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यूपी एटीएस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिश का आरोप
आईएसआई और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हैंडलरों के इशारे पर पुलिस ठिकानों पर हमले की थी तैयारी
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और गैंगस्टर नेटवर्क के कहने पर पुलिस प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है।
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान आधारित हैंडलरों, गैंगस्टर नेटवर्क और आईएसआई के इशारे पर पुलिस प्रतिष्ठानों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है।
एटीएस द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं की भर्ती करने, उनका कट्टरपंथीकरण करने और उन्हें “स्लीपर सेल” के रूप में इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश तथा देश के अन्य हिस्सों में हमले कराने की कोशिश कर रहे हैं।

मिश्रा को मंगलवार को Gorakhpur से गिरफ्तार किया गया, जबकि अशरफ को बुधवार को Barabanki से पकड़ा गया।
इस मामले में एटीएस थाने में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
एटीएस के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर Shehzad Bhatti के संपर्क में थे। इसके अलावा उनके सहयोगियों Abid Jatt और Hammad से भी संपर्क था, जिनके आईएसआई से जुड़े होने की आशंका है।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स और ग्रुप चैट्स के जरिए इन हैंडलरों के संपर्क में थे।
उनके मोबाइल फोन से बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग, विदेशी नंबरों वाले व्हाट्सऐप ग्रुप्स की बातचीत और भारत विरोधी सामग्री वाले ऑडियो-वीडियो शामिल हैं।
एटीएस ने कहा, “इन बातचीतों से पुलिसकर्मियों और संवेदनशील संस्थानों पर हमले भड़काने की कोशिशों का संकेत मिलता है।”
पूछताछ के दौरान अशरफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने दूसरे राज्य में एक पुलिस थाने की रेकी की थी और उसका वीडियो तथा लोकेशन अपने हैंडलरों को भेजी थी।
उसने आतंकी हमला करने के लिए पैसे और हथियारों की भी मांग की थी। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसे गैंगस्टर आबिद जट्ट के पोस्टर छापकर प्रमुख स्थानों पर लगाने के निर्देश दिए गए थे।
वहीं कृष्णा मिश्रा के मोबाइल से ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर उसे और उसके साथियों को वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के निर्देश दे रहे हैं।
एक वीडियो क्लिप में कथित रूप से यह निर्देश दिया गया था कि किसी पुलिस अधिकारी को गोली मारकर उसका वीडियो सबूत के तौर पर भेजा जाए।
एटीएस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनसे पहली बार इंस्टाग्राम पर संपर्क किया गया था। उन्हें कार्यों को अंजाम देने के बदले प्रसिद्धि और आर्थिक लाभ का लालच दिया गया था।
एटीएस के बयान में कहा गया, “उन्हें कहा गया था कि यदि वे निर्देशों का पालन करेंगे तो भारत में उन्हें ‘हीरो’ बना दिया जाएगा।”
अशरफ के कब्जे से एटीएस ने एक 9 एमएम का देसी हथियार भी बरामद किया है।
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