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शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग तेज, किसान मोर्चे के मंच पर पहुंचे विधायक सरवन सिंह धुन्न
संयुक्त किसान मोर्चा के ‘पक्का मोर्चा’ में किसानों ने सौंपा ज्ञापन, विधायक ने मुख्यमंत्री से मुद्दा उठाने का दिया भरोसा
खेमकरण विधायक सरवन सिंह धुन्न ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित ‘पक्का मोर्चा’ में पहुंचकर किसान नेताओं से मुलाकात की और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने के मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
शेरों सहकारी चीनी मिल को लेकर किसानों का आंदोलन जारी
Khemkaran के विधायक Sarwan Singh Dhunn शुक्रवार को Sanyukt Kisan Morcha द्वारा आयोजित ‘पक्का मोर्चा’ में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसान नेताओं से बातचीत की और किसान संगठनों की ओर से सौंपा गया ज्ञापन स्वीकार किया।
किसानों ने लंबे समय से बंद पड़ी शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री के समक्ष मुद्दा उठाने का भरोसा
विधायक सरवन सिंह धुन्न ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह शेरों सहकारी चीनी मिल को पुनः चालू कराने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पहले भी विधानसभा में उठा चुके हैं और एक बार फिर सरकार के समक्ष इसे मजबूती से रखेंगे।
किसान नेताओं ने रखी अपनी मांग
मोर्चे को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े कई नेताओं ने मिल को पुनः शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करने वालों में:
- Daljit Singh Dayalpura
- Sukhdev Singh Tur
- Harjinder Singh Tanda
- Nachhattar Singh Pannu
- Tarsem Singh Luhar
- Balkar Singh Valtoha
- Bhupinder Singh Pandori
शामिल रहे।
NHAI मुआवजे से मिल दोबारा शुरू करने का दावा
किसान नेताओं का कहना है कि शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने के लिए सरकार को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले National Highways Authority of India (NHAI) पहले ही मिल के खाते में 9 करोड़ रुपये का मुआवजा जमा करा चुका है।
किसान नेताओं के अनुसार, इस राशि के उपलब्ध होने से मिल को पुनः शुरू करने में अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता नहीं होगी।
किसानों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की
मोर्चे में शामिल किसान संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग करते हुए कहा कि मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
Key Highlights:
- खेमकरण विधायक सरवन सिंह धुन्न ‘पक्का मोर्चा’ में पहुंचे
- किसान संगठनों ने शेरों सहकारी चीनी मिल को पुनः शुरू करने की मांग उठाई
- विधायक ने मुख्यमंत्री से मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया
- किसान नेताओं ने ज्ञापन सौंपा
- NHAI द्वारा 9 करोड़ रुपये मुआवजे की राशि मिल खाते में जमा होने का दावा
- किसानों ने कहा, मिल शुरू करने में सरकार को अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा
- संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया
FAQ Section:
Q1: ‘पक्का मोर्चा’ का आयोजन किसने किया?
संयुक्त किसान मोर्चा ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया।
Q2: किसानों की मुख्य मांग क्या है?
शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग की जा रही है।
Q3: विधायक सरवन सिंह धुन्न ने क्या आश्वासन दिया?
उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर समाधान का प्रयास करेंगे।
Q4: किसान नेताओं ने NHAI को लेकर क्या दावा किया?
उन्होंने कहा कि NHAI ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में मिल के खाते में 9 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
Q5: मिल शुरू होने से किसे फायदा होगा?
क्षेत्र के गन्ना किसानों और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं आर्थिक लाभ मिलेगा।
Conclusion:
शेरों सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। विधायक सरवन सिंह धुन्न के समर्थन और मुख्यमंत्री से मुद्दा उठाने के आश्वासन ने किसानों की उम्मीदें बढ़ाई हैं। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि इस फैसले का सीधा असर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

