थान नवाचार, डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हैं, तो राज्य उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।Screenshot_356

Edited By: Atul Sharma

खबरें और भी हैं

फगवाड़ा में मानवता की मिसाल! मेगा रक्तदान शिविर के साथ जनता को समर्पित हुई वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस

Advertisement

नवीनतम

फगवाड़ा में मानवता की मिसाल! मेगा रक्तदान शिविर के साथ जनता को समर्पित हुई वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस फगवाड़ा में मानवता की मिसाल! मेगा रक्तदान शिविर के साथ जनता को समर्पित हुई वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस
फगवाड़ा में नव्या हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन द्वारा मेगा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया और लोगों की सुविधा के लिए वेंटिलेटर...
होशियारपुर में SC-ST उद्यमियों के लिए बड़ा अवसर! 30 जुलाई को होगा Entrepreneur Awareness & Vendor Development Programme
जयपुर कलेक्ट्रेट में ACB का बड़ा एक्शन! ₹1 लाख की रिश्वत लेते ADM-East का PA गिरफ्तार
CT Group का AI इनोवेशन! हाथों के इशारों को तुरंत बनाएगा आवाज और टेक्स्ट, दिव्यांगों के लिए संचार होगा आसान
World Tiger Day 2026: बढ़ती संख्या के बीच नया खतरा! बाघों पर मंडराया 'जेनेटिक संकट', वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software