पंजाब की लोक विरासत को नई पहचान दे रहे मंदर ब्रदर्स, पांच दशक पुरानी पारिवारिक परंपरा को बढ़ा रहे आगे

धाड़, सारंगी, तूम्बा और दोतारा की धुनों से युवा कलाकारों ने जगाई लोक संगीत की नई उम्मीद

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पंजाब के युवा कलाकार जसकंवर सिंह और नवकंवर सिंह, जिन्हें मंदर ब्रदर्स के नाम से जाना जाता है, अपने परिवार की लगभग 50 वर्ष पुरानी लोक वाद्य संगीत परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। दोनों भाई पारंपरिक लोक कला को आधुनिक मंचों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

लोक संगीत की विरासत को संजो रहे हैं मंदर ब्रदर्स

पंजाब की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को जीवित रखने का बीड़ा उठाया है युवा कलाकार भाइयों Jaskanwar Singh और Nawkanwar Singh ने। मंदर ब्रदर्स के नाम से प्रसिद्ध ये दोनों कलाकार अपने परिवार की लगभग पांच दशक पुरानी लोक वाद्य कला परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में जुटे हैं।

आज भले ही उनके कार्यक्रम आधुनिक वातानुकूलित सभागारों में आयोजित होते हों, लेकिन उनकी प्रस्तुति में वही लोक रंग और आत्मा दिखाई देती है जिसने कभी गांवों और मेलों में लोगों को मंत्रमुग्ध किया था।


मेला जराग दा से जुड़ी है पारिवारिक विरासत

Mela Jarag Da पंजाब के प्रसिद्ध लोक मेलों में से एक माना जाता है। कभी इस मेले में लोक वाद्य संगीत और पारंपरिक कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र हुआ करती थीं।

मंदर परिवार लंबे समय से इस लोक परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके दादा और पिता ने भी वर्षों तक लोक संगीत की सेवा की और अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।

आज भी राज्य के बुजुर्ग श्रोता मेला जराग दा की पुरानी यादों को इन प्रस्तुतियों के माध्यम से ताजा करते हैं।


कई पारंपरिक वाद्य यंत्रों में हासिल की महारत

जसकंवर और नवकंवर सिंह ने कई पारंपरिक पंजाबी लोक वाद्य यंत्रों में दक्षता हासिल की है।

जिन वाद्य यंत्रों में दोनों भाई पारंगत हैं:

  • धाड़ (Dhad)
  • सारंगी (Sarangi)
  • दोतारा (Do Tara)
  • तूम्बा (Toomba)

इसके अलावा दोनों भाइयों ने कविशरी, ढाडी गायन और लोक गायकी की परंपरागत शैलियों का भी गहन अध्ययन किया है।


परिवार से मिली प्रेरणा

दोनों भाइयों के पिता Navjot Mander Jarag बताते हैं कि उन्होंने स्वयं अपने पिता और घर आने वाले लोक कलाकारों से लोक संगीत के अनेक पहलू सीखे थे।

हालांकि उन्होंने इसे पूर्णकालिक पेशे के रूप में नहीं अपनाया, लेकिन अपने बेटों में लोक कला के प्रति स्वाभाविक रुचि और प्रतिभा देखकर उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।


कला के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास

नवजोत मंदर का मानना है कि लोक कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी साधन भी है।

उन्होंने कहा कि उनके बेटे अपनी प्रस्तुतियों के जरिए:

  • नशे के दुष्प्रभाव
  • अशिक्षा
  • लैंगिक भेदभाव
  • सामाजिक कुरीतियों

जैसे मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।


देश-विदेश के गुरुओं से ली शिक्षा

परिवार से शुरुआती प्रशिक्षण लेने के बाद दोनों भाइयों ने अपने कौशल को और निखारने के लिए अनुभवी कलाकारों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

वे Ustad Shadi Khan (मलेरकोटला) और Karanveer Kaler को अपना प्रमुख मार्गदर्शक मानते हैं, जिनसे उन्हें लोक संगीत की गहरी समझ और मंचीय प्रस्तुति की कला सीखने का अवसर मिला।


नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश

जहां आधुनिक संगीत और डिजिटल मनोरंजन का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं मंदर ब्रदर्स जैसे युवा कलाकार पंजाब की लोक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

उनका मानना है कि यदि पारंपरिक कला को आधुनिक मंच और नई प्रस्तुति शैली मिले तो युवा भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकते हैं।


Key Highlights:

  • मंदर ब्रदर्स पांच दशक पुरानी पारिवारिक लोक संगीत परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं
  • जसकंवर सिंह और नवकंवर सिंह पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के कलाकार हैं
  • मेला जराग दा की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है परिवार
  • धाड़, सारंगी, दोतारा और तूम्बा वादन में हासिल की महारत
  • लोक कला के जरिए सामाजिक जागरूकता फैलाने का प्रयास
  • उस्ताद शादी खान और करणवीर कलेर से प्राप्त किया मार्गदर्शन
  • नई पीढ़ी को पंजाबी लोक संस्कृति से जोड़ने की पहल

FAQ Section:

Q1: मंदर ब्रदर्स कौन हैं?

जसकंवर सिंह और नवकंवर सिंह दो युवा लोक कलाकार हैं जो पंजाब की पारंपरिक लोक संगीत विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

Q2: वे कौन-कौन से वाद्य यंत्र बजाते हैं?

वे धाड़, सारंगी, दोतारा और तूम्बा जैसे पारंपरिक पंजाबी लोक वाद्य यंत्रों में दक्ष हैं।

Q3: मेला जराग दा क्या है?

यह पंजाब का एक प्रसिद्ध पारंपरिक लोक मेला है, जो लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है।

Q4: उनके पिता का क्या योगदान है?

उनके पिता नवजोत मंदर जराग ने दोनों भाइयों को लोक कला के संरक्षण और प्रचार के लिए प्रेरित किया।

Q5: वे अपनी कला के माध्यम से क्या संदेश देते हैं?

वे नशा विरोध, शिक्षा और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करते हैं।


Conclusion:

मंदर ब्रदर्स की यात्रा केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रेरणादायक प्रयास है। आधुनिक दौर में पारंपरिक लोक कला को जीवित रखने की उनकी प्रतिबद्धता न केवल कला प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।Screenshot_2374

Edited By: Karan Singh

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