अमृतसर में विरासत बचाने की नई पहल, INTACH ने छात्रों को संग्रहालयों से जोड़ने के लिए शुरू किया अभियान

विश्व संग्रहालय दिवस पर शुरू हुई जागरूकता मुहिम, युवाओं को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने पर जोर

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अमृतसर में विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर INTACH ने छात्रों और आम लोगों को संग्रहालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

अमृतसर की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश

अमृतसर, जहां हर गली और हर इमारत इतिहास की कहानी बयां करती है, वहां अब सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। विश्व संग्रहालय दिवस (18 मई) के अवसर पर इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) ने छात्रों को संग्रहालयों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की।

इस अभियान का मकसद युवाओं को यह समझाना है कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि इतिहास, बलिदान और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं।


छात्रों ने किया शहर के प्रमुख संग्रहालयों का दौरा

इतिहास और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर

इस पहल के तहत रियाड़की संस्थानों के छात्रों ने INTACH-अमृतसर संयोजक गगनदीप सिंह विर्क के साथ शहर के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण किया।

छात्रों ने:

  • महाराजा रणजीत सिंह समर पैलेस म्यूजियम
  • गोबिंदगढ़ फोर्ट म्यूजियम
  • लोक विरसा म्यूजियम
  • राम बाग
  • पार्टिशन म्यूजियम
  • पुलिस म्यूजियम

जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और शहर की विरासत को नजदीक से जाना।

विर्क ने कहा कि छात्रों की जिज्ञासा और इतिहास को समझने की उत्सुकता बेहद प्रेरणादायक रही।


अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय की तैयारी

INTACH और रियाड़की संस्थानों की संयुक्त योजना

रियाड़की संस्थानों ने INTACH-पंजाब के सहयोग से एक भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय की योजना भी तैयार की है।

इस संग्रहालय का उद्देश्य पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर, स्वतंत्रता आंदोलन, लोक कला और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तरीके से संरक्षित करना होगा।


संग्रहालयों को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी

INTACH-अमृतसर संयोजक गगनदीप सिंह विर्क ने बताया कि संगठन अब एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग संग्रहालयों तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि संग्रहालय तभी जीवित रहेंगे जब लोग वहां आकर इतिहास को महसूस करेंगे। जनभागीदारी ही विरासत संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है।


खराब रखरखाव पर भी जताई चिंता

विर्क ने पिछले वर्ष की उस घटना का जिक्र किया जब करोड़ों रुपये की लागत से बने महाराजा रणजीत सिंह समर पैलेस संग्रहालय में दिवाली के दिन खराब रखरखाव के कारण अंधेरा छाया रहा था।

उन्होंने इसे विरासत संरक्षण के प्रति लापरवाही का प्रतीक बताया।


विरासत संरक्षण के लिए सरकार और समाज दोनों जिम्मेदार

INTACH-पंजाब संयोजक मेजर जनरल बलविंदर सिंह ने कहा कि संगठन गांवों और शहरों तक विरासत की जानकारी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमृतसर की मिट्टी में इतिहास और बलिदान की कहानियां बसी हुई हैं, लेकिन यदि लोग संग्रहालयों तक नहीं पहुंचते तो यह केवल सरकारी उदासीनता नहीं बल्कि समाज की लापरवाही भी दर्शाता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार संग्रहालयों को पर्यटन योजनाओं से जोड़े तो विरासत संरक्षण अभियान को और मजबूती मिल सकती है।


Key Highlights:

  • INTACH ने विश्व संग्रहालय दिवस पर जागरूकता अभियान शुरू किया
  • छात्रों को अमृतसर के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण कराया गया
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनाने की योजना तैयार
  • युवाओं को इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर
  • संग्रहालयों को पर्यटन योजनाओं से जोड़ने की मांग

FAQ Section:

Q1. INTACH ने कौन-सा अभियान शुरू किया है?

INTACH ने छात्रों और आम लोगों को संग्रहालयों से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।

Q2. किन संग्रहालयों का दौरा कराया गया?

महाराजा रणजीत सिंह समर पैलेस, गोबिंदगढ़ फोर्ट और पार्टिशन म्यूजियम सहित कई प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण कराया गया।

Q3. अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

युवाओं को इतिहास, संस्कृति और विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना।

Q4. क्या नया संग्रहालय भी बनाया जाएगा?

हाँ, INTACH और रियाड़की संस्थानों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनाने की योजना तैयार की गई है।


Conclusion:

अमृतसर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की यह पहल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संग्रहालय केवल इतिहास की यादें नहीं बल्कि समाज की पहचान और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। INTACH का यह अभियान युवाओं में विरासत संरक्षण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।Screenshot_1455

Edited By: Karan Singh

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