पूर्व विधायक बलदेव सिंह बल्लमगढ़ और उनके बेटे भाजपा में शामिल

शिअद छोड़ने के बाद हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में थामा बीजेपी का दामन

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मलोट के पूर्व विधायक बलदेव सिंह बल्लमगढ़ और उनके बेटे परमिंदर सिंह पाशा ने शिरोमणि अकाली दल छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली है। उन्होंने शिअद की नीतियों और दलित कार्यकर्ताओं की अनदेखी को पार्टी छोड़ने का कारण बताया।

मलोट के पूर्व विधायक बलदेव सिंह बल्लमगढ़ और उनके बेटे, मुक्तसर के पूर्व नगर पार्षद परमिंदर सिंह पाशा ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।

बलदेव सिंह बल्लमगढ़ वर्ष 1992 में मलोट से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वहीं परमिंदर सिंह पाशा लंबे समय तक शिअद के एससी विंग के जिला अध्यक्ष रहे और जिला परिषद सदस्य के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों से असंतुष्ट होकर यह फैसला लिया गया।

पाशा ने ‘द ट्रिब्यून’ से बातचीत में कहा, “हम शिअद की नीतियों से नाराज थे। पार्टी दलित कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनहीन थी, इसलिए हमने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। हमारा परिवार पहले भी कांग्रेस से जुड़ा रहा है।”

उन्होंने बताया कि वे पिछले कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे।

पाशा ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की मौजूदगी में बीजेपी जॉइन की।

उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे मलोट विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहने को कहा है और जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।”

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Edited By: Karan Singh

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